ट्रंप ने बताया क्यों कैंसिल किया अमेरिकी दूतों का पाकिस्तान दौरा, 4 मई की डेडलाइन तक थमेगा US-ईरान युद्ध?

ट्रंप ने बताया: पाकिस्तान जा रहे अमेरिकी दूतों का क्यों किया दौरा रद्द.
US-Iran Peace Talks: ईरान से तनातनी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान जा रहे अमेरिकी दूतों की ट्रिप रोक दी है. ट्रंप का कहना है कि वे फिजूलखर्ची और लंबी यात्रा के पक्ष में नहीं हैं, खासकर तब जब ईरान के बड़े नेता मीटिंग से गायब हों. अब 4 मई की डेडलाइन पर सबकी नजरें टिकी हैं.
US-Iran Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान जाने वाली अपनी टीम का दौरा आखिरी समय पर रद्द कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान की ओर से दिया गया ऑफर फिलहाल काफी नहीं है. ट्रंप के मुताबिक, उनके पास सौदेबाजी के लिए सभी जरूरी विकल्प मौजूद हैं और ईरान में फिलहाल आपसी खींचतान चल रही है.
दौरे को बताया समय और पैसे की बर्बादी
ट्रंप ने पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की पाकिस्तान यात्रा क्यों रोकी. ट्रंप का कहना है कि 18 घंटे की लंबी यात्रा करके ऐसे लोगों से मिलना सही नहीं है, जिन्हें कोई जानता तक नहीं. ट्रंप के अनुसार, ईरान की ओर से कोई बड़ा नेता बातचीत के लिए नहीं आ रहा था, सिर्फ मिड-लेवल के अधिकारी थे. उन्होंने खुद को ‘कॉस्ट-कॉन्शस’ बताते हुए कहा कि इतने लंबे सफर और भारी खर्च का कोई मतलब नहीं था जब सामने ठोस लीडरशिप ही न हो.
कैंसिल होते ही ईरान ने भेजा नया ऑफर
ट्रंप ने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने यह ट्रिप कैंसिल की, उसके 10 मिनट के भीतर ही ईरान की तरफ से एक नया पेपर (प्रस्ताव) आया जो पहले से काफी बेहतर था. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, यह बहुत सीधा सा मामला है. उन्होंने साफ किया कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस व्हाइट हाउस के स्विचबोर्ड पर फोन करने की जरूरत है.
ईरान का दावा: हमने दिया था काम करने वाला फ्रेमवर्क
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को संघर्ष खत्म करने का एक फ्रेमवर्क भेजा था. अराघची ने वाशिंगटन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की लीडरशिप के साथ बातचीत के बाद अमेरिका और इजरायल से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगों की एक लिस्ट भी सौंपी है.
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पाकिस्तान की मध्यस्थता को लगा झटका
इस फैसले से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है, जो इस पूरे मामले में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था. अब सबकी नजरें 4 मई की डेडलाइन पर हैं, जब शांति का पूरा ढांचा तैयार होना है. जब ट्रंप से मौजूदा सीजफायर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में सोचा भी नहीं है. फिलहाल अमेरिकी डेलिगेशन उड़ान नहीं भरेगा.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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