नक्सली हिंसा, हाथी के हमले में मारे गये लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये व नौकरी देगी बंगाल सरकार, ममता बनर्जी का एलान

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Oct 2020 9:56 PM

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि राज्य के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में माओवादी हिंसा के कारण जान गंवा चुके या लापता हुए लोगों के परिजनों को नौकरी और वित्तीय सहायता देगी. मंगलवार को ममता बनर्जी ने क्षेत्र में हाथियों के हमले में मारे गये लोगों के परिवार वालों के लिए भी नौकरी की घोषणा की.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि राज्य के आदिवासी क्षेत्र जंगलमहल में माओवादी हिंसा के कारण जान गंवा चुके या लापता हुए लोगों के परिजनों को नौकरी और वित्तीय सहायता देगी. मंगलवार को ममता बनर्जी ने क्षेत्र में हाथियों के हमले में मारे गये लोगों के परिवार वालों के लिए भी नौकरी की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘माओवादी हिंसा के कारण जिनकी मौत हुई या एक दशक से अधिक समय से लापता हैं, उनके परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को विशेष होमगार्ड की नौकरी दी जायेगी.’ पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्राम जिलों में फैला जंगलमहल 2008 से 2012 तक माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है.

पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर क्षेत्र में एक प्रशासनिक बैठक में ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमने नीतिगत निर्णय लिया है कि क्षेत्र में हाथियों के हमले में मारे गये लोगों के परिवारों को भी सहायता दी जायेगी. परिवार के एक सदस्य को विशेष होमगार्ड की नौकरी भी दी जायेगी.’

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उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में खासकर मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्राम तथा उत्तरी बंगाल के कुछ जिलों में हाथियों के हमले में लोगों की जान चली जाती है. ममता ने एक व्यक्ति को नियुक्ति पत्र भी सौंपा, जिसके परिवार के एक सदस्य की झाड़ग्राम में हाथी के हमले में मौत हो गयी थी.

4,284 जूनियर कांस्टेबल को पदोन्नति

ममता बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि जिन जूनियर कांस्टेबलों ने सेवा के पांच साल पूरे कर लिये हैं, उन्हें कांस्टेबल के तौर पर पदोन्नत किया जायेगा. इनकी संख्या इस साल 4,284 है. उन्होंने ऐसे चार लोगों को पदोन्नति का पत्र भी सौंपा. साथ ही उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक से कहा कि शेष लोगों को दुर्गा पूजा से पहले पदोन्नति का पत्र सौंप दिया जाये. दुर्गा पूजा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में है.

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केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर बनर्जी ने कहा, ‘राज्य में पहले से ही हमारी अपनी स्वास्थ्य साथी योजना है. यदि केंद्र चाहता है कि हम आयुष्मान भारत लागू करें, तो उसके लिए पूरा पैसा दिया जाये.’ विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना समझी जा रही आयुष्मान भारत में केंद्र सरकार 60 फीसदी का योगदान करती है और बाकी 40 फीसदी राशि राज्यों को लगाना होता है.

8 हजार प्रवासियों को मिलेगी नौकरी

ममता बनर्जी ने पिछले महीने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था कि आयुष्मान भारत को पश्चिम बंगाल में तभी लागू किया जायेगा, जब केंद्र उसका शत-प्रतिशत वित्त पोषण करे और पैसा राज्य सरकार के मार्फत लगाया जाये. उन्होंने कहा कि निजी निवेश के मार्फत पर्यटन परियोजनाओं से रोजगार के 8,000 अवसर पैदा होंगे और कोविड-19 महामारी के चलते लौटे प्रवासी श्रमिकों को उनसे नौकरियां मिलेंगी.

Posted By : Mithilesh Jha

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