Narada Sting Operation : नारदा मामले में फिरहाद हकीम-मदन मित्रा-शोभन चटर्जी पहुंचे कोर्ट, भाजपा पर कसा तंज…

बाद में 2021 में फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, शोभन चटर्जी और कोलकाता के पूर्व मेयर दिवंगत सुब्रत मुखोपाध्याय को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
पश्चिम बंगाल में नारदा मामले में फिरहाद हकीम, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी कोर्ट में पेश हुए. गौरतलब है कि कोलकाता के वर्तमान और पूर्व मेयर और कमरहाटी के तृणमूल विधायक गुरुवार सुबह बिचार भवन स्थित सीबीआई अदालत में पेश हुए. संयोग से गुरुवार सुबह से राज्य के जिलों में सत्ताधारी दल के नेताओं-पार्षदों-विधायकों के घरों पर भी सीबीआई की तलाशी शुरू हो गई है. कोर्ट में प्रवेश करते वक्त तीनों लोगों ने सीबीआई ऑपरेशन पर टिप्पणी की. यहां तक कि उस संदर्भ में बुधवार को तृणमूल के धरने में भाजपा के राष्ट्रगान के अपमान का मामला भी सामने आया.
गुरुवार की सीबीआई छापेमारी के बारे में पूछे जाने पर मंत्री और मेयर फिरहाद ने कहा, अमित शाह शहर आए थे. हो सकता है उन्होंने कुछ निर्देश दिये हों. लेकिन इतना सब करने के बाद भी बीजेपी बंगाल में पैर नहीं जमा पाएगी. उनका कोई संगठन नहीं है. केंद्रीय एजेंसी से तृणमूल पर शिकंजा नहीं कसा जा सकता. इसके बाद उनसे बीजेपी पर लगे राष्ट्रगान के अपमान के आरोप को लेकर सवाल किया गया. तृणमूल ने आरोप लगाया कि घटना के वक्त शुभेंदु अधिकारी ही बीजेपी विधायकों के नेता थे. शुभेंदु भी नारद केस में आरोपी हैं.
मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा ‘राष्ट्रगान का अपमान बहुत ही निंदनीय घटना है. मुझे उम्मीद है कि कानून इस संबंध में कानून का पालन करेगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा. संयोग से, तृणमूल ने बुधवार को विधानसभा परिसर में सत्तारूढ़ दल के धरने के दौरान भाजपा पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया था. कथित तौर पर जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरने में शामिल विधायकों से राष्ट्रगान गाकर कार्यक्रम खत्म करने को ���हा तो शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए. तृणमूल का आरोप है कि राष्ट्रगान का अपमान किया गया है.
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कोलकाता के पूर्व मेयर और सत्ताधारी पार्टी के पूर्व विधायक शोभन चटर्जी कोर्ट पहुंचे थे. सीबीआई छापेमारी पर शोभन चटर्जी ने कहा, ‘राजनीतिक संस्कृति का पूरी तरह से पतन हो गया है. गौरतलब है कि नारद मामला पहली बार 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था. बाद में 2021 में फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, शोभन चटर्जी और कोलकाता के पूर्व मेयर दिवंगत सुब्रत मुखोपाध्याय को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. इस मामले में सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और न ही उनसे पूछताछ की.
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By Shinki Singh
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