ePaper

हमारी आंखें कमजोर हैं हाथ नहीं!

Updated at : 06 Mar 2017 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
हमारी आंखें कमजोर हैं हाथ नहीं!

मिसाल : मजदूरी कर परिजनों की देखभाल व पढ़ाई कर रहे मोतिहारी के हीरालाल मोतिहारी में रहते हैं हीरालाल. उनके संघर्ष की कहानी हर उस युवा को जाननी चाहिए, जो करियर बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. हीरालाल महीने में सात दिन मजदूरी करते हैं, जिससे होनेवाली आमदनी से वह पढ़ाई और परिवार का खर्च […]

विज्ञापन
मिसाल : मजदूरी कर परिजनों की देखभाल व पढ़ाई कर रहे मोतिहारी के हीरालाल
मोतिहारी में रहते हैं हीरालाल. उनके संघर्ष की कहानी हर उस युवा को जाननी चाहिए, जो करियर बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. हीरालाल महीने में सात दिन मजदूरी करते हैं, जिससे होनेवाली आमदनी से वह पढ़ाई और परिवार का खर्च निकालते हैं.
सुशील कुमार
केबीसी विजेता
हीरालाल शर्मा के बारे में जब जानकारी हुई, तो उनसे मिलने के लिए शहर के रघुनाथपुर मोहल्ले जा पहुंचा. बातचीत के दौरान लगा कि कुछ मदद करनी चाहिए, तो मैंने पूछ लिया. लेकिन, हीरालाल बोले, भैया, हमारी आंखें कमजोर हैं. हाथ नहीं. उनकी इसी बात ने मुझे प्रभावित किया. मेरे अंदर उनके बारे में और जानने की जिज्ञासा हुई.
पढ़ाई के प्रति हीरालाल (27) में गजब का जज्बा है. परिवार की स्थिति ऐसी नहीं है कि इन्हें पढ़ने का खर्च मिले.सो हीरालाल महीने में 23 दिन पढ़ाई करते हैं और सात दिन दिहाड़ी (मजदूरी) पर काम करते हैं. इसमें ज्यादातर इन्हें ईंट ढोने का काम मिलता है. इससे जो पैसा मिलता है, उससे सबसे पहले अपने बूढ़े माता-पिता के लिए महीने भर का राशन खरीदते हैं. उसके बाद कापी-किताब और फिर अपने व भाइयों के खाने का राशन. कमरे का किराया भी देना पड़ता है. इस संघर्ष के बाद भी हीरालाल खुश हैं. एमए तक पढ़ाई कर चुके हीरालाल नौकरी के लिए तैयारी कर रहे हैं.
इसके लिए रोज शाम को मोतिहारी जिला स्कूल मैदान में एकत्र होनेवाले प्रतियोगी छात्रों के बीच जाते हैं. वहां आपस में प्रश्नोत्तर करते हैं. मेधावी हीरालाल अन्य छात्रों के चहेते हैं. वह शहर में मैथ व रिजनिंग की तैयारी करवानेवाले शिक्षक सुबोध कुमार के यहां पढ़ने जाते हैं. सुबोध को जब हीरालाल के बारे में पता चला, तो उन्होंने इनकी फीस माफ कर दी और जरूरी किताबें भी ला कर दीं. वह कहते हैं कि हीरालाल जिस लगन से तैयारी कर रहे हैं. उनका सेलेक्शन जल्दी ही कहीं हो जायेगा.
वहीं, हीरालाल भी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब संघर्षो के बीच पढ़ कर आगे बढ़ने का परिणाम नौकरी के रूप में उन्हें मिले. मेरी कई बार हीरालाल से मुलाकात हुई, लेकिन मैंने कभी उन्हें निराश नहीं देखा. किराये के कमरे में तीन बाइ छह की चौकी पर तीनों भाई रहते हैं. इनके छोटे भाई सुनील कुमार भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सबसे छोटे भाई प्रदीप ने इस बार इंटर की परीक्षा दी है.
खुद के बल पर आगे बढ़ रहे हीरालाल की स्थिति ऐसी नहीं है कि रोज हरी सब्जी व दाल खा सकें. रात में अक्सर नमक-मिर्च के साथ रोटी खाते हैं और सुबह में आलू का चोखा व भात बनता है. उसी से तीनों भाइयों का पेट भरता है. सप्ताह में एक दिन सब्जी बनती है. यह बताते हुए हीरालाल निराश नहीं होते. कहते हैं कि हमारे हाथ ठीक हैं. इसलिए खर्चा चलाने के लिए दिहाड़ी करते हैं. भगवान ने आंखें में ही दोष दे दिया. इस वजह से ठीक से देख नहीं पाता हूं. अगर आंखें, ठीक होतीं, तो मैं बच्चों को ट्यूशन पढ़ा लेता.
हीरालाल इतने सरल और मृदुभाषी हैं कि हर बार इनसे कुछ नयी जानकारी मिलती है. इस दौरान कई बार लगता है कि हम सबको हीरालाल के बारे में क्यों जानना चाहिए? इसका उत्तर मैं कई बार खुद से ढूंढ़ने की कोशिश करता रहा. लगा कि हीरालाल के संघर्ष की कहानी अगर सबके सामने आये, तो समाज में और जो स्वाभिमानी युवा हैं, उन्हें संघर्ष करने का बल मिलेगा.
गंडक में बह गया था घर : हीरालाल मूल रूप से पश्चिम चंपारण में योगापट्टी के सिसवाकुटी गांव के रहनेवाले हैं, लेकिन 2001 में गंडक में आयी बाढ़ इनका घर बहा ले गयी. इसके बाद परिवार विस्थापित हो गया और शनिचरी में दूसरे के जमीन पर झोपड़पट्टी बना कर रहने लगा. विस्थापित परिवार की दो जून की रोटी मजदूरी से चलने लगी. इसी दौरान हीरालाल ने तय किया कि मजदूरी के साथ वह पढ़ाई भी करेंगे. मजदूरी के साथ पढ़ाई शुरू की. मैट्रिक, इंटर, राजनीति शा में स्नातक व स्नातकोत्तर किया. छोटे भाइयों को भी पढ़ा रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola