मिथिला विश्वविद्यालय: बीटेक के छात्र का पीजी मैथिली में ले लिया नामांकन, दो दर्जन छात्रों का एडमिशन अवैध

Updated at : 02 Aug 2021 12:15 PM (IST)
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मिथिला विश्वविद्यालय: बीटेक के छात्र का पीजी मैथिली में ले लिया नामांकन, दो दर्जन छात्रों का एडमिशन अवैध

दरभंगा: लनामिवि के पीजी मैथिली विभाग में सत्र 2020-22 के तहत पीजी प्रथम सेमेस्टर में नामांकित 45 में से 24 छात्रों का नामांकन रद्द हो सकता है. नामांकन पर्यवेक्षण समिति ने इन छात्रों का नामांकन रद्द करने की अनुशंसा कर दी है. डीएसडब्ल्यू कार्यालय स्तर से आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

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प्रवीण कुमार चौधरी/ दरभंगा: लनामिवि के पीजी मैथिली विभाग में सत्र 2020-22 के तहत पीजी प्रथम सेमेस्टर में नामांकित 45 में से 24 छात्रों का नामांकन रद्द हो सकता है. नामांकन पर्यवेक्षण समिति ने इन छात्रों का नामांकन रद्द करने की अनुशंसा कर दी है. डीएसडब्ल्यू कार्यालय स्तर से आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

बीटेक डिग्रीधारी का नामांकन भी पीजी मैथिली में

इन 24 छात्रों में से अधिकांश ने पीजी प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा फार्म भी भर दिया है. दो छात्रों का ही परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सका है, जिसका डाटा ऑनलाइन आवेदन के दौरान भरे गये डाटा से मेल नहीं खा रहा है. जिन 24 छात्रों का नामांकन रद्द किये जाने की संभावना बन गयी है, उन छात्रों के प्रतिष्ठा या आनुषंगिक विषय में मैथिली शामिल ही नहीं थी. बावजूद उनका नामांकन पीजी मैथिली में हो गया. इसमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने बीटेक कर रखा है. कुछ छात्र बीएससी पास हैं. वहीं वैसे छात्र भी हैं, जो संबंधित विषय में आवेदन तो किया परंतु उसमें नामांकन नहीं हो सका. बाद में पीजी मैथिली में नामांकन ले लिया.

जानबूझ कर की गयी बड़े पैमाने पर अनियमितता! :

इतनी बड़ी गलती अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है. एक दो मामले में हुई गलती को अनायास माना जा सकता था, परंतु दो दर्जन छात्रों का अवैध नामांकन साधारण नहीं समझा जा रहा है. इसे जानबूझकर किये जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है. आश्चर्य तो यह है कि ऑनलाइन आवेदन से लेकर चयन सूची जारी करने, नामांकन के लिये आवंटन सूची जारी करने, आवंटित छात्रों को नामांकन की अनुमति से पहले पेपर वेरिफिकेशन, नामांकन रसीद जारी करने सहित सभी स्तरों पर विश्वविद्यालय ने चेक प्वाइंट बना रखा था. बावजूद इतने छात्रों का अवैध नामांकन होना बिना विश्वविद्यालय प्रशासन की मिली भगत के संभव नहीं बताया जा रहा है. इस मामले में मैथिली पीजी विभाग की सीधी संलिप्तता साफ दिख रही है. कारण कि नामांकन से पूर्व कागजातों का फाइनल भौतिक सत्यापन संबंधित पीजी विभाग में ही होता है.

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पीजी में नामांकन को लेकर यह है प्रावधान :

प्रावधान के अनुसार पीजी में नामांकन के लिए संबंधित विषय से छात्रों का ऑनर्स में कुल अंकों का कम से कम 45 प्रतिशत अंक जरूरी है. वहीं आनुषंगिक विषय के तौर पर शामिल संबंधित विषय के दोनों खंडों का अंक मिला कर कम से कम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य है.

कार्रवाई से पहले नियमावली में करना होगा संशोधन :

संबंधित छात्रों का नामांकन रद्द करने से पहले विश्वविद्यालय को नियम में संशोधन करना होगा. परीक्षा नियमावली को प्रभावित किये बिना इन छात्रों का नामांकन रद्द करना विवि को भी कटघरे में खड़ा कर सकता है.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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