ईरान बोला- हमारे दुश्मनों के लिए बंद है होर्मुज, ट्रंप की धमकी- रास्ता खोलो वरना झेलना होगा नर्क

Author Govind jee
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Iran US Conflict hormuz strait trump warning deadline

समुद्र से गुजरते टैंकर शिप की तस्वीर; दाईं ओर गोले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

Iran-US Conflict: ईरान-अमेरिका के बीच जंग का खतरा बढ़ा. डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खोलने का अल्टीमेटम दिया है, वरना ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की चेतावनी दी है. वहीं, ईरान ने साफ किया कि रास्ता सिर्फ दुश्मनों के लिए बंद है और भारतीय जहाज वहां से सुरक्षित गुजर सकते हैं.

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Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब आर-पार की जंग में बदलता दिख रहा है. भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को साफ कर दिया कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ ईरान के दुश्मनों के लिए पूरी तरह बंद है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बाकी देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की पूरी आजादी है.

ईरान का कहना है कि युद्ध रोकने का जिम्मा अमेरिका का 

एएनआई को दिए इंटरव्यू में हकीम इलाही ने बताया कि अभी भी कुछ भारतीय जहाज होर्मुज से सुरक्षित गुजरे हैं और आगे भी ऐसा होता रहेगा. उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग को रोकना उन देशों के हाथ में है जिन्होंने इसे शुरू किया है. इलाही के मुताबिक, अगर ईरान पर हमले बंद हो जाएं तो युद्ध खत्म हो सकता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरें गलत हैं. अमेरिका बस तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए कुछ देशों का इस्तेमाल करना चाहता है.

ट्रंप का ‘डेडलाइन’ वाला अल्टीमेटम: मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट पर हमले की तैयारी

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के पास होर्मुज का रास्ता खोलने या डील करने के लिए अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं. ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा है कि मंगलवार को ईरान में ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ मनाया जाएगा. या तो रास्ता खोलो, वरना नर्क में रहने के लिए तैयार रहो. ट्रंप के मुताबिक, सोमवार 6 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक की ही मोहलत ईरान के पास बची है.

कैसे शुरू हुआ विवाद? 

यह पूरा विवाद 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर मिलिट्री स्ट्राइक की थी. इस हमले में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. इस वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई चेन टूट गई है और ग्लोबल इकोनॉमी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

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ट्रंप की ‘पॉज’ डिप्लोमेसी और 48 घंटे का आखिरी समय

ट्रंप ने इससे पहले 26 मार्च को कहा था कि ईरान सरकार की रिक्वेस्ट पर उन्होंने हमलों को 10 दिनों के लिए टाला है ताकि बातचीत हो सके. ट्रंप ने शनिवार को फिर याद दिलाया कि 10 दिन का समय खत्म होने वाला है और अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं. अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के एनर्जी ठिकानों और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को पूरी तरह तबाह कर देगा. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें 6 अप्रैल की डेडलाइन पर टिकी हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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