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परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर भारत नीति बदल रहा है? - नज़रिया

Updated at : 17 Aug 2019 10:39 PM (IST)
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परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर भारत नीति बदल रहा है? - नज़रिया

<figure> <img alt="राजनाथ सिंह" src="https://c.files.bbci.co.uk/7B38/production/_108344513_66bae0aa-ace5-4fd1-af37-88f2325d9855.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ‘भारत परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति पर अभी भी कायम है लेकिन भविष्य में क्या होता है यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है.'</p><p>अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किये […]

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<figure> <img alt="राजनाथ सिंह" src="https://c.files.bbci.co.uk/7B38/production/_108344513_66bae0aa-ace5-4fd1-af37-88f2325d9855.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ‘भारत परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति पर अभी भी कायम है लेकिन भविष्य में क्या होता है यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है.'</p><p>अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किये जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. </p><p>ऐसे में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भारतीय रक्षा मंत्री का ताज़ा बयान आना एक महत्वपूर्ण बात है. </p><p>दो परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते और उनकी नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय जगत की भी नज़र रहती है. </p><p>अगर भारत कोई नीतिगत फ़ैसला लेता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं. </p><p>रक्षा मामलों के जानकार राहुल बेदी का कहना है कि ऐसे फ़ैसले बहुत सोच समझ कर लिए जाते हैं क्योंकि इसके दूरगामी परिमाण होते हैं. पढ़ें <strong>राहुल बेदी</strong> का नज़रिया.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49369903?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">‘परमाणु हथियार पहले ना इस्तेमाल करने की नीति बदल सकती है’</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-39952739?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">पोखरण: जब कृष्ण ने उंगली पर उठाया पहाड़ को</a></li> </ul><figure> <img alt="मिसाइल" src="https://c.files.bbci.co.uk/C958/production/_108344515_5d6c5dd3-7d29-4d77-a6e4-bbb195dad4e6.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>पार्रिकर भी कह चुके हैं</h1><p>ऐसा नहीं है कि एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री की ओर से ये बात पहली बार कही गई है. </p><p>इससे पहले जब मनोहर पार्रिकर रक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने कहा था कि वो ‘पहले इस्तेमाल न करने’ की नीति से सहमत नहीं हैं और वो इसे बदलना चाहते हैं. </p><p>हालांकि उन्होंने इसे अपनी निजी राय बताई थी. </p><p>राजनाथ सिंह भारत के दूसरे रक्षा मंत्री हैं जिन्होंने ‘पहले इस्तेमाल न करने’ की नीति के बारे में कहा है. </p><p>ये बात भारत के रक्षा मंत्री की ओर से कही गई है और इसे गंभीरता से लें तो ये कहा जा सकता है कि बीजेपी की सरकार में इस बारे में कुछ विचार-विमर्श चल रहा है. </p><p>जब 1998 में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था तो उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को ख़त लिख कर कहा था कि ये चीन के ख़िलाफ़ प्रतिरोध नीति के तहत किया गया था. </p><p>ये चिट्ठी लीक हो गई थी और न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हो गई, जिसके बाद काफ़ी हंगामा मचा था. </p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49310480?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">चरक ऋषि ने अणु-परमाणु की खोज की थी: निशंक</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49080306?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">इमरान ख़ान परमाणु हथियार छोड़ने को तैयार, रखी ये शर्त</a></li> </ul><h1>चीन का क्या रुख़ होगा?</h1><p>अगर भारत अपनी नीति में बदलाव लाता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं. </p><p>सबसे पहले चीन और पाकिस्तान ही प्रतिक्रिया देंगे क्योंकि इस इलाक़े में तीनों देशों की सीमाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और ये तीनों देश परमाणु हथियार संपन्न देश हैं.</p><p>भारत का पाकिस्तान के साथ इलाक़ाई विवाद है और चीन के साथ भी है. इसलिए नीति बदलने की स्थिति में ये बहुत गंभीर बात होगी क्योंकि भारत की अभी की नीति है वो है ‘पहले इस्तेमाल न करने’ की नीति, जिसे रिटैलिएटरी डॉक्ट्रिन कहते हैं. </p><p>यानी अगर भारत के ऊपर हमला किया गया तो वो इसके बाद हथियार इस्तेमाल कर सकता है. </p><p>ऐसे गंभीर मुद्दे पर बहुत विचार विमर्श के बाद फ़ैसले लिए जाते हैं और हो सकता है कि अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए भावनात्मक रूप से ये बात राजनाथ सिंह ने कही हो. </p><p>(बीबीसी हिंदी रेडियो एडिटर राजेश जोशी से बातचीत पर आधारित.)</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/BBCnewsHindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो सकते हैं.)</strong></p>

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