UP News: पीएम मोदी की शोक संवेदना लेकर पंडित छन्नूलाल मिश्र के घर पहुंचे सीएम योगी, कहा- संगीत जगत ने खो दी महान विभूति

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Oct 2025 7:51 PM

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CM Yogi Adityanath

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र के आवास पर जाकर उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की. सीएम योगी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी ने उनके परिवार से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक संवेदना भी प्रकट की.

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UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार की शाम वाराणसी में पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र के आवास पहुंचे. उन्होंने उनके परिवार से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक संवेदना प्रकट की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. छन्नूलाल मिश्र का निधन भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पंडित मिश्र ने अपने जीवन से यह दिखाया कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि साधना है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं बनारस से गहरा जुड़ाव रखते हैं और पं. मिश्र को व्यक्तिगत रूप से मानते थे. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने फोन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और परिवार के प्रति अपनी भावनाएं भेजी हैं. योगी आदित्यनाथ ने कहा “पं. छन्नूलाल मिश्र जैसे कलाकार युगों में एक बार जन्म लेते हैं. उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को न केवल देश में, बल्कि विश्व पटल पर पहचान दिलाई. उनकी संगीत साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगी.”

पं. छन्नूलाल मिश्र का जीवन और योगदान

पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत पं. छन्नूलाल मिश्र को बनारस घराने की परंपरा का जीता-जागता प्रतीक माना जाता था. उनका संगीत ठुमरी, दादरा, कजरी और भजन गायन में अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध रहा. उन्होंने दशकों तक बनारस की सांस्कृतिक आत्मा को अपनी कला से जीवित रखा और गंगा-जमुनी तहजीब की झलक अपने संगीत में पेश की. परिवार के अनुसार, पं. मिश्र की तबीयत बीते कुछ दिनों से खराब थी. उन्होंने वाराणसी में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से पूरे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई.

प्रधानमंत्री मोदी और पं. मिश्र का रिश्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पं. छन्नूलाल मिश्र के बीच गहरा आत्मीय संबंध रहा है. पं. मिश्र ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री के सांस्कृतिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की थी और कहा था कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति को नया सम्मान मिला है. प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि “छन्नूलाल जी का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. उन्होंने संगीत की उस परंपरा को जीवित रखा, जो भारत की आत्मा से जुड़ी है.”

मुख्यमंत्री का वाराणसी दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर पं. मिश्र के पार्थिव चित्र पर पुष्प अर्पित किए और कुछ समय तक मौन श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने परिवारजनों से बातचीत की और शासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया और शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली.

सरकार का संदेश

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पं. छन्नूलाल मिश्र की स्मृति में वाराणसी में एक विशेष संगीत संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें बनारस घराने के प्रमुख कलाकार भाग लेंगे. राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि उनके नाम पर वाराणसी में एक सांस्कृतिक संस्थान या सभागार समर्पित किया जा सकता है.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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