‘मिनाब 168’ विमान से पुतिन से मिलने रूस पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री, क्या अब रुकेगी मिडल ईस्ट जंग?

Author Govind jee
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे.

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Iran FM Russia Visit: मिडल ईस्ट में शांति बहाली के लिए ईरान ने अब रूस से हाथ मिलाया है. आईआरएनए और एक्सियोस की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्री अराघची ने पुतिन को जंग रोकने के लिए नया प्लान सौंपा है. वहीं, अमेरिका को पाकिस्तान के जरिए अपनी ‘रेड लाइन’ भी समझा दी है.

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Iran FM Russia Visit: मिडल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच गए हैं. ईरानी मीडिया आउटलेट IRNA के मुताबिक, अराघची यहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हाई-लेवल मीटिंग करेंगे. ओमान और पाकिस्तान के दौरे के बाद अराघची का यह रूस दौरा काफी अहम माना जा रहा है. इस दौरान वह शांति प्रस्ताव पर रूस का सपोर्ट मांग सकते हैं.

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मिडल ईस्ट दुनिया का वह हिस्सा है जहां तुर्की, अरब देश, ईरान और इजरायल जैसे देश स्थित हैं और यह इलाका अपनी तेल सप्लाई और पुराने धार्मिक इतिहास के लिए जाना जाता है.

खास कॉलसाइन वाले विमान से पहुंचे रूस

IRNA की रिपोर्ट में बताया गया कि अराघची जिस विमान से रूस पहुंचे, उसका कॉलसाइन ‘मिनाब 168’ (Minab 168) रखा गया था. यह नाम उन बच्चों की याद में चुना गया जो 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक प्राइमरी स्कूल पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे. रूस की न्यूज एजेंसी TASS और क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी कन्फर्म किया है कि पुतिन और अराघची क्षेत्रीय हालातों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.

इन मुद्दों पर होगी बातचीत

रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने बताया कि इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा युद्धविराम (सीजफायर) और मिडल ईस्ट के ताज़ा हालात हैं. जलाली के अनुसार, ईरान और रूस कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक जैसी सोच रखते हैं. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस और चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लेकर अमेरिका के प्रस्ताव पर वीटो लगाकर ईरान का साथ दिया था. ईरान इसे मॉस्को की ओर से मिला बड़ा कूटनीतिक कवच मानता है.

पाकिस्तान को सौंपा खास डॉक्यूमेंट

रूस आने से पहले अराघची ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात की थी. तसनीम न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, वहां होर्मुज जलडमरूमध्य के नए कानूनी नियम, ईरानी पोर्ट्स से अमेरिकी पाबंदी हटाने और दोबारा हमले न होने की गारंटी जैसे मुद्दों पर बात हुई. हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ किया कि अराघची की अमेरिका के साथ कोई सीधी मीटिंग नहीं थी, लेकिन फार्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन को एक खास डॉक्यूमेंट भेजा है.

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शांति के लिए ईरान का नया प्रस्ताव

फार्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डॉक्यूमेंट में ईरान ने अपनी ‘रेड लाइन्स’ बताई हैं, जिसमें परमाणु क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल की बात शामिल है. वहीं, अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सिओस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है. इस प्रपोजल में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है. साथ ही, ईरान ने परमाणु बातचीत को अगले फेज तक टालने का सुझाव भी दिया है.

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