हाथ में पिस्टल, सीने में हौसला: रेस्क्यू से पहले ईरान के पहाड़ों में कैसे छिपा रहा अमेरिकी जांबाज?

ईरान के खतरनाक पहाड़ों में घायल अमेरिकी एयरमैन की एआई से बनाई गई इमेज.
US Airman Rescue Iran: दुश्मन की सरजमीं पर 7,000 फीट ऊंचे पहाड़ की दरार में छिपे अमेरिकी जांबाज को बचाने के लिए नेवी सील टीम सिक्स ने खौफनाक मिशन को अंजाम दिया. सीआईए की चालाकी और घातक विमानों के कवर के बीच हुए इस रेस्क्यू ने ईरान को भी हैरान कर दिया.
US Airman Rescue Iran: ईरान के खतरनाक पहाड़ों के बीच, दुश्मन की धरती पर सिर्फ एक पिस्टल के सहारे 36 घंटे तक अपनी जान बचाने वाले अमेरिकी एयरमैन की कहानी सामने आई है. रविवार को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने एक बेहद साहसी मिशन चलाकर इस जांबाज को ईरान के कब्जे में जाने से पहले बचा लिया.
36 घंटों तक मौत को दिया चकमा
ईरान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौजूद कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत के पथरीले पहाड़ों में यह रेस्क्यू मिशन चला. रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायल होने के बावजूद यह अमेरिकी अफसर ईरानी फौज की नजरों से बचकर छिपा रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है.
कैसे गिरा फाइटर जेट?
यह पूरा मामला 3 अप्रैल को शुरू हुआ, जब एक एडवांस्ड F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को एक मिसाइल से मार गिराया गया. विमान में दो लोग सवार थे. पायलट को क्रैश के तुरंत बाद बचा लिया गया था, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर (वेपन्स सिस्टम ऑफिसर) लापता था. इस विमान का इजेक्शन सिस्टम इतना पावरफुल होता है कि बाहर निकलते वक्त रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का खतरा रहता है. वह एयरमैन घायल था, फिर भी पैदल चलकर पहाड़ों में ओझल हो गया.
ईरानी फौज और आम लोग कर रहे थे तलाश
ईरान की सरकार ने इस अमेरिकी जांबाज को पकड़ने के लिए अपनी फौज के साथ-साथ स्थानीय लोगों और कबीलों को भी लगा दिया था. उसे ढूंढने वाले को ईनाम देने का लालच भी दिया गया. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी दिखे जिसमें लोग उसे ढूंढते नजर आए. लेकिन वह एयरमैन एक पहाड़ की दरार में छिप गया और बाद में घायल हालत में ही 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गया ताकि उसे वहां से रेस्क्यू किया जा सके.
ट्रंप ने जांबाज को बताया ‘बेहद सम्मानित कर्नल’
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस एयरमैन को ‘बेहद सम्मानित कर्नल’ बताया. ट्रंप के अनुसार, ईरानी फौज बड़ी संख्या में उसकी तलाश कर रही थी और उसके काफी करीब पहुंच चुकी थी. ट्रंप ने बताया कि पायलट को शुक्रवार को दिन के उजाले में बचाया गया था, जबकि वेपन्स ऑफिसर को बचाने के लिए दूसरा बड़ा ऑपरेशन रविवार को चलाया गया. अब इस जांबाज को इलाज के लिए कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर भेजा गया है.
नेवी सील टीम सिक्स ने इस मिशन को अंजाम दिया
‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेस्क्यू को नेवी सील टीम सिक्स (Navy SEAL Team Six) ने अंजाम दिया. यह वही यूनिट है जिसने ओसामा बिन लादेन को मारा था. ऑपरेशन के दौरान ईरान के अंदर एक बेस पर दो अमेरिकी विमानों में खराबी भी आई, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया ताकि वे ईरान के हाथ न लगें. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, एयरमैन ने अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए मलबे से दूरी बनाई और ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने सिग्नल बीकन का इस्तेमाल बहुत कम किया.

सीआईए ने ईरान को ऐसे उलझाया
‘सीबीएस न्यूज’ और ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने बड़ा रोल निभाया. सीआईए ने ईरान के अंदर यह अफवाह फैला दी कि अमेरिका ने अपने जवान को ढूंढ लिया है और उसे जमीन के रास्ते बाहर ले जा रहे हैं. जब ईरानी फौज इस गलत सूचना के पीछे भाग रही थी, तब सीआईए ने अपनी खास तकनीक से पहाड़ की दरार में छिपे एयरमैन की सही लोकेशन पता कर पेंटागन और व्हाइट हाउस को दे दी.
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ईरान का पलटवार
ईरान की IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने अमेरिका के इन दावों को खारिज किया है. ईरान का दावा है कि उन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान दो C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर गिराए हैं, हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है. इधर, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का रास्ता नहीं खोला तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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