ePaper

Indian Salaries Germany: जर्मनी में भारतीय कर्मचारियों की कमाई सबसे अधिक, टेक्निकल और एकेडमिक क्षेत्रों में लहराया परचम

Updated at : 05 Jan 2026 5:30 PM (IST)
विज्ञापन
Indian Salaries Germany Highest Earning / Ai Image

Indian Salaries Germany Highest Earning / Ai Image

Indian Salaries Germany: जर्मनी में भारतीय कर्मचारियों को शानदार सैलरी मिल रही है! एक रिपोर्ट के अनुसार, टेक्निकल और एकेडमिक फील्ड में काम करने वाले भारतीय हर महीने 5,393 यूरो तक सैलरी कमा रहे हैं. एक्सपर्ट्स इसका श्रेय स्किल्ड इमिग्रेशन की सफलता को देते हैं. शिक्षा, रिसर्च और पेटेंट के क्षेत्रों में योगदान ने भारतीयों को जर्मनी की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन के लिए बहुत जरूरी बना दिया है.

विज्ञापन

Indian Salaries Germany: जर्मनी में भारतीय कर्मचारियों की कमाई ने हाल ही में सबको हैरान कर दिया है. राइट-विंग पॉलिटिकल एनालिस्ट रिचर्ड हनानिया, जिन्होंने पहले कहा था कि भारत विरोधी नफरत नस्लवाद का सबसे बेवकूफी भरा रूप है और अब एक हालिया रिपोर्ट के बाद भारतीय मजदूरों की तारीफ कर रहे हैं, जिसमें दिखाया गया है कि वे जर्मनी में सबसे ज्यादा औसत सैलरी कमाते हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा कि इंडियन्स फिर जीत गए. एक समूह इतने फायदे कैसे ला सकता है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता? यह वाकई प्रेरणादायक है. हनानिया पहले भी H‑1B वीजा का समर्थन कर चुके हैं और अमेरिका में फैली एंटी-डंडिया नफरत की आलोचना कर चुके हैं. उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों का समर्थन भी किया, जैसे कि MAGA नेताओं स्टीव बैनन और रोन डेसेंटिस के खिलाफ, और कहा कि भारतीय अमेरिका में सबसे अधिक कमाई करने वाले समूहों में शामिल हैं.

Indian Salaries Germany in Hindi: रिपोर्ट में भारतीयों का वेतन

2024 की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी में भारतीय कर्मचारियों का मासिक मध्य वेतन €5,393 है, जो ऑस्ट्रियाई (5,322 यूरो), अमेरिकी (5,307 यूरो) और आयरिश (5,233 यूरो) कर्मचारियों से अधिक है. सामान्य विदेशी कर्मचारियों का वेतन 3,204 यूरो और जर्मनी के स्थानीय कर्मचारियों का 4,177 यूरो था. यानी भारतीय कर्मचारियों की कमाई लगभग 1,200 यूरो ज्यादा है. रिपोर्ट के अनुसार यह मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि भारतीय तकनीकी और अकादमिक नौकरियों में काम कर रहे हैं.

MINT क्षेत्रों में बढ़त

MINT क्षेत्रों (गणित, आईटी, विज्ञान और इंजीनियरिंग) में भारतीयों की संख्या 2012 से लगभग 9 गुना बढ़कर 32,800 हो गई है. 25 से 44 साल की उम्र के लगभग एक-तिहाई भारतीय कर्मचारी इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. जर्मनी में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या भी इस ट्रेंड को सपोर्ट कर रही है. कई छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद जर्मनी में रुके और रिसर्च और इनोवेशन में योगदान दिया. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल के आविष्कारकों के पेटेंट आवेदन 2000 से 2022 के बीच 12 गुना बढ़ गए. (Indian Salaries Germany Highest Earning Technical Academic Workers in Hindi)

जर्मनी की नीति और स्किल्ड इमिग्रेशन

IW के विशेषज्ञ एक्सेल प्लुनेके ने कहा कि भारत से स्किल्ड कर्मचारियों का आगमन एक विशेष सफलता की कहानी है. 2012 के बाद से जर्मनी ने गैर-EU देशों से स्किल्ड वर्कर्स की भर्ती पर जोर दिया, खासकर अकादमिक और तकनीकी क्षेत्रों में. 2024 में तत्कालीन जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ की सरकार ने भारत से इमिग्रेशन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए. रिपोर्ट में उन राष्ट्रीयताओं का विश्लेषण किया गया जिनके पास जर्मनी में 5,000 से अधिक फुल-टाइम कर्मचारी थे, और डेटा फेडरल एम्प्लॉयमेंट एजेंसी से लिया गया.

ये भी पढ़ें:

US Removed Leaders: अमेरिका ने कई नेताओं को सत्ता से हटाया, लेकिन वेनेजुएला का मामला अलग क्यों है, जानें

Trump Eye On 5 Countries: वेनेजुएला के बाद ट्रंप की नजर अब 5 और देशों पर, ग्रीनलैंड और कोलंबिया भी खतरे में

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola