UP News: बरेली में दारोगा के भ्रष्टाचार की एसएसपी के सामने खुली पोल, बैंक अकाउंट में रिश्वत मांगने पर निलंबित

बरेली के इस प्रकरण में शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले गांव के ही एक युवक की शिकायत स्मैक तस्करी करने को लेकर की थी. इसके बाद से युवक रंजिश मानने लगा. पीड़ित ने बताया कि युवक ने उनकी बेटी के नाम से ही फर्जी सिम लेकर महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में उनके खिलाफ शिकायत कर दी.
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली के अलीगंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर ने एक व्यक्ति से फर्जी शिकायत के निस्तारण के नाम पर रिश्वत की मांग की. उस व्यक्ति ने रुपए नहीं होने की बात कही. इस पर दारोगा ने बैंक अकाउंट में रिश्वत डालने को कहा. पीड़ित ने रिश्वत एकाउंट में डालने के बजाय एसएसपी से शिकायत की. एसएसपी ने दारोगा से सवाल किए, लेकिन वह जवाब नहीं दे पाया. इसके बाद उसे निलंबित कर मामले की जांच शुरू करा दी गई है. बताया जा रहा है कि अलीगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने एसएसपी के सामने पेश होकर बताया कि महिला और मानवाधिकार आयोग में फर्जी शिकायत की गई थी. इसके निस्तारण करने के बदले में 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की. यह रकम अपने बैंक अकाउंट में लेने को खाता नंबर भी दे दिया गया. जनसुनवाई के दौरान एसएसपी से शिकायत की गई थी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में दारोगा से रिश्वत के प्रकरण में जवाब मांगा, वह नहीं दे पाए. इसके बाद आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर बहेड़ी सर्किल के सीओ को जांच सौंपी गई है.
बरेली के इस प्रकरण में शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले गांव के ही एक युवक की शिकायत स्मैक तस्करी करने को लेकर की थी. इसके बाद से युवक रंजिश मानने लगा. पीड़ित ने बताया कि युवक ने उनकी बेटी के नाम से ही फर्जी सिम लेकर महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में उनके खिलाफ शिकायत कर दी. इस पर वह अपनी बेटी को झारखंड से लेकर आए. इसके बाद सीओ आंवला ने उनके खिलाफ शिकायतों की जांच शुरू की. उनकी बेटी ने सीओ को पूरी जानकारी दी और उसने बताया कि कोई शिकायत नहीं की थी. उसने 25 नवंबर को सूरज वर्मा, हेम सिंह समेत तीन चार अज्ञात लोगों पर अलीगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई थी.
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ग्रामीण ने बताया कि उनके मामले की विवेचना दारोगा राजकुमार सिंह कर रहे हैं. दारोगा पर धमकाने का आरोप लगाया. बोले कि लखनऊ जाकर आयोग में शिकायत खत्म नहीं कराई, तो उन पर कार्रवाई हो जाएगी. दारोगा ने इसके बदले में 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की. एक ढाबे पर उनसे मिलकर दबाव डाला. उन्होंने रुपए नहीं होने की बात बताई. इस पर दारोगा ने अपना बैंक खाता नंबर दे दिया. बोले, इस खाते में रुपए डाल देना. इसके साथ ही खर्च पानी के नाम पर 2000 भी ले लिए, जिसके चलते एसएसपी ने जनसुनवाई के दौरान शिकायत सुनने के बाद अलीगंज एससो अजय कुमार शुक्ला से दारोगा के संबंध में जानकारी की. ऑनलाइन ही एसएसपी ने दारोगा को तलब किया. इससे दारोगा सकपका गया. इसके बाद आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर जांच जाएं शुरू कराई गई है.
बरेली देहात के भदपुरा विकास खंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटन में बड़ा खेल सामने आया है. विकास खंड की ग्राम पंचायत बहोरिया, मर्गापुर मरगईया, और उसके मजरा बरसिया में वर्ष 2021-22,और 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का निर्माण कराया गया था. इनमें से 10 आवास आपत्रों को पत्र को बांटने का मामला सामने आया है. इस मामले में जांच के बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी राजू सिंह और विशाल कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली. इसके बाद खंड विकास अधिकारी भगवान दास ने क्योलाडियाथाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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