ग्रीस में जनमत संग्रह शुरु, जनता की ''यस'' ''नो'' पर टिकीं दुनिया की निगाहें

Published at :05 Jul 2015 8:44 AM (IST)
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ग्रीस में जनमत संग्रह शुरु, जनता की ''यस'' ''नो'' पर टिकीं दुनिया की निगाहें

एथेंस : अपने सबसे मुश्किल आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे ग्रीस में जनमत संग्रह शुरु हो गया है. यूरोप सहित पूरी दुनियां की नजरे इस पर टिकी हुई हैं. आज ग्रीस में जनमत संग्रह के जरिए वहां की जनता सारी स्थिति साफ कर देगी. जनमत संग्रह के दौरान करीब 1 करोड़ ग्रीसवासी बेलआउट […]

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एथेंस : अपने सबसे मुश्किल आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे ग्रीस में जनमत संग्रह शुरु हो गया है. यूरोप सहित पूरी दुनियां की नजरे इस पर टिकी हुई हैं. आज ग्रीस में जनमत संग्रह के जरिए वहां की जनता सारी स्थिति साफ कर देगी.

जनमत संग्रह के दौरान करीब 1 करोड़ ग्रीसवासी बेलआउट फंड्स के बदले में खर्च में कटौती के और उपाय किये जाएं या नहीं, इस संबंध में अपना वोट दे रहे हैं.

ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिपरास ने यूरोपीय सरकारों, यूरोपीय संघ (ईयू) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ डील के लिए जनमत संग्रह की अपील की है. इस जनमत संग्रह को मात्र नौ दिनों में आयोजित किया जा रहा है. ग्रीस में अंतिम बार जनमत संग्रह 1974 में किया गया था जब जनता ने वोट की ताकत का इस्तेमाल करते हुए राजतंत्र को उखाड़ फेंका था.

जनमत संग्रह क्यों?
ग्रीस को उधार देने वालों ने नवंबर से पहले देश की बेलआउट डील को बढ़ाने के बदले में सुधार की मांग की है. लेकिन जब सरकार और कर्जदाताओं के बीच में पिछले सप्ताह बातचीत बिगड़ गयी तो बेलआउट में विस्तार देने से मना कर दिया गया और बेलआउट 30 जून को समाप्त हो गया. इसी ऑफर पर ग्रीसवासियों को वोट देने के लिए कहा जा रहा है.
कड़ा मुकाबला होने का अनुमान : यदि ग्रीस में लोग यूरोजोन से बाहर निकलने के लिए मतदान करते हैं तो देश का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंस सकता है. अब तक जारी अनुमानों के मुताबिक दोनों तरह के लोगों के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है. ग्रीस संकट का असर सबसे ज्यादा यूरोप के बाजार पर पड़ेगा.
खाद्य सामग्री जमा करने में जुटे यूनानी
जनमत संग्रह के पहले पूरे देश में अनिश्चितता का माहौल है. आलम यह है कि खाने-पीने की चीजों की भी किल्लत हो गयी है. बैंकों को बंद करने की वजह से देश में एटीएम पर लोग कतारों में खड़े दिखायी दे रहे हैं. लोग भविष्य को लेकर इस कदर आशंकित हैं कि वह खाने-पीने की चीजों की जमकर खरीददारी कर स्टॉक कर रहे हैं.
जनमत संग्रह के एलान के बाद ग्रीस में खाद्य सामग्री की खरीद 35 फीसदी बढ़ गयी है. यही नहीं आने वाले दिनों में पास्ता, चावल और बींस जैसी चीजों की भी कमी हो सकती है.
परिणाम कब तक
मतदान सुबह 7.00 से शाम के 7.00 बजे तक होगा. पहला परिणाम 9 बजे रात तक आने की उम्मीद है.
कितना खर्च
एक अनुमान के मुताबिक जनमत संग्रह पर 25 मिलियन यूरो यानी करीब 1.6 अरब रु पये खर्च आयेगा जो जनवरी में हुए आम चुनाव का आधा है.
कौन वोट देंगे?
मतदाता नामावली में 98,55,019 लोगों का नाम दर्ज है. मतदाता पूरे ग्रीस में 19,159 मतदान केंद्रों पर मत डाल सकेंगे. लोगों को वोट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेन एवं बस टिकटों के साथ-सथ घरेलू फ्लाइट पर छूट मिलेगी.
पीएम ने की रैली, बोले ‘हम न सिर्फ यूरोप में रहना चाहते हैं, बल्कि सम्मान से रहना चाहते हैं
यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास का एथेंस में हुई रैली में रॉक-स्टार की तरह स्वागत हुआ. उन्होंने जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ के प्रस्ताव के खिलाफ मत देने का आह्वान किया ताकि अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं के साथ बातचीत में उनका पक्ष मजबूत हो. उन्होंने 25,000 लोगों को संबोधित करते हुए कहा ‘‘हम न केवल यूरोप में बने रहने का फैसला कर रहे हैं बल्कि यूरोप में इज्जत के साथ जीने का फैसला कर रहे हैं.’’ मैं आपसे अपील करता हूं कि आप धमकियों को ‘ना’ कहें और जो आपको डराने की कोशिश कर रहे हैं उनकी ओर पीठ फेर लें. कोई भी इस लगन और आशावाद को दरकिनार नहीं कर सकता.
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