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ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें

Updated at : 02 Mar 2026 12:26 PM (IST)
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British Airbase RAF Akrotiri attacked by Iran

ब्रिटिश बेस अक्रोतिरी. फोटो- एक्स (@sentdefender).

British Airbase attacked by Iran: ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया कि अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई में दो बैलिस्टिक मिसाइलें साइप्रस की दिशा में दागी गईं. राहत की बात रही कि इस हमले में किसी जान माल का नुकसान नहीं हुआ है.

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British Airbase attacked by Iran: ईरान के हमलों का दायरा अब बढ़ता जा रहा है. शनिवार को इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ा. सुप्रीम लीडर के अलावा आईआरजीसी के लीडर समेत कई प्रमुख लोगों की इस अटैक में मौत हो गई, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर हमला कर रहा है. इसी क्रम में ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि रविवार को ईरान ने साइप्रस में स्थित यूनाइटेड किंगडम (यूके) के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. भूमध्य सागर में स्थित साइप्रस में ब्रिटेन का RAF Akrotiri मिलिट्री बेस है, जहां हजारों सैनिक तैनात हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने यह हमला जानबूझकर किया है या नहीं. 

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया था कि अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई में ‘दो बैलिस्टिक मिसाइलें साइप्रस की दिशा में दागी गईं.’ हालांकि संभवतः उनका निशाना भूमध्यसागरीय द्वीप साइप्रस नहीं था. हीली ने BBC से कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि मिसाइलें सीधे साइप्रस को लक्ष्य नहीं कर रही थीं, लेकिन इससे यह जरूर साफ होता है कि इस समय हमारे ठिकाने, हमारे सैनिक और नागरिक खतरे में हैं.’ उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि बहरीन में ईरानी हमले के दौरान 300 ब्रिटिश सैनिक बेस पर मौजूद थे, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

ब्रिटेन शनिवार को ईरान पर हुए हमले शामिल नहीं

ब्रिटेन, इस क्षेत्र में अमेरिका का अहम सहयोगी है, लेकिन शनिवार को ईरान पर हुए हमलों में उसकी कोई भूमिका नहीं थी. हालांकि, उन्होंने खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को बेहद निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि उसने असहमति को कुचलते हुए अपने ही हजारों नागरिकों की हत्या की है. स्टारमर ने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने के पीछे ईरान की बड़ी भूमिका रही है. ब्रिटेन के साइप्रस एयरबेस पर एक ड्रोन के टकराने की खबर के बाद सुरक्षा खतरा घोषित किया गया. सोशल मीडिया पर साइप्रस में रॉयल एयरफोर्स अक्रोतिरी बेस पर विस्फोट के वीडियो भी सामने आए.

बदली परिस्थिति में अमेरिका को बेस देने पर राजी ब्रिटेन

स्टारमर के अनुसार, ईरान ब्रिटेन और वहां के यहूदी समुदाय के लिए सीधा खतरा है. उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. इस घटना के बाद ब्रिटिश पीएम ने अमेरिका के लिए अपने बेस को ‘लिमिटेड यूज’ के लिए इजाजत दे दी. हालांकि, उन्होंने पहले इसके लिए मना किया था, लेकिन बदलती परिस्थिति में उन्होंने इसके लिए अब हामी भर दी है. वहीं, ब्रिटेन के साथ फ्रांस और जर्मनी ने भी इजरायल और अमेरिका का साथ देने का फैसला किया है.  

साइप्रस के राष्ट्रपति ने कहा कि सोमवार (2 मार्च) को ब्रिटिश एयरबेस अक्रोतिरी को एक अज्ञात शाहेद ड्रोन ने निशाना बनाया. उन्होंने यह भी बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. Cyprus Mail की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइप्रस में स्थित ब्रिटिश बेस के कर्मचारियों को अगले आदेश तक अपने घर लौटने और अंदर रहने के निर्देश दिए गए.

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ट्रंप ने कहा- हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक नई चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक सभी टारगेट पूरे नहीं हो जाते. ईरान को इस हमले में भारी भरकम नुकसान हुआ है. अमेरिकी रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के 1000 ठिकानों पर बमबारी की गई. अमेरिका ने अपने पूरे मिलिट्री माइट का इस्तेमाल करते हुए ईरान की लीडरशिप को जितना हो सकता था, खत्म करने की कोशिश की है. 

वही अमेरिका को भी नुकसान झेलना पड़ा है. राष्ट्रपति ट्रंप और यूएस सेंट्रल कमांड ने भी यह पुष्टि की कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और कहा कि आगे और भी हताहत हो सकते हैं. वहीं ईरान अपने रुख पर कायम है और उसने चेतावनी दी है कि खामेनेई की हत्या के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा. हालांकि, तेहरान का यह भी कहना है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है और इसी वजह से उसके हमले केवल अमेरिकी सैन्य अड्डों तक सीमित हैं. 

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हालांकि, उसने 28 फरवरी को ही मिडिल ईस्ट के देशों में स्थित 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था. इनमें कुवैत, बहरीन, यूएई, कतर, बहरीन और जॉर्डन शामिल हैं. वहीं इजरायल को निशाना बनाते हुए भी ईरान ने घातक हमला किया. रविवार को यरुशलम के पश्चिम में स्थित शहर बेत शेमेश शहर में ईरानी हमले में 9 इजरायली नागरिक मारे गए. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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