ePaper

आदिवासियों के विकास में सबसे बड़ी बाधा है सीएनटी

Updated at : 25 Oct 2014 4:56 AM (IST)
विज्ञापन
आदिवासियों के विकास में सबसे बड़ी बाधा है सीएनटी

।। प्रो मानिक चंद साहू ।। मेरा मानना है कि यह कानून अंगरेजों के जमाने में बना था. उस वक्त आदिवासी समाज शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से बिल्कुल पिछड़े हुए थे. लोग जंगलों, पर्वतों पर निवास करते थे, इस वजह से यह कानून बनाना मजबूरी था. यह सोच कर कि आदिवासियों का अस्तित्व ही […]

विज्ञापन
।। प्रो मानिक चंद साहू ।।
मेरा मानना है कि यह कानून अंगरेजों के जमाने में बना था. उस वक्त आदिवासी समाज शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से बिल्कुल पिछड़े हुए थे. लोग जंगलों, पर्वतों पर निवास करते थे, इस वजह से यह कानून बनाना मजबूरी था. यह सोच कर कि आदिवासियों का अस्तित्व ही समाप्त हा हो जायेगा. लेकिन आज वैसी बात नहीं है.
आज आदिवासी वर्ग भी शिक्षित होने के साथ-साथ जागरूक हो चुके हैं. हां, कानून में वैसी बाध्यता है कि आदिवासी की जमीन को कोई आदिवासी ही खरीद सकता है. यह भी बाध्यता है कि जमीन खरीदने और बेचनेवाला व्यक्ति आदिवासी होने के साथ-साथ एक ही प्रखंड का हो, लेकिन इसका भी अनुपालन नहीं हो पाता है. मेरा मत है कि इस कानून से आदिवासियों का भारी शोषण हो रहा है और शोषण करनेवाला दूसरा कोई नहीं शिक्षित एवं संपन्न आदिवासी ही हैं.
मेरे विचार से सीएनटी एक्ट सिर्फ कृषि योग्य भूमि पर ही लागू होना चाहिए. ऐसा करने से गैर कृषि योग्य भूमि, जो आदिवासियों को मजबूरी में औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है, उसका पूरा मूल्य मिलेगा. वैसे भी शहर से सटी जमीन कृषि के लिए अनुकूल नहीं है और ज्यादातर इस तरह की भूमि में खेती नहीं के बराबर होती है. निष्कर्ष यह है कि गैर कृषि योग्य भूमि से सीएनटी एक्ट को हटा देना ही आदिवासियों के हित में होगा.
(लेखक टाना भगत कॉलेज, घाघरा में कार्यरत हैं)
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola