दिल में चीन के खिलाफ आक्रोश, आंखों में आंसू : सैनिक सम्मान के साथ शहीद विपुल रॉय को दी अंतिम विदाई
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jun 2020 8:28 PM
कालचीनी : चीन की दगाबाजी में देश ने 20 सपूतों को खो दिया. इनमें अलीपुरदुआर का लाल विपुल रॉय भी देश के लिए कुर्बान हो गये. शहादत की खबर के बाद जिला के लोगों को शहीद हवलदार विपुल बाबू के पार्थिव शरीर का इंतजार था. शुक्रवार को हासीमारा एयरबेस से सैन्य वाहनों की टोली निकालकर अलीपुरदुआर जिले के बिंदीपाड़ा ग्राम के मैदान में पहुंची. सैन्य वाहनों से तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को उतारा गया.
कालचीनी : चीन की दगाबाजी में देश ने 20 सपूतों को खो दिया. इनमें अलीपुरदुआर का लाल विपुल रॉय भी देश के लिए कुर्बान हो गये. शहादत की खबर के बाद जिला के लोगों को शहीद हवलदार विपुल बाबू के पार्थिव शरीर का इंतजार था. शुक्रवार को हासीमारा एयरबेस से सैन्य वाहनों की टोली निकालकर अलीपुरदुआर जिले के बिंदीपाड़ा ग्राम के मैदान में पहुंची. सैन्य वाहनों से तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को उतारा गया.
यहां से सेना के जवानों ने कंधा देकर आंगन तक पहुंचाया गया. जवानों ने जैसे ही पार्थिव शरीर को घर के आंगन में उतारा, वैसे ही शहीद विपुल की मां, पिता, पत्नी, बेटी तमन्ना और उनके भाई समेत परिवार वाले तिरंगे में लिपटे अपने लाल से लिपटकर रोने लगे. शहीद की नन्हीं बच्ची की चीखों में शहीद के लौट आने की पुकार घर के कोने-कोने में गूंजने लगी.

उसी दौरान वहां पहुंचे विभिन्न मंत्रियों, नेता व प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद विपुल रॉय को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद परिजनों से मिलकर सहानुभूति जतायी. सैन्य सम्मान के साथ शहीद हवलदार विपुल रॉय के आंगन से शहीद नायक की अंतिम यात्रा शुरू हो गयी और गांव की गलियों से गुजरते हुए श्मशान घाट तक पहुंची.
Also Read: In PICS : शहीद गणेश हांसदा को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, बेटे के माथे को चूम दहाड़ें मारकर रोने लगी मांरास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग शहीद विपुल के अंतिम दर्शन के लिए खड़े थे. लोग अमर शहीद पर फूल बरसा रहे थे. रास्ते में वाहनों से आने-जाने वाले लोगों ने भी वाहन रोककर उनकी शहादत को नमन किया. शोभायात्रा में इलाके के लोग व दूर-दूर से आये हुए हजारों देशप्रेमी उपस्थित रहे. भीड़ में शामिल हर आंख नम थी. हर किसी का सीना गर्व से फूला था. मन में चीन के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश था.
बार-बार लोग ‘वंदे मातरम’, ‘विपुल रॉय अमर रहे’, ‘भारत माता की जय’, ‘चीन मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे. इस दौरान इलाके के समस्त दुकानों में ताले लगे रहे. अंतिम विदाई के दौरान श्मशान घाट पर उपस्थित भारतीय सैन्य जवानों के उच्चाधिकारी, जिला शासक सुरेंद्र कुमार मीणा, एसपी अमिताभ माइती, अलीपुरदुआर एसडीपीओ कुतुबुद्दीन खान समेत पुलिस-प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी.
सैन्य जवानों ने ने राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी. शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित करने अलीपुरदुआर के विधायक सौरभ चक्रवर्ती, तृणमूल जिला अध्यक्ष मृदुल गोस्वामी, अलीपुरदुआर सांसद जॉन बारला, कूचबिहार सांसद निशीथ प्रमाणिक, मदारीहाट विधायक मनोज तिग्गा समेत अन्य गणमान्य लोग पहुंचे.

उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात भारत-चीन सीमा के लद्दाख स्थित गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प में अलीपुरदुआर जिला के बिंदीपाड़ा के लाल हवलदार विपुल रॉय ने देश के लिए अपना बलिदान दे दिया. विपुल बाबू की शहादत ने डुआर्स के खुशनुमा गांव में गम, गुस्से और मातम का माहौल पैदा कर दिया. फिजाओं में विपुल बाबू अमर रहे के नारे गूंज रहे थे. गुरुवार को हवाई जहाज से शहीद के पार्थिव शरीर को कालचीनी के हासीमारा एयरबेस पर उतारा गया. विपुल बाबू का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गया.
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