ePaper

Masik Durga Ashtami November 2022: आज है मासिक दुर्गाष्टमी, ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा

Updated at : 01 Nov 2022 8:58 AM (IST)
विज्ञापन
Masik Durga Ashtami November 2022:  आज है मासिक दुर्गाष्टमी, ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा

Masik Durga Ashtami November 2022: नवरात्रि के अलावा हर माह की दुर्गाष्टमी खास होती है. आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त...

विज्ञापन

Masik Durga Ashtami 2022:  नवंबर की अष्टमी तिथि 01 नवंबर 2022 को है. हिंदू धर्म में दुर्गाष्टमी का बहुत ही ज्यादा महत्व है. नवरात्रि के अलावा हर माह की दुर्गाष्टमी खास होती है. आइए जानते हैं मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त…

सावन मासिक दुर्गा अष्टमी तिथि

इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की दुर्गा अष्टमी जिसे गोपाष्टमी भी कहते हैं आज, 01 नवंबर 2022, मंगलवार को है. अष्टमी तिथि 5 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से हो रही है. इस तिथि का समापन 01 नवंबर को रात 11 बजकर 04 मिनट पर  होगाा.

मां दुर्गा का स्वरूप

मां ममता का सागर होती है. इनके मुखमं डल से तेजोमय कांति झलकती है, जिससे समस्त संसार प्रकाशमय होती है. इनकी आठ भुजाएं हैं, जो अस्त्र और शस्त्रों से सुशोभित हैं. जबकि मां दुर्गा की सवारी सिंह है.

Masik Durga Ashtami 2022: पूजा- विधि

  • इस दिन सुबह उठकर जल्गी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें.

  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें.

  • मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें.

  • मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं.

  • धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें.

  • मां को भोग भी लगाएं. इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है.

पूजा करते समय दुर्गा चालीसा का पाठ करें और निम्न मंत्र का जाप करें

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके।
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते॥
या देवी सर्वभूतेषु मां दुर्गा-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

अंत में आरती आराधना करें. दिन भर उपवास रखें। साधक चाहे तो दिन में एक बार फल और जल ग्रहण कर सकते हैं. शारीरिक शक्ति का दमन न करें. जथा शक्ति तथा भक्ति के भाव से व्रत उपवास करें. शाम में आरती-अर्चना के बाद फलाहार करें। रात्रि में जागरण कर भजन कीर्तन कर सकते हैं. अगले दिन नवमी तिथि को नियमित तरीके से पूजा-पाठ कर व्रत खोलें.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola