UP News: योगी सरकार के मंत्री नंद गोपाल का बड़ा एक्शन, UPSIDA के प्रबंधक को किया बर्खास्त, अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Oct 2025 7:05 PM

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UP News: उत्तर प्रदेश में किसी की मनमानी नहीं चलेगी. योगी सरकार मनमानी और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. इसी कड़ी में राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में प्रबंधक विद्युत यांत्रिक के पद पर तैनात हेमेंद्र प्रताप सिंह को मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बर्खास्त कर दिया है. अनुशासनहीनता और कार्य निष्पादन में लापरवाही के आरोपों के चलते उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

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UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की है. औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के विद्युत-यांत्रिक प्रबंधक हेमेंद्र प्रताप सिंह को अनियमितता, अनुशासनहीनता और कार्य निष्पादन में लापरवाही के आरोपों के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया है. सरकार के इस कदम को योगी प्रशासन की उस नीति से जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत अधिकारी या कर्मचारी अगर अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और पारदर्शिता से नहीं करते, तो उन्हें बख्शा नहीं जाता.

जांच से उजागर हुई गंभीर लापरवाही

विभागीय सूत्रों के अनुसार, हेमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वे बिना अनुमति कई महीनों तक कार्य से अनुपस्थित रहे. उन पर यह भी आरोप था कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया और कार्यप्रणाली में बार-बार नियमों की अवहेलना की. UPSIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति गठित की. समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया का पालन नहीं किया, अनुशासनहीन रवैया अपनाया और विभागीय आदेशों की अवहेलना की.

आयोग की सहमति के बाद हुई बर्खास्तगी

जांच रिपोर्ट को देखते हुए UPSIDA प्रशासन ने लोक सेवा आयोग से अनुमोदन प्राप्त कर बर्खास्तगी की सिफारिश की, जिसे औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने अंतिम स्वीकृति दी. इसके बाद मंत्रालय ने आदेश जारी कर हेमेंद्र प्रताप सिंह की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई विभाग में अनुशासन बहाली और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है.

सेवा इतिहास और विवादित कार्यकाल

हेमेंद्र प्रताप सिंह को नवंबर 2020 में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से स्थानांतरित कर UPSIDA भेजा गया था. हालांकि, उन्होंने नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने में करीब डेढ़ वर्ष की देरी की और 18 अप्रैल 2022 तक अनुपस्थित रहे. इस दौरान न तो उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन किया और न ही अपने अनुपस्थित रहने का कोई स्पष्टीकरण दिया. विभाग ने कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण यह मामला गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आ गया.

योगी सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर फिर मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार, लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पिछले कुछ महीनों में कई विभागों में ऐसे ही मामलों में निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा चुकी है. नंद गोपाल नंदी की यह ताजा कार्रवाई उसी दिशा में एक और ठोस उदाहरण है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शासन में जवाबदेही सर्वोपरि है.

विभाग में संदेश: पारदर्शिता और जिम्मेदारी जरूरी

औद्योगिक विकास विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय से अन्य अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, मनमानी या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभाग अब सभी क्षेत्रीय इकाइयों से कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रदर्शन और नियमों के अनुपालन की नियमित रिपोर्ट मांग रहा है.

नंद गोपाल नंदी बोले- “किसी को नियमों से ऊपर नहीं समझना चाहिए”

मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर विभाग पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य करे. उन्होंने कहा, “कोई भी अधिकारी या कर्मचारी खुद को नियमों से ऊपर नहीं समझे. शासन की नीति साफ है- काम करें, ईमानदारी से करें, वरना कार्रवाई तय है.”

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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