अभियोजक का दावा, भारतीय राजनयिक के साथ ‘‘बरता गया था शिष्टाचार’’

Published at :19 Dec 2013 10:47 AM (IST)
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अभियोजक का दावा, भारतीय राजनयिक के साथ ‘‘बरता गया था शिष्टाचार’’

न्यूयार्क : वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के मामले से पैदा हुए विवाद से बेपरवाह अमेरिकी अभियोजक प्रीत भरारा ने आज दावा किया कि देवयानी के साथ ‘‘शिष्टाचार बरता गया था’’ और गिरफ्तारी के वक्त उन्हें हथकड़ी नहीं लगाई गई थी. भरारा ने यह भी प्रण किया कि ‘‘चाहे कितने भी प्रभावशाली, धनी या रसूखदार […]

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न्यूयार्क : वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे के मामले से पैदा हुए विवाद से बेपरवाह अमेरिकी अभियोजक प्रीत भरारा ने आज दावा किया कि देवयानी के साथ ‘‘शिष्टाचार बरता गया था’’ और गिरफ्तारी के वक्त उन्हें हथकड़ी नहीं लगाई गई थी.

भरारा ने यह भी प्रण किया कि ‘‘चाहे कितने भी प्रभावशाली, धनी या रसूखदार हों:: कानून तोड़ने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.अमेरिकी अभियोजक ने लंबी और असामान्य व्याख्या में कहा कि देवयानी मामले की रिपोर्टिंग में ‘‘गलत सूचनाएं और तथ्यगत गलती’’ रही जो ‘‘उत्तेजक माहौल पैदा’’ कर रही है.

भरारा ने कहा, ‘‘देवयानी खोबरागड़े के खिलाफ आरोपों पर रिपोर्टिंग में बहुत गलत सूचनाएं और तथ्यगत गलतियां हैं. इन गलतियों को दुरुस्त करना अहम है क्योंकि वे लोगों को गुमराह कर रही हैं और बिना किसी बुनियाद के उत्तेजक माहौल पैदा कर रही हैं.’’अमेरिकी अभियोजक ने कहा, ‘‘हालांकि जो मैं कह सकता हूं उसे एक अभियोजक के रुप में मेरी भूमिका खासी सीमित करती है, जो कई तरह से मैं यहां मामले का खुलासा जिस हद तक करना चाहता हूं उसे करने की मेरी क्षमता को रोकती है. बहरहाल, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि अब तक जो सार्वजनिक रेकार्ड रहा है वह और स्पष्ट हो.’’

मैनहटन के शीर्ष संघीय अभियोजक भरारा ने कहा कि देवयानी ने राजनयिकों और काउंसिलर अधिकारियों के घरेलू कर्मियों को शोषण से बचाने के लिए बनाए गए अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में इस पद की कुल मंशा, तमाम मामलों की तरह, कानून के शासन को बुलंद करना है, पीड़ितों की रक्षा करना है और जो कोई कानून तोड़ता है उसे जवाबदेह बनाना है, चाहे समाज में उनकी जो भी हैसियत हो, चाहे वे कितने प्रभावशाली, धनी या रसूख वाले हों.’’

भरारा ने कहा कि देवयानी के यहां घरेलू सहायिका के रुप में काम कर चुकी पीड़िता के खिलाफ भारत में कानूनी प्रयास शुरु हुए थे और उसे ‘‘चुप’’ कराने के लिए प्रयास किए जा रहे थे.

अमेरिकी अभियोजक ने कहा कि मामला चलने तक पीड़िताओं, गवाहों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए घरेलू सहायिका के परिवार को अमेरिका लाया गया.

अमेरिकी अभियोजक ने कहा कि जैसा अदालती शिकायत में आरोपित है, देवयानी को आचार के आधार पर आरोपित किया गया जिसने ‘‘दिखाया कि उन्होंने साफ तौर पर राजनिकों और कांसूलर अधिकारियों के घरेलू कर्मियों को शोषण से बचाने के लिए बनाए गए अमेरिकी कानून से बचने की कोशिश की.’’

भारतीय विदेश सेवा की 1999 बैच की अधिकारी देवयानी न्यूयार्क में भारत की वाणिज्य उप महादूत हैं. उन्हें अमेरिकी विदेश मंत्रलय के ‘डिप्लामैटिक सिक्युरिटी ब्यूरो’ ने गिरफ्तार किया और फिर उन्हें ‘यूएस मार्शल्स सर्विस’ को सौंपा.

देवयानी को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वह अपी बेटी को स्कूल छोड़ने गई थी. अदालत में जब उन्होंने खुद को निदरेष कहा तो उन्हें 2,50,000 डॉलर के बांड पर रिहा किया गया.

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