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4500 साल पुराने पिरामिड में मिला बड़ा राज! अंदर मिले दो ‘खाली कमरे’, क्या यहां था सीक्रेट एंट्रेंस?

Updated at : 10 Nov 2025 2:41 PM (IST)
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Menkaure Pyramid Discovery

मेनकौरे पिरामिड

Menkaure Pyramid Discovery: गीजा के मेनकौरे पिरामिड में दो गुप्त खाली जगहें मिलीं. स्कैन तकनीक से खुलासा हुआ कि यह एक छिपे प्रवेश द्वार या सुरंग का सुराग हो सकता है. इस जांच में रोबोट लगाए जाएंगे.

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Menkaure Pyramid Discovery: गीजा के तीन प्रमुख पिरामिडों में सबसे छोटा है मेनकौरे पिरामिड, लेकिन रहस्य और उत्सुकता के मामले में यह सबसे बड़ा साबित हो रहा है. वैज्ञानिकों ने पिरामिड के अंदर दो छुपी हुई ‘खाली जगहों’ (voids) का पता लगाया है, जो एक ऐसे गुप्त प्रवेश द्वार की ओर इशारा कर सकती हैं, जिसकी खोज विशेषज्ञ वर्षों से कर रहे हैं. लगभग 4500 साल पहले (लगभग 2510 ईसा पूर्व) चौथे राजवंश के दौरान बनाया गया यह पिरामिड, राजा मेनकौरे की समाधि माना जाता है.

Menkaure Pyramid Discovery: स्कैन तकनीक से खुला राज

यह खोज Scan Pyramids Project के तहत हुई, जिसमें काहिरा यूनिवर्सिटी और जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिक (TUM) के शोधकर्ता शामिल हैं. टीम ने पिरामिड के अंदर झांकने के लिए तीन आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जियो-रडार, अल्ट्रासाउंड और इलेक्ट्रिकल रेजिस्टेंस टोमोग्राफी. बिना पिरामिड को नुकसान पहुंचाए की गई इस स्कैनिंग में दो हवा भरी खाली जगहों का पता चला. पहली खाली जगह लगभग 4.6 फीट गहरी, 3.2 फीट ऊंची और 4.9 फीट चौड़ी है. दूसरी जगह 3.7 फीट गहरी, 3 फीट ऊंची और 2.3 फीट चौड़ी है.

TUM के प्रोफेसर क्रिश्चियन ग्रॉसे के अनुसार, बिना ड्रिल किए इतनी सटीक जानकारी मिलना मिस्र की पुरातत्व रिसर्च में एक मील का पत्थर है. उन्होंने कहा, “पिछले साल खुफू पिरामिड में एक नया कक्ष मिला था, और यह खोज एक और बड़ी उपलब्धि है. मिस्र के पिरामिड अभी भी कई रहस्य समेटे हुए हैं.”

Menkaure Pyramid Discovery: ग्रेनाइट दीवार के पास मिला संकेत

दोनों खाली जगहें पिरामिड के पूर्वी हिस्से में मिली हैं. वहीं पर 13 फीट ऊंची और 20 फीट चौड़ी एक दीवार है, जो बेहद चिकने और सुंदर ग्रेनाइट ब्लॉक्स से बनी है. ऐसे फिनिशिंग वाले ग्रेनाइट ब्लॉक अब तक केवल पिरामिड के मुख्य प्रवेश (उत्तरी हिस्से) पर पाए गए थे. इससे यह शक और गहरा हो जाता है कि इस पूर्वी हिस्से में कोई छुपा हुआ रास्ता हो सकता है.2019 में शोधकर्ता स्टीन वैन डेन होवन ने सुझाव दिया था कि इस पिरामिड में एक दूसरा गुप्त प्रवेश द्वार भी हो सकता है. नई खोज उनके दावे को और मजबूती देती है.

क्या यह रास्ता किसी छिपी सुरंग या वस्तु तक जाता है?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खाली जगहें किसी गुप्त मार्ग, बंद सुरंग, या सदियों से सील किसी प्राचीन वस्तु (artefacts) तक पहुंचने का सुराग हो सकती हैं. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि मेनकौरे पिरामिड में केवल एक ही नहीं, बल्कि दो प्रवेश द्वार हो सकते हैं एक जो आज दिखता है, और दूसरा जिसे हजारों साल पहले बंद कर दिया गया था. मिस्र के Ministry of Antiquities ने बताया है कि आने वाले महीनों में इन खाली जगहों की और जांच की जाएगी. इसके लिए रोबोटिक ड्रोन और फाइबर-ऑप्टिक कैमरे पिरामिड के भीतर भेजे जाएंगे, ताकि बिना पत्थर हटाए इन जगहों के अंदर की स्पष्ट तस्वीर मिल सके.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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