CM Abhyudaya Yojna: अभ्युदय कोचिंग अब 57 ज़िलों में, युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग

समाज कल्याण विभाग ने योगी 2.0 सरकार के 100 दिन में कई उपलब्धियां हासिल की हैं. सबसे खास मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना है. इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षार्थियों को उनके ही जिलों में कोचिंग की मदद दी जा रही है. प्रदेश के 57 जनपदों में इसका संचालन शुरू हो गया है.
Abhyuday Coaching : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को अब पढ़ाई के लिए अपना शहर नहीं छोड़ना होगा. अभ्युदय कोचिंग अब इन युवाओं के सपने को साकार करने में मदद कर रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश से 100 दिन में 57 जनपदों में अभ्युदय कोचिंग का सफलता पूर्वक संचालन शुरू हो गया है.
समाज कल्याण विभाग मंत्री असीम अरुण ने लोक भवन में मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना शुरू की है. जिसके अंतर्गत प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को उनके ज़िला मुख्यालय पर ही मुफ़्त कोचिंग की सुविधा समाज कल्याण विभाग उपलब्ध करा रहा है. विभाग का फोकस है कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से परीक्षार्थियों को उनके घर पर ही उच्चकोटि का टीचिंग मैटेरियल उपलब्ध कराया जा सके. जिससे समाज के हर वर्ग से छात्र-छात्राएं अपने सपनों को पूरा कर सकें.
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मंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग ने पहले 100 दिन के लिए अनुसूचित जाति के 500 मेधावी छात्रों को संपूर्ण शिक्षण शुल्क, मेस व छात्रावास के खर्च के लिए 30 करोड़ की व्यवस्था की है. छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्यूट की राष्ट्रीय स्तर की 250 व उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट संस्थाओं के मेधावी छात्रों के चिन्हीकरण का लक्ष्य तय किया गया था. इस संबंध में प्रस्ताव व आदेश तैयार हो चुका है.
मंत्री असीम अरुण ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं जैसे वृद्धा अवस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आदि योजनाओं में यूजर के काम को आसान करने के लिए आईटी सेल का गठन किया गया है. जो लगातार फ़ीडबैक लेकर वेबसाइट को सुधारेगी. विभाग में भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरन्स की नीति अपनाई गयी है. भ्रष्टाचार की संभावनाओं को खत्म करने के लिए डीबीटी, आईटी और आधार लिंकिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है.
उप्र किन्नर कल्याण बोर्ड ने उभयलिंगी समुदाय के वरिष्ठजनों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था. इसके सापेक्ष विभाग के वृद्धाश्रमों में किन्नरों को प्रवेश दिये जाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है. इसके अलावा समाज कल्याण निदेशालय में एक कांटैक्ट सेंटर स्थापित किया जा रहा है. योजनाओं के लाभार्थी/आवेदकों को कोई समस्या आती है तो यहां सीधे फ़ोन, ईमेल या अन्य माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं. कांटैक्ट सेंटर से सहायता लेने वालों की समस्याओं का निराकरण या सही सलाह दी जाएगी.
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