ईरान की चेतावनी: अगर गलती से भी यहां हमला हुआ तो GCC में भयानक होंगे हालात, रूस ने अपने 198 लोग निकाले

Updated at : 05 Apr 2026 12:33 PM (IST)
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Iran warns radioactive contamination risk GCC Bushehr nuclear plant strike Russia Evacuates .

ईरान का बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट. फोटो- एक्स.

Iran Bushehr Nuclear Plant Attack: ईरान युद्ध का सबसे बड़ा खतरा परमाणु हादसे का है. ईरान के बुशेहर पावर प्लांट पर अमेरिका और इजरायल ने चौथी बार हमला किया है. ईरानी विदेश मंत्री ने यूएन महासचिव को इस बाबत पत्र लिखकर चेतावनी दी है.

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Iran Bushehr Nuclear Plant Attack: ईरान युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट पैदा हो गया है. यह ऐसी कमी है, जो अन्य जगहों से पूरी की जा सकती है.  लेकिन, ईरान ने इस जंग के सबसे बड़े खतरे के प्रति आगाह किया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास ताजा हमलों के बाद रेडियो एक्टिव प्रदूषण के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस को पत्र लिखकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा की.

अराघची ने अपना पत्र टेलीग्राम पर साझा किया.  इसमें उन्होंने कहा कि देश के एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशेहर के आसपास बार-बार हो रहे हमले पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर मानवीय और पर्यावरणीय खतरा पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सक्रिय बुशेहर संयंत्र के पास लगातार हमलों ने असहनीय स्थिति बना दी है. उन्होंने आगाह किया कि अगर रेडियोलॉजिकल रिसाव हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम ईरान की सीमाओं से बाहर भी महसूस किए जाएंगे. 

एक अलग पोस्ट में अराघची ने दावा किया कि बुशेहर संयंत्र पर चार बार हमले किए जा चुके हैं. उन्होंने यूक्रेन में जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास दुश्मनी को लेकर पश्चिमी देशों का गुस्सा याद है? उन्होंने आगे कहा कि अगर रेडियोएक्टिव प्रभाव (फॉलआउट) होता है, तो इसका खतरा तेहरान से अधिक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों की राजधानियों पर पड़ेगा. उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बारे में नाराजगी जाहिर करते हुए यह भी कहा कि हमारे पेट्रोकेमिकल्स पर हमले भी असली मकसद बताते हैं.

IAEA ने भी चेतावनी

इंटरनेशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने बताया कि ईरान ने उसे हमले की सूचना दी है. उसने कहा कि शनिवार सुबह बुशेहर संयंत्र परिसर के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा. हाल के हफ्तों में यह चौथी ऐसी घटना है. एजेंसी के अनुसार, इस हमले में साइट की सुरक्षा टीम के एक सदस्य की प्रोजेक्टाइल के टुकड़ों से मौत हो गई, जबकि एक इमारत को झटकों और मलबे से नुकसान पहुंचा. हालांकि, एजेंसी ने यह भी कहा कि रेडिएशन स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है.

IAEA के महानिदेशक राफेल मारिआनो ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि सहायक ढांचों में भी महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण हो सकते हैं. उन्होंने अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील दोहराई और संघर्ष के दौरान परमाणु सुरक्षा के सात सिद्धांतों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया.

फिलहाल कोई खतरा नहीं

ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले से संयंत्र के मुख्य हिस्सों को नुकसान नहीं पहुंचा और बिजली उत्पादन सामान्य बना हुआ है. ईरान के खाड़ी तट पर स्थित बुशेहर देश का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है.

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रूस लगातार निकाल रहा अपने कर्मचारी

इस घटना के मद्देनजर, रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम (Rosatom) ने शनिवार को ईरान के बुशहर न्यू्क्लियर पॉवर प्लांट से अपने 198 और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार, रोसाटॉम फरवरी के अंत में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस संयंत्र से अपने कर्मचारियों को लगातार निकाल रही है. शनिवार को किया गया यह निकासी अभियान पहले से ही तय था. 

रोसाटॉम के प्रमुख अलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि संयंत्र के आसपास की स्थिति सबसे खराब संभावित परिदृश्य के अनुसार विकसित हो रही है. रोसाटॉम ने कहा कि उसने संयंत्र के आसपास की स्थिति के बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी सूचित कर दिया है.

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रूस ने कहा- यहां कभी भी हमला नहीं होना चाहिए

एक बयान में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि मॉस्को अंतरराष्ट्रीय समुदाय और आम जनता को यह बताने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है कि संयंत्र के आसपास की स्थिति खतरनाक स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी है. मंत्रालय ने IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने हमले पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण ढांचे को कभी भी सैन्य हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.

मॉस्को ने जोर देकर कहा कि ये गैरकानूनी और लापरवाह कार्रवाइयां उन देशों की अंतरराष्ट्रीय छवि पर अमिट दाग हैं, जिन्होंने बुशेहर संयंत्र और IAEA की निगरानी में आने वाली अन्य ईरानी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया. जखारोवा ने कहा कि अब वे किसी भी नियम या प्रतिबंध को नहीं मानते.

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समीक्षा सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएगा रूस

रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मॉस्को को उम्मीद है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से परमाणु अप्रसार संधि व्यवस्था को हुए नुकसान का 27 अप्रैल को होने वाले समीक्षा सम्मेलन में निष्पक्ष और गहन मूल्यांकन किया जाएगा. शनिवार को हुए हमलों में बुशेहर परमाणु संयंत्र के अलावा ईरान के कई पेट्रोकेमिकल केंद्रों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें माहशाहर और बंदर इमाम के विशेष पेट्रोकेमिकल क्षेत्र शामिल हैं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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