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हिंदी साहित्य के आलोचक प्रो मैनेजर पांडेय के निधन पर शोक, झारखंड प्रगतिशील लेखक संघ ने दी श्रद्धांजलि

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हिंदी साहित्य के आलोचक प्रो मैनेजर पांडेय के निधन पर शोक, झारखंड प्रगतिशील लेखक संघ ने दी श्रद्धांजलि

Mumbai: Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) candidate Rutuja Latke flashes victory sign after winning from Andheri East seat, during the Maharashtra Assembly by-elections, in Mumbai, Sunday, Nov. 6, 2022. (PTI Photo)(PTI11_06_2022_000111A)

प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव मिथिलेश ने कहा, प्रो मैनेजर पांडेय ने हिंदी आलोचना के विकास में केंद्रीय भूमिका निभायी और महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का उपहार दिया. हिंदी में भक्ति आंदोलन के महत्त्व की पुनर्स्थापना तथा भक्तियुगीन साहित्य के मूल्यांकन में उन्होंने जो योगदान किया.

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हिंदी साहित्य के मशहूर आलोचक और वरिष्ठ लेखक प्रोफेसर मैनेजर पांडेय का रविवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया. हिंदी आलोचना के महत्त्वपूर्ण स्तंभ प्रो मैनेजर पांडेय के निधन पर झारखंड प्रगतिशील लेखक संघ की अध्यक्ष मंडल के सदस्य और कथाकार ranendra, महासचिव मिथिलेश, कथाकार पंकज मित्र, कमल, प्रवीण परिमल , रांची जिला प्रगतिशील लेखक संघ की सचिव डा प्रज्ञा गुप्ता ने शोक व्यक्त करते हुए प्रो पांडेय के प्रति श्रद्धांजलि दी है.

प्रो मैनेजर पांडेय ने हिंदी आलोचना के विकास में केंद्रीय भूमिका निभायी : मिथिलेश

प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव मिथिलेश ने कहा, प्रो मैनेजर पांडेय ने हिंदी आलोचना के विकास में केंद्रीय भूमिका निभायी और महत्त्वपूर्ण पुस्तकों का उपहार दिया. हिंदी में भक्ति आंदोलन के महत्त्व की पुनर्स्थापना तथा भक्तियुगीन साहित्य के मूल्यांकन में उन्होंने जो योगदान किया, वह लंबे समय तक याद रखा जायेगा. हिंदी साहित्येतिहास दर्शन की परंपरा और विधा से हिंदी जगत को परिचित कराने की दिशा में साहित्य की इतिहास दृष्टि जैसी बहुमूल्य पुस्तक के माध्यम से सार्थक प्रयत्न किया.

प्रो मैनेजर पांडेय के निधन से हिंदी जगत स्तब्ध

महासचिव मिथिलेश ने कहा, प्रो मैनेजर पांडेय साहित्य में प्रगतिशील मूल्यों की परंपरा के रेखांकन और उसकी निरंतरता को दिखाते हुए साहित्य की जनपक्षधरता की वकालत हमेशा करते रहे. केवल लेखन के माध्यम से ही नहीं वरन सांगठनिक स्तर पर सक्रिय रहते हुए वाचिक परम्परा को भी आगे बढ़ाने में अहम योगदान किया. ऐसे महत्वपूर्ण आलोचक के जाने से हिंदी जगत स्तब्ध है और अभिभावक की छाया से वंचित होने जैसा है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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