ईरान की अमेरिका को दो टूक: न्यूक्लियर और होर्मुज पर 'लक्ष्मण रेखा' तय, क्या ट्रंप मानेंगे नया प्रपोजल?

Published by :Govind Jee
Published at :27 Apr 2026 2:28 PM (IST)
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Iran us red line nuclear strait of hormuz new proposal

होर्मुज और न्यूक्लियर मुद्दे पर अराघची ने तय की 'रेड लाइन'.

Iran-US Red Line: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पाकिस्तान यात्रा के दौरान अमेरिका के लिए एक खास मैसेज भेजा है. ईरानी मीडिया आउटलेट फार्स के मुताबिक, ईरान ने अपनी कुछ 'लक्ष्मण रेखा' (रेड लाइंस) यानी ऐसी शर्तें तय कर दी हैं जिनसे वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा.

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Iran-US Red Line: इन शर्तों में न्यूक्लियर प्रोग्राम और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (समुद्री रास्ता) से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर हैं. हालांकि, रिपोर्ट में यह साफ किया गया है कि संदेशों का यह आदान-प्रदान किसी बातचीत के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका को ईरान के कड़े रुख के बारे में बताने के लिए था.

रूस पहुंचे अराघची, पुतिन के संग होगी बड़ी मीटिंग

पाकिस्तान और ओमान के बीच एक्टिव डिप्लोमेसी करने के बाद अराघची अब रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच चुके हैं. वहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होनी है. सरकारी मीडिया IRNA को दिए बयान में अराघची ने बताया कि पाकिस्तान में हुई चर्चा का मुख्य फोकस उन शर्तों पर था, जिनके आधार पर ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बातचीत शुरू हो सकती है.

ट्रंप का ‘फोन कॉल’ वाली शर्त

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में अपने खास दूतों (स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर) के दौरे को रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है. ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेता जब चाहें उन्हें ‘कॉल’ कर सकते हैं. ट्रंप का मानना है कि ये तनाव जल्द ही खत्म हो सकता है, लेकिन फिलहाल वो बातचीत के लिए अपनी टीम भेजने के मूड में नहीं हैं.

ईरान ने दिया नया प्रपोजल

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक ‘नया प्रपोजल’ भेजा है. इस ऑफर में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और चल रही जंग को खत्म करने का ब्लूप्रिंट दिया गया है. असल में अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 10 साल के लिए यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) बंद करे और अपना न्यूक्लियर स्टॉक देश से बाहर भेजे. पहले ईरान के ऑफर से खुश न होने की वजह से ही व्हाइट हाउस ने अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा कैंसिल किया था.

पहले व्यापार, फिर न्यूक्लियर चर्चा

ईरान के नए फॉर्मूले में दो स्टेज रखे गए हैं. पहले फेज में समुद्री रास्ते पर बना संकट खत्म करने और अमेरिका द्वारा की गई ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी हटाने की बात है. इसके बदले में या तो लंबे समय के लिए युद्धविराम होगा या जंग को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा. ईरान की शर्त यह है कि न्यूक्लियर मुद्दों पर बात तभी शुरू होगी जब समुद्री रास्तों से रुकावटें हटेंगी.

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बंदरगाहों की घेराबंदी से बढ़ी मार्केट में हलचल

व्हाइट हाउस को यह नया प्रपोजल मिल तो गया है, लेकिन एक्सियोस के अनुसार यह साफ नहीं है कि अमेरिका इस पर आगे बढ़ेगा या नहीं. ट्रंप ने साफ कहा है कि वो फोन पर भी डील कर सकते हैं. इस बीच, अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी की वजह से ग्लोबल मार्केट में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ मिसाइल डेवलपमेंट पर भी रोक लगाए, जबकि ईरान का कहना है कि बातचीत से पहले अमेरिका को पाबंदियां हटानी होंगी.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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