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ब्रिटेन के लिए बड़ा झटका! चीन बना रहा सुपरसोनिक फाइटर पायलटों के लिए सुरक्षित कॉकपिट, हादसे में भी रहेगा जिंदा

Updated at : 10 Nov 2025 12:42 PM (IST)
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China Develops Ejectable Cockpit for supersonic Fighter pilots/ Ai Image

इजेक्टेबल कॉकपिट का एआई से इमेज बनाया गया है.

China Develops Ejectable Cockpit: चीन ने सुपरसोनिक फाइटर जेट्स के लिए इजेक्टेबल कॉकपिट विकसित किया, जो पायलट को हाई-स्पीड हादसों में सुरक्षित उतार सके. यह तकनीक पायलट सुरक्षा में क्रांति ला सकती है और ब्रिटेन समेत वैश्विक सैन्य ताकतों के लिए चुनौती बन सकती है. जानें कैसे यह मॉड्यूलर एस्केप सिस्टम भविष्य की एयर स्ट्रैटेजी बदल सकता है.

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China Develops Ejectable Cockpit: चीन एक नया तकनीकी प्रयोग कर रहा है, जिसमें सुपरसोनिक फाइटर जेट्स के पायलट्स के लिए एक इजेक्टेबल कॉकपिट विकसित किया जा रहा है. इसका मतलब है कि अगर विमान हाई-स्पीड में दुर्घटना का सामना करता है, तो पूरा कॉकपिट पायलट के साथ अलग हो जाएगा और उसे सुरक्षित उतारने में मदद करेगा. चीन ने इस विकास से जुड़े कई रिसर्च पेपर और टेस्ट फ्लाइट की तस्वीरें भी जारी की हैं. हालांकि, इस तकनीक को ब्रिटेन के लिए चुनौती माना जा रहा है.

पायलट सुरक्षा में सुधार

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन का यह प्रयास पायलट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए है. यह तकनीक सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक जेट्स में इस्तेमाल की जा सकती है. भविष्य में ये हाई-स्पीड विमान नागरिक इलाकों में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इसका उद्देश्य एक ऐसा मॉड्यूलर एस्केप सिस्टम बनाना है, जो उड़ान के दौरान पायलट को विमान से अलग कर सुरक्षित उतार सके.

China Develops Ejectable Cockpit: ब्रिटेन की मार्टिन-बेकर को चुनौती

अब तक सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और चीन की कंपनियां ही इजेक्शन सीट बनाती हैं. ब्रिटेन की मार्टिन-बेकर कंपनी इस क्षेत्र में सबसे आगे मानी जाती है. इसने अब तक 93 देशों की एयर फोर्सेस के लिए 70,000 से अधिक ईजेक्शन सीटें बनाई हैं. नवंबर 2025 तक मार्टिन-बेकर की सीटों ने 7,802 लोगों की जानें बचाई हैं. कंपनी ने 30 मई 1949 से अपने ईजेक्शन डेटा को इकट्ठा करना शुरू किया था.

मार्टिन-बेकर केवल उन इजेक्शन की गिनती अपडेट करता है, जिनमें पायलट सफलतापूर्वक सीट से बाहर निकलते हैं. असफल ईजेक्शन या युद्ध में खोए विमान का डेटा कंपनी सार्वजनिक रूप से नहीं देती. संवेदनशील ऑपरेटर डिप्लॉयमेंट की वजह से मार्टिन-बेकर को ईजेक्शन की जानकारी स्वतः नहीं मिलती. इसके लिए वे आधिकारिक संचार या पुष्टि किए गए हादसे की रिपोर्ट पर निर्भर रहते हैं.

चीन का इजेक्टेबल कॉकपिट विकास

चीन लंबे समय से हाई-स्पीड सुपरसोनिक उड़ानों के लिए इजेक्टेबल कॉकपिट पर काम कर रहा है. एक चीनी रिसर्च पेपर ने Gaobeidian राडार रेंज में एक रहस्यमयी टेस्ट ऑब्जेक्ट की ओर ध्यान खींचा. विश्लेषकों का मानना है कि यह शोध उच्च-सुपरसोनिक विमान के लिए किया जा रहा है, जिसमें पूरी कॉकपिट मॉड्यूल पायलट सहित अलग होकर उड़ान के दौरान सुरक्षित उतर सके.

टेक्नोलॉजी और ग्लोबल चुनौती

यह नई तकनीक चीन को पायलट सुरक्षा में बड़ा फायदा दे सकती है और साथ ही वैश्विक सैन्य तकनीक में ब्रिटेन और अन्य देशों के लिए चुनौती पेश कर सकती है. हाई-स्पीड जेट्स के लिए यह मॉड्यूलर एस्केप सिस्टम भविष्य की लड़ाकू विमानन रणनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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