US का ‘वॉर क्राइम’ ईरानी न तो भूलेंगे और न माफ करेंगे, 87 नाविकों की मौत पर आगबबूला ईरान

टैंक पर सवार अमेरिकी सैनिक, इनसेट में IRIS Dena पर हुए हमले का दृश्य. फोटो- स्क्रीनशॉट.
IRIS Dena US Attack: अमेरिका ने 4 मार्च को ईरान के जहाज आईरिस डेना पर हमला कर दिया. इसमें 180 नाविक सवार थे, जिनमें से 87 की मौत हो गई. यह जहाज भारत से ईरान वापस जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के पास अमेरिका ने इस पर हमला कर दिया.
IRIS Dena US Attack: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने मंगलवार को आईआरआईएस डेना युद्धपोत के उन नाविकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्हें अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले में जहाज के डूबने से हो गई थी. यह घटना गाले, श्रीलंका के तट से करीब 40 समुद्री मील दूर हुई थी. बाकेई ने इस हमले को अमेरिका की ओर से किया गया ‘युद्ध अपराध’ बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय हथियारों का उल्लंघन है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी.
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में बकाएई ने लिखा, ‘हम डेना फ्रिगेट के शहीद नाविकों को श्रद्धांजलि देते हैं, जो 4 मार्च को अपने वतन से दूर शहीद हुए. डेना को भारतीय नौसेना ने संयुक्त नौसेना अभ्यास और बंदरगाह यात्रा में भाग लेने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया था. लेकिन अमेरिका ने एक क्रूर कार्रवाई करते हुए भारत और श्रीलंका के तट के पास इस जहाज पर हमला कर उसे डुबो दिया.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इससे भी गंभीर बात यह है कि अमेरिका ने नाविकों के बचाव अभियान में बाधा डाली. यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 3314 (आक्रामकता की परिभाषा) के तहत ऊंचाइयों की श्रेणी में आती है. साथ ही यह युद्ध से जुड़े हथियारों का भी गंभीर उल्लंघन है, जिसमें 1949 का जिनेवा कन्वेंशन-द्वितीय और 1977 का अतिरिक्त प्रोटोकॉल-प्रथम शामिल हैं. ईरान की जनता इस जघन्य अपराध को न तो भूलेगी और न ही माफ करेगी.’
4 मार्च को आईआरआईएस डेना दक्षिणी श्रीलंका के पास उस समय डूब गया था, जब उसे संयुक्त राज्य अमेरिका की एक पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने निशाना बनाया. यह हमला गाले से लगभग 20 समुद्री मील पश्चिम में हुआ था. घटना के बाद भारतीय नौसेना ने श्रीलंका के नेतृत्व में चलाए जा रहे खोज और बचाव अभियान में मदद के लिए अपने जहाजों और टुकड़ियों को तैनात किया. इनमें INS तरंगिणी और INS इक्षाक जैसे पोत और बोइंग P-8I पोसीडॉन समुद्री गश्ती विमान शामिल थे.
आईआरआईएस डेना पर करीब 180 चालक दल के सदस्य सवार थे. इनमें से करीब 87 नाविकों की मौत हो गई, जबकि करीब 32 जीवित बचे लोगों को श्रीलंका नेवी ने बचाकर गाले के अफगानिस्तान में भर्ती कराया. यह जहाज 21 फरवरी-25 फरवरी तक भारत के विशाखापट्टनम में मिलन एक्सरसाइज-2026 में भाग लेने आया था. हालांकि, इसके साथ दो और जहाज थे, जिनमें से एक केरल के तट पर था और वहीं एक श्रीलंका में. लेकिन अमेरिका ने इसे तब निशाना बनाया, जब यह भारतीय जल क्षेत्र से बाहर गया.
ईरान जहाज से संबंधित पहलुओं की जांच कर रहा
इस मामले पर भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान इस दुखद घटना के बाद स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और इसके सभी पहलुओं की जांच कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘हिंद महासागर के जलक्षेत्र में ईरानी नौसेना पोत आईआरआईएस डेना से जुड़ी दुखद घटना के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान चालक दल के सदस्यों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और इस घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है.’
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पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही
यह घटना ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है. इस संघर्ष का दायरा अब ईरान से आगे बढ़ चुका है और ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और नागरिकों तथा ऊर्जा आयामों को घुमाया है. इन हमलों का असर खाड़ी क्षेत्र के कई देशों, जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन तक फैल गया है.
अमेरिकी सेना को जहाज डुबाने में मजा आ रहा- ट्रंप
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक कांफ्रेंस में दावा किया कि अमेरिकी सेना ने साढ़े तीन दिनों के भीतर ईरान के 46 अत्याधुनिक नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया. इस दौरान ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस बारे में एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी से बातचीत की थी और पूछा था कि जहाजों को डुबोने के बजाय कब्जे में क्यों नहीं लिया गया. ट्रंप के मुताबिक उस सैन्य अधिकारी ने जवाब दिया, ‘उन्हें डुबोना ज्यादा मजेदार है.’ यह बात सुनकर वहां मौजूद रिपब्लिकन सांसद हंस पड़े. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में “कुछ बुराइयों को खत्म करने” के लिए एक छोटा अभियान चलाया है.
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ट्रंप ने अपने बयान ने यह भी कहा कि ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता को पूरी तरह नष्ट किया जा रहा है. उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है. सब कुछ समुद्र की तलहटी में पड़ा है. 46 जहाज, क्या आप यकीन कर सकते हैं? हालांकि, इस बयान पर ट्रंप की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई. अमेरिकी और इजरायली सेना के इस ऑपरेशन में ईरान में अब तक कुल 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
ANI के इनपुट के साथ.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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