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Kharmas 2023: शुरू होने वाला है खरमास, इस दौरान जरूर करें ये कार्य, मिलेगा शुभफल

Updated at : 15 Mar 2023 8:40 AM (IST)
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Kharmas 2023: शुरू होने वाला है खरमास, इस दौरान जरूर करें ये कार्य, मिलेगा शुभफल

Kharmas 2023: खरमास का महीना भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है. ऐसे में इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा अर्चना और उनसे जुड़ी वस्तुओं का दान पुण्य आदि भी किया जा सकता है. मार्च में 16 तारीख से खरमास लगने के लिए कारण शुभ कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी.

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Kharmas 2023: मार्च में 16 तारीख से खरमास लगने के लिए कारण शुभ कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी. इस दौरान पूरे एक माह की अवधि को खरमास या मलमास नाम से जानते हैं.हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार खरमास की यह अवधि शुभ और मांगलिक कार्य के लिए ठीक नहीं बताई गई है. हालाँकि इस दौरान पूजा-पाठ, दान, पुण्य और आध्यात्मिक काम करना विशेष फलदाई साबित होता है.

खरसास के दौरान करें भगवान विष्णु की पूजा अर्चना

खरमास का महीना भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है. ऐसे में इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा अर्चना और उनसे जुड़ी वस्तुओं का दान पुण्य आदि भी किया जा सकता है. ऐसा करने से आपके जीवन में सुख समृद्धि आएगी, महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपको मानसिक शांति भी मिलेगी.

खरमास में क्या करें?

  • खरमास में सूर्य की उपासना करनी चाहिए.

  • इसके अलावा यह एक महीना महा धर्म, दान, जप-तप आदि के लिए अति उत्तम माना गया है. इस दौरान जो कोई भी व्यक्ति सच्ची आस्था और श्रद्धा के साथ दान पुण्य आदि करता है उससे कई गुना फल प्राप्त होता है.

  • इसके अलावा खरमास के महीने में ब्राह्मण, गुरु, गाय और साधु-सन्यासियों की सेवा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है.

  • खरमास के इस महीने में तीर्थ यात्रा करना बेहद ही उत्तम माना जाता है. इसके अलावा इस महीने में भागवत गीता, श्री राम पूजा, कथा वाचन, विष्णु और शिव पूजन बेहद ही शुभ माने जाते हैं.

ऐसे लगता है खरमास

ज्योतिष के अनुसार 9 ग्रह बताए गए हैं. इनमें से राहु-केतु को छोड़कर सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में घूमते रहते हैं. सभी ग्रह वक्री और मार्गी दोनों चाल चलते हैं, लेकिन सूर्य एक ऐसा ग्रह है जो सदैव मार्गी रहता है और वह हर माह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं. इसी तरह जब सूर्य बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करते हैं तो बृहस्पति का तेज समाप्त हो जाता है.

बृहस्पति को विवाह और वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है. इसलिए सूर्य के बृहस्पति की राशियों में प्रवेश करने पर खरमास लगता है. इस दौरान सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी होती है इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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