ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी तल्खी: राष्ट्रपति बोले- समुद्री घेराबंदी और धमकियों के साये में बात नहीं होगी

Published by :Govind Jee
Published at :26 Apr 2026 7:18 AM (IST)
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Iran us tension president pezeshkian rejects talks over blockade

ईरान समुद्री घेराबंदी के बीच अमेरिका से बातचीत को नकारा.

Iran-US Tension: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि नौसैनिक पाबंदियों के रहते कोई समझौता मुमकिन नहीं है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी मध्यस्थता के बीच अपने दूतों का दौरा रद्द कर इसे फिजूलखर्ची बताया.

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Iran-US Tension: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी, तब तक ईरान सीधे बातचीत की मेज पर नहीं आएगा. शनिवार को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई बातचीत में पेजेश्कियान ने दोटूक कहा कि ईरान पर दबाव या धमकी का असर नहीं होगा. प्रेस टीवी के मुताबिक, पेजेश्कियान ने जोर देकर कहा कि शांति के रास्ते में असली रुकावट बातचीत की कमी नहीं, बल्कि वाशिंगटन के ‘दुश्मनी वाले कदम’ हैं.

धमकी के बीच समझौता मंजूर नहीं

ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत में साफ किया कि दबाव और घेराबंदी के साये में कोई डील नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपने शत्रुतापूर्ण कदमों को नहीं रोकता, तब तक भरोसे की बहाली और बातचीत का आगे बढ़ना मुश्किल है. पेजेश्कियान ने अमेरिका को सलाह दी कि अगर वह बातचीत के लिए गंभीर है, तो सबसे पहले मिलिट्री और आर्थिक बाधाओं को हटाए.

8 हफ्तों से चल रहा है टकराव

यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच 8 हफ्तों से टकराव चल रहा है. 13 अप्रैल से अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिससे वहां व्यापार पूरी तरह ठप है. इससे पहले इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल शांति वार्ता भी फेल हो गई थी. पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को तब झटका लगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया.

ट्रंप ने बताया दौरे को ‘महंगा और लंबा’

डोनाल्ड ट्रंप ने पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कहा कि उन्होंने यह दौरा इसलिए रद्द किया क्योंकि यह बहुत खर्चीला और लंबा था. ट्रंप के अनुसार, उन्हें ‘अनजान अधिकारियों’ से मिलने के लिए 15-16 घंटे का सफर करना ठीक नहीं लगा. उन्होंने कहा कि ईरान का पुराना प्रस्ताव काफी नहीं था, खासकर 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की अमेरिकी मांग पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला था. हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि दौरा रद्द होने के बाद ईरान ने एक संशोधित और बेहतर प्रस्ताव भेजा है.

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ईरान का ‘वर्केबल फ्रेमवर्क’ 

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने पाकिस्तान को युद्ध खत्म करने के लिए एक ‘काम करने लायक फ्रेमवर्क’ दिया है. उन्होंने अमेरिका की नीयत पर भी सवाल उठाए. ईरानी डेलिगेशन अपनी मांगों की लिस्ट सौंपकर इस्लामाबाद से रवाना हो चुका है. अब सबकी नजरें अराघची के रविवार को होने वाले दोबारा पाकिस्तान दौरे पर हैं, जो ओमान की यात्रा खत्म करने के बाद वहां पहुंचेंगे.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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