तालिबान की कैद से आजाद हुआ अमेरिकी रिसर्चर, 14 महीने तक बिना खिड़की वाले बेसमेंट में रहा

Updated at : 25 Mar 2026 2:01 PM (IST)
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Dennis Coyle released taliban detention usresearcher

तस्वीर में अमेरिकी रिसर्चर डेनिस वाल्टर कॉयल.

Dennis Coyle: मंगलवार (25 मार्च) को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिकी रिसर्चर डेनिस वाल्टर कॉयल को रिहा कर दिया. कॉयल पिछले 14 महीनों से वहां की जेल में बंद थे. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के भारी दबाव के बाद यह रिहाई मुमकिन हो पाई है. अमेरिकी सरकार का कहना था कि कॉयल को बिना किसी ठोस वजह के कैद में रखा गया था.

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Dennis Coyle: द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉयल के परिवार ने ईद-उल-फितर के मौके पर उनकी माफी के लिए अपील की थी. इसके बाद अफगानिस्तान के बड़े नेता शेख हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने उन्हें छोड़ने का आदेश दिया. वहां के विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला ‘मानवीय सहानुभूति और सद्भावना’ के आधार पर लिया गया है.

कौन हैं डेनिस वाल्टर कॉयल?

64 साल के डेनिस वाल्टर कॉयल मूल रूप से अमेरिका के कोलोराडो के रहने वाले हैं. वे एक शांत स्वभाव के रिसर्चर हैं, जिन्हें भाषाओं से बहुत लगाव है. वे पिछले 20 सालों से अफगानिस्तान की भाषाओं पर रिसर्च कर रहे थे. रॉयटर्स के अनुसार, उन्हें जनवरी 2025 में काबुल में उनके घर के पास से तालिबान की इंटेलिजेंस यूनिट ने पकड़ा था. अमेरिका ने उन्हें ‘गलत तरीके से हिरासत में लिया गया’ व्यक्ति घोषित किया था.

बिना खिड़की वाले बेसमेंट में कटे दिन

कॉयल की बहन मॉली लॉन्ग ने ‘द डेनवर पोस्ट’ को बताया कि डेनिस को एक ऐसे बेसमेंट में रखा गया था जहां न खिड़की थी और न ही रोशनी. उनके पास सोने के लिए गद्दा तक नहीं था, वे सिर्फ एक फर्श मैट पर सोते थे. उन्हें करीब 14 महीने तक लगभग अकेले (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) रखा गया और किसी से बात करने की आजादी नहीं थी. जुलाई में पहली बार परिवार को उनका एक खत मिला था, जिससे पता चला कि वे जिंदा हैं.

अमेरिका और तालिबान के बीच जुबानी जंग

इस महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तालिबान सरकार को ‘गलत तरीके से बंधक बनाने वाला प्रायोजक’ (स्टेट स्पॉन्सर ऑफ रोंगफुल डिटेंशन) कहा था. रुबियो ने मांग की थी कि कॉयल और महमूद हबीबी जैसे सभी अमेरिकियों को तुरंत छोड़ा जाए. हालांकि, तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे किसी को राजनीतिक फायदे के लिए नहीं पकड़ते, बल्कि कानून तोड़ने पर ही कार्रवाई की जाती है.

रिहाई में इन देशों ने की मदद

कॉयल की रिहाई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने बड़ी भूमिका निभाई है. मार्को रुबियो ने इन दोनों देशों का शुक्रिया अदा किया है. रिहाई से पहले तालिबान के मंत्री मुत्तकी ने काबुल में पूर्व अमेरिकी दूत जल्मय खलीलजाद से भी मुलाकात की थी. खलीलजाद खुद डेनिस को लेने काबुल पहुंचे थे और इस कदम को ‘सकारात्मक विकास’ बताया.

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अभी भी कई अमेरिकी हैं लापता

डेनिस कॉयल तो घर लौट रहे हैं, लेकिन वॉशिंगटन का कहना है कि अभी भी कई अमेरिकी अफगानिस्तान में कैद हैं. इनमें बिजनेसमैन महमूद हबीबी और लेखक पॉल ओवरबी शामिल हैं. द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, तालिबान ने पहले संकेत दिया था कि वे अमेरिकियों के बदले ग्वांतानामो बे में बंद अफगान कैदी मुहम्मद रहीम की रिहाई चाहते हैं, जिस पर अल-कायदा से जुड़े होने का आरोप है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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