झारखंड के बहरागोड़ा में ‘गलवान घाटी’, शहीद गणेश हांसदा को दोस्तों ने इस अंदाज में दी श्रद्धांजलि
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Jun 2020 4:10 PM
चीन की सेना से लोहा लेते हुए लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा के रहने वाले गणेश हांसदा के पार्थिव देह को रांची और फिर वहां से जमशेदपुर ले जाने की तैयारियां चल रही हैं. गांव में प्रशासनिक स्तर पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है, तो दोस्तों ने उन्हें अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है. गुरुवार (18 जून, 2020) को साथियों ने बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत चिंगड़ा पंचायत के कषाफलिया गांव में ही गलवान घाटी का प्रारूप बनाकर अपने शहीद यार को श्रद्धांजलि दी.
बहरागोड़ा से परवेज : चीन की सेना से लोहा लेते हुए लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा के रहने वाले गणेश हांसदा के पार्थिव देह को रांची और फिर वहां से जमशेदपुर ले जाने की तैयारियां चल रही हैं. गांव में प्रशासनिक स्तर पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है, तो दोस्तों ने उन्हें अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है. गुरुवार (18 जून, 2020) को साथियों ने बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत चिंगड़ा पंचायत के कषाफलिया गांव में ही गलवान घाटी का प्रारूप बनाकर अपने शहीद यार को श्रद्धांजलि दी.
गणेश के कई दोस्त तो इस कदर मर्माहत हैं कि उन्होंने खाना-पीना ही छोड़ दिया है. मिट्टी, पत्थर, सीमेंट, बोरा आदि से खूबसूरत गलवान घाटी का निर्माण कर दिया है. इसके नीचे शहीद गणेश हांसदा की तस्वीर रखी है. घाटी को भारतीय ध्वज तिरंगा के रंगों में एवं फूलों से सजाया गया है. राहुल पैड़ा, सोमनाथ पात्र, विराम बास्के, राहुल हांसदा, सुनील हेम्ब्रम, रामसाई मुर्मू, होपना हांसदा, लक्ष्मण हांसदा, धर्मेंद्र मांडी, बबलू हांसदा, आशीष सिंह समेत गणेश के अन्य साथियों ने इस अनोखे अंदाज में उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
Also Read: बेटी को देखने से पहले ही चीन सीमा पर शहीद हो गये साहिबगंज के कुंदन ओझा, परिवार से कहा था : सीमा पर तनाव कम होगा तो गांव आऊंगा…शहीद गणेश हांसदा के पार्थिव शरीर के गांव आने की सूचना पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी. एक-एक कर लोग गांव पहुंचते और शहीद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते रहे. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचु भी कषाफलिया गांव पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर शहीद को श्रद्धांजलि दी. शहीद के माता-पिता और भाई को ढाढ़स बंधाया.
प्रदीप बलमुचु ने कहा कि वे हमेशा शहीद के परिवार के साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर शहीद होना किसी के लिए भी गौरव की बात है. गणेश हांसदा पर पूरे भारत को गर्व है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमेटी के सदस्य भी शहीद के घर पहुंचे तथा हर तरह की मदद का आश्वासन दिया.
कषाफलिया के गणेश हांसदा के भारत-चीन सीमा पर शहीद होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला गांव में कैंप करने लगा. रात भर बीडीओ राजेश कुमार साहू तथा सीओ हीरा कुमार के नेतृत्व में व्यवस्था को दुरुस्त किया गया. जेसीबी से मुख्य सड़क से शहीद के घर तक मुरम बिछाकर सड़क का निर्माण कराया गया.
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शहीद के घर से अंतिम संस्कार स्थल तक की सड़क बनायी गयी. गांव में चापाकल खराब होने की सूचना पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय से लेकर वरीय पदाधिकारी गांव पहुंच गये. नया चापाकल लगा दिया गया. गांव में दो स्ट्रीट लाइट भी लगा दी गयी.
Posted By : Mithilesh Jha
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