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गुमला ट्रिपल मर्डर में 'न्याय': लोहे की रॉड से तीन को उतारा था मौत के घाट, अब ताउम्र सलाखों के पीछे रहेगा हत्यारा

Updated at : 18 Feb 2026 9:53 PM (IST)
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Gumla Triple Murder Case

गुमला कोर्ट

Gumla Triple Murder Case: गुमला के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विपता उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सितंबर 2021 में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते बसमनी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी.

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Gumla Triple Murder Case, गुमला (दुर्जय पासवान): गुमला में ट्रीपल मर्डर केस में आखिरकार पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल चुका है. करीब पांच साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जिले की एडीजे-वन अदालत ने आरोपी विपता उरांव को तीन हत्याओं का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह ऐतिहासिक फैसला एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने सुनाया. ये घटना 25 सितंबर 2021 की रात करीब आठ बजे की है.

आरोपी विपता उरांव रॉड से मारकर तीन लोगों को उतारा था मौत के घाट

रात्रि के वक्त सिकंदर कुजूर को फोन पर सूचना मिली कि उसकी मौसी बसमनी देवी के घर में मारपीट हो रही है. सूचना मिलते ही वह गांव की ओर दौड़ा, लेकिन वहां पहुंचने पर जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया. आरोपी विपता उरांव ने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर बसमनी देवी, सोमारी देवी (55 वर्ष) और बंधन उरांव (60 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी थी. घर के आंगन में खून से सना दृश्य देख ग्रामीण सन्न रह गये थे.

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किन वजहों से खेली गयी खून की होली

स्थानीय लोगों के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपी चिल्ला रहा था कि जब वह बाहर कमाने गया था, तब उसकी तबीयत खराब करने के लिए यही लोग जिम्मेदार थे. इसी रंजिश में उसने खून की होली खेली. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया. आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की गई, जिसमें कई अहम साक्ष्य जुटाए गये. अदालत में केस लंबे समय तक चला. सरकार की तरफ से वकील अजय कुमार रजक ने गवाहों की बात, डॉक्टर की रिपोर्ट और दूसरे सबूत दिखाकर अदालत को साफ-साफ बताया कि आरोपी ही अपराधी है. अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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