तृणमूल के पास सिर्फ एक चेहरा, संकट में आयीं तो भवानीपुर छोड़कर नंदीग्राम भाग गयीं, बोले बीजेपी नेता दिलीप घोष

Dilip Ghosh Interview: बंगाल चुनाव से पहले एक हिंदी चैनल को दिये इंटरव्यू में दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में लूट मची है. भ्रष्टाचार का बोलबाला है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हर बार कहती हैं कि खेलबो, जीतबो, लेकिन वह हर बार हार जाती हैं. उनके कार्यकर्ता और समर्थक दूसरी पार्टियों के कार्यालयों में तोड़फोड़ करते हैं. इस बार खेल उनके घर से ही शुरू हो गया है.
कोलकाता : पश्चिम बंगाल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के पास सिर्फ एक चेहरा है. ममता बनर्जी. वह जब संकट में पड़ीं, तो कोलकाता के भवानीपुर से भागकर नंदीग्राम चलीं गयीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से घबराकर वह सिलीगुड़ी भाग गयीं. भाजपा में बहुत से चेहरे हैं. चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया जायेगा.
बंगाल चुनाव से पहले एक हिंदी चैनल को दिये इंटरव्यू में श्री घोष ने कहा कि बंगाल में लूट मची है. भ्रष्टाचार का बोलबाला है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हर बार कहती हैं कि खेलबो, जीतबो, लेकिन वह हर बार हार जाती हैं. उनके कार्यकर्ता और समर्थक दूसरी पार्टियों के कार्यालयों में तोड़फोड़ करते हैं. इस बार खेल उनके घर से ही शुरू हो गया है.
श्री घोष ने पूछा कि आखिर दीदी ने बंगाल के लिए किया ही क्या है? उन्होंने कहा कि लाखों नौजवान नौकरी की तलाश में भारत के अलग-अलग कोने में जा रहे हैं. वे भाजपा शासित राज्यों में पलायन कर रहे हैं, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके. एक वक्त था, जब देश भर से लोग बंगाल में नौकरी के लिए आते थे. व्यवसाय करने आते थे. आज कोई नहीं आता.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ममता बनर्जी विकास के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके 10 साल के शासन में विकास नहीं हुआ. यदि ऐसा होता, तो राज्य के 40 लाख लोग नौकरी की तलाश में दूसरे प्रदेशों में क्यों जाते. इन लोगों को गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में रोजगार की तलाश में जाना पड़ रहा है.
श्री घोष ने कहा कि लॉकडाउन में जब ये 40 लाख लोग अलग-अलग राज्यों में फंस गये, तो उन्हें अपने घर लाने के इंतजाम ममता बनर्जी ने नहीं किये. उन्होंने किसी ट्रेन की मांग नहीं की. उनके इस व्यवहार के लिए जनता इस बार चुनाव में उन्हें जवाब देगी.
दिलीप घोष से जब पूछा गया कि मोदी की रैली में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़ क्या वोट में तब्दील हो पायेगी? उन्होंने कहा कि जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है. लोग ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से तंग आ गये हैं. प्रधानमंत्री की रैली के लिए बहुत ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं किया गया. बावजूद इसके 10-15 लाख लोगों की भीड़ पहुंची.
इसके लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर काम किया. लोग खुद कोलकाता पहुंचे और ऐसी भीड़ हुई कि ममता बनर्जी भागकर सिलीगुड़ी चली गयीं. इसलिए उन्हें पूरी उम्मीद है कि भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनायेगी. यह पूछे जाने पर तृणमूल कांग्रेस बार-बार पूछ रही है कि भाजपा का सीएम कैंडिडेट कौन होगा, उनका चेहरा कौन होगा, इस सवाल के जवाब में श्री घोष ने कहा कि भाजपा के पास चेहरों की कमी नहीं है.
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भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेतृत्व के द्वारा दिये गये लक्ष्य को पाने के लिए काम करते हैं. दो साल पहले पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी सीटें जीतने का लक्ष्य दिया था. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उस लक्ष्य को पूरा किया. अब 200 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया गया है, उसे भी पूरा करेंगे.
दिलीप घोष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ममता बनर्जी को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के 35 फीसदी मुस्लिम वोटरों पर भरोसा है. लेकिन, उन्होंने आज तक मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया. इसलिए मुस्लिम मतदाता भी इस बार उनको वोट नहीं देंगे. पढ़े-लिखे मुस्लिमों को समझ आ गयी है कि अब तक सिर्फ वोट बैंक के रूप में उनका इस्तेमाल किया गया है. इसलिए काफी संख्या में मुसलमान भाजपा में शामिल हो रहे हैं.
Posted By : Mithilesh Jha
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