ईरान-इजरायल जंग: बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हमला, खाड़ी देशों पर मंडराया रेडिएशन का खतरा

तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची.
Iran-Israel War: ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर हुए हमले ने खाड़ी देशों की नींद उड़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि जहरीले रेडिएशन से अरब देशों का पीने का पानी खत्म हो सकता है. जहां ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, वहीं WHO ने आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है.
Iran-Israel War: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर चौथी बार हमला किया है. इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी दी है कि यह हमला पूरे मिडिल ईस्ट के लिए बड़ी तबाही ला सकता है. उन्होंने कहा कि अगर यहां से रेडियोएक्टिव रेडिएशन (जहरीली किरणें) फैलती हैं, तो इसका सबसे बुरा असर तेहरान पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों पर पड़ेगा.
अरब देशों की बढ़ेगी टेंशन
अल जजीरा से बातचीत में मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट एलन एयर ने बताया कि बुशहर प्लांट की लोकेशन ऐसी है कि वहां हादसा होने पर समुद्री लहरें और हवाएं जहरीले मलबे को पश्चिम की तरफ ले जाएंगी. इससे अरब देशों के पानी साफ करने वाले (डिसेलिनेशन) प्लांट्स ठप हो सकते हैं. अगर पानी में रेडिएशन फैल गया, तो इन देशों के पास पीने के पानी का कोई दूसरा जरिया नहीं बचेगा. यह खतरा चेरनोबिल जैसा जानलेवा तो नहीं होगा, लेकिन पानी का संकट पैदा कर देगा.
Remember the Western outrage about hostilities near Zaporizhzhia Nuclear Power Plant in Ukraine?
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 4, 2026
Israel-U.S. have bombed our Bushehr plant four times now. Radioactive fallout will end life in GCC capitals, not Tehran.
Attacks on our petrochemicals also convey real objectives. pic.twitter.com/onGCgkJFjt
ईरान ने UN को लिखा पत्र
अब्बास अराघची ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) को एक चिट्ठी भेजी है. इसमें उन्होंने लिखा है कि बार-बार हो रहे इन हमलों से पर्यावरण और इंसानों को गंभीर नुकसान हो सकता है. अराघची ने पश्चिमी देशों को घेरते हुए कहा कि जब यूक्रेन के जेपोरिजिया प्लांट के पास हमला हुआ था, तब दुनिया भर में शोर मचा था, लेकिन ईरान के मामले में सब चुप हैं.
IAEA और WHO ने जताई गहरी चिंता
इंटरराष्ट्रीय न्यूक्लियर ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के चीफ राफेल ग्रोसी ने हमले पर दुख जताया है. IAEA की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हुए इस मिसाइल हमले में प्लांट के पास एक कर्मचारी की मौत हो गई है. वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अढानोम घेब्रेयेसस ने एक्स पर लिखा कि न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से ऐसी दुर्घटना हो सकती है, जिसका असर आने वाली कई पीढ़ियों तक रहेगा.
I join the @iaeaorg in raising the alarm again over the safety of nuclear facilities in #Iran.
— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) April 5, 2026
The latest incident involving the Bushehr nuclear power plant is a stark reminder: a strike could trigger a nuclear accident, with health impacts that would devastate generations.… https://t.co/mvFRC23EpT
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ट्रंप की 48 घंटे की डेडलाइन
रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी ‘रोसाटॉम’ के मुताबिक, हमले के बाद वहां से 198 कर्मचारियों को निकाला गया है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के पास डील करने के लिए सिर्फ 48 घंटे बचे हैं, वरना उसे बड़े अंजाम भुगतने होंगे. दूसरी तरफ, इजरायल के तेल अवीव में शनिवार को सैकड़ों लोगों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ‘बम नहीं, बात करो’ के नारे लगाते हुए जंग रोकने की मांग की.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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