ईरान ने अमेरिका की खिल्ली उड़ाई, फोटो शेयर कर बोला; लो हो गया रिजीम चेंज...

Updated at : 05 Apr 2026 8:07 AM (IST)
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Iran Mocks US on Regime Change after Several US Military Forced Retirement.

ईरानी एंबेसी द्वारा शेयर की गई इमेज. फोटो- एक्स.

Iran Mocks US: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेहरान में सत्ता परिवर्तन की बातों का मजाक उड़ाया है. दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने फोटोज शेयर कर अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में फेरबदल को रिजीम चेंज करार दिया है.

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Iran Mocks US on Regime Change: ईरान युद्ध में अब तक कई नेता मारे जा चुके हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन जैसा कोई स्पष्ट नतीजा नहीं दिख रहा है. ईरान में नेतृत्व के स्तर पर वैसे तो बहुत कुछ बदला है, लेकिन वह अमेरिका को खिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. एक बार फिर उसने  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाया है. क्योंकि वह तेहरान में रेजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) की बात लगातार कर रहे हैं. वॉशिंगटन डीसी में हो रही हलचल पर ईरान ने अमेरिका की खिल्ली उड़ाई है.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यह खबर सामने आई कि अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को ‘जबरन’ हटा दिया गया. उनसे अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पद से हटने के लिए कहा. इसके बाद साउथ अफ्रीका में ईरान की एंबेसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स ने तंज कसते हुए लिखा, “रेजीम चेंज सफलतापूर्वक हो गया.”

ईरानी दूतावास ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व की हालिया बैठक की तस्वीरें साझा कीं हैं, जिनमें कुछ लोगों पर निशान लगाए गए थे, हालांकि ये निशान हटाए गए अधिकारियों से पूरी तरह मेल नहीं खाते थे. तस्वीर के साथ कैप्शन था- रेजीम चेंज सफलतापूर्वक हो गया. इसके साथ ट्रंप का नारा MAGA और हंसने वाली इमोजी भी जोड़ी गई.

कई सैन्य लीडरशिप को ट्रंप प्रशासन ने किया ‘फायर’

गुरुवार को पेंटागन ने न केवल जॉर्ज को हटाया, बल्कि अन्य अमेरिकी जनरलों डेविड होडने और विलियम ग्रीन जूनियर को भी पद से हटा दिया. जनरल जॉर्ज को हटाया जाना पेंटागन में व्यापक नेतृत्व बदलाव का हिस्सा है. इसमें पिछले साल जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के पूर्व चेयरमैन एयर फोर्स जनरल सीक्यू ब्राउन को हटाया जाना भी शामिल है. इसके साथ ही नेवल ऑपरेशंस के प्रमुख और एयर फोर्स के वाइस-चीफ को भी पद से हटाया गया था.

हटाने की वजह स्पष्ट नहीं

अमेरिकी रक्षा विभाग ने जनरल जॉर्ज को हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है. अमेरिकी टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जॉर्ज का हटना ईरान में संभावित जमीनी कार्रवाई को लेकर आंतरिक मतभेदों से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. खुद जॉर्ज ने भी इस पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है.

हालांकि, ईरान युद्ध के बीच ऐसा करना थोड़ा हैरानी भरा है. अमेरिकी सेना में करीब 4.5 लाख सक्रिय सैनिक हैं. इनमें से बड़ी संख्या पश्चिम एशिया में रक्षात्मक भूमिका में तैनात है, खासकर एयर डिफेंस सिस्टम की सुरक्षा के लिए. वहीं, इस क्षेत्र में ज्यादातर हमले नौसेना और वायुसेना द्वारा किए गए हैं. हाल ही में सेना की एलीट 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक इलाके में पहुंचने लगे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान में जमीनी अभियान की तैयारी हो सकती है.

ट्रंप कैबिनेट में भी चल रहा ‘शेक-अप’

अमेरिका में सैन्य नेतृत्व के साथ ही कैबिनेट स्तर पर भी बड़े बदलाव हो रहे हैं. पिछले महीने होमलैंड सिक्योरिटी की चीफ क्रिस्टी नोएम को हटाया गया. इसके बाद नेशनल डायरेक्टर जो केंट ने ट्रंप की ईरान नीति की वजह से इस्तीफा दे दिया. वहीं इस महीने ट्रंप प्रशासन में अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को भी कथित तौर पर एपस्टीन फाइल्स के गलत प्रबंधन के आरोपों के चलते पद से हटा दिया गया. इनके साथ ही अब एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और इंटेलीजेंस चीफ तुलसी गबार्ड के भी हटाए जाने की चर्चा है. 

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अमेरिका और इजरायल ने पहले हमले में ही लीडरशिप समाप्त की थी

अमेरिका और इजरायल ने ईरान की सत्ता को बेहद क्रूर बताते हुए 28 फरवरी को हमला किया. इस अटैक में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत लगभग 40-48 शीर्ष नेता मारे गए थे. इसके बाद से दोनों पक्ष खबर लिखे जाने तक युद्ध में हैं. अमेरिका और इजरायल ने अपने कई लक्ष्यों में से एक ईरान में सत्ता परिवर्तन को भी अपना एक टारगेट बनाया है. 

ईरान युद्ध: दुनिया के लिए संकट

अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान को किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर आर्म्ड नेशन नहीं बनने देना चाहते. इसको लेकर ही यह युद्ध इतने चरम पर पहुंचा है, जिसमें पूरे मिडिल ईस्ट में 2100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से तेल और गैस संकट पैदा हुआ है. वहीं महंगाई भी बढ़ रही है. इस युद्ध को रोकने के लिए बातचीत के कई प्रयास चल रहे हैं, वहीं धमकियों का भी दौर चल रहा है, लेकिन शांति की उम्मीद अब भी नजर नहीं आ रही है.  

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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