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Davis Cup: पाकिस्तान गई भारतीय टीम को मिल रही है ‘राष्ट्र प्रमुख’ जैसी सुरक्षा, बम निरोधक दस्ता भी साथ में

Updated at : 29 Jan 2024 5:40 PM (IST)
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Davis Cup: पाकिस्तान गई भारतीय टीम को मिल रही है ‘राष्ट्र प्रमुख’ जैसी सुरक्षा, बम निरोधक दस्ता भी साथ में

भारत की टेनिस टीम 60 साल में पहली बार डेविस कप खेलने पाकिस्तान गई है. पाकिस्तान की ओर से टीम की सुरक्षा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है. भारतीय टीम को वैसी सुरक्षा दी जा रही है, जैसी यहां दूसरे देश से आने वाले राष्ट्राध्यक्षों को दी जाती है.

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डेविस कप मुकाबले के लिए लगभग 60 साल में पहली बार पाकिस्तान दौरे पर गयी भारतीय टेनिस टीम को इस देश की यात्रा करने वाले ‘राष्ट्र अध्यक्ष’ जैसी सुरक्षा मुहैया करायी गयी है. खिलाड़ियों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए लागू सुरक्षा योजना के तहत एक बम निरोधक दस्ता हर सुबह इस्लामाबाद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जांच करेगा और यात्रा के दौरान भारतीय टीम दो एस्कॉर्ट वाहन की निगरानी में रहेगी. पाकिस्तान टेनिस महासंघ (पीटीएफ) सुरक्षा पहलू पर कोई समझौता नहीं करना चाहता है. भारतीय खिलाड़ी ज्यादातर आयोजन स्थल और होटल तक ही सीमित रहेंगे. खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति हालांकि थोड़ी कठिन हो सकती है.

60 साल में पहली बार पाकिस्तान दौरे पर भारतीय टीम

पीटीएफ अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) द्वारा अनुमोदित सुरक्षा योजना का पालन कर रहा है. पीटीएफ के महासचिव कर्नल गुल रहमान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘भारतीय टीम 60 साल के बाद पाकिस्तान आई है, इसलिए हम अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं. भारतीय टीम के चारों ओर सुरक्षा की चार से पांच परतें हैं. मैं इस आयोजन के सुरक्षा प्रबंधक के रूप में, यात्रा के दौरान उनके साथ हूं.’ भारतीय दल रविवार रात इस्लामाबाद पहुंचा जिसमें पांच खिलाड़ी, दो फिजियो और अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के दो अधिकारी हैं.

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10,000 कैमरों से निगरानी

रहमान ने कहा, ‘यात्रा के समय एस्कॉर्ट वाहन टीम के साथ रहती हैं. टीम वीवीआईपी प्रवेश द्वार से होटल में प्रवेश करती हैं, जो राज्य के प्रमुखों के लिए आरक्षित है. बम निरोधक दस्ते हर सुबह आयोजन स्थल की गहन जांच करेंगे और कार्यक्रम स्थल में किसी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह प्रक्रिया पूरे मुकाबले के दौरान जारी रहेगी.’ उन्होंने कहा, ‘इस्लामाबाद एशिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है. आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में सुरक्षा पहले से ही कड़ी है. यहां लगातार हवाई निगरानी हो रही है, शहर में लगभग 10,000 कैमरे लगे हैं. भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.’ इस काम में पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (पीएसबी), इस्लामाबाद पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अन्य की टीमें सहयोग कर रहीं हैं.

भारत की मेजबानी सम्मान की बात

रहमान ने कहा, ‘भारतीय टीम की मेजबानी करना न केवल पीटीएफ के लिए बल्कि पाकिस्तान के लिए भी सम्मान की बात है. हम खेल कूटनीति में विश्वास करते हैं.’ पाकिस्तान के बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों में से एक अकील खान ने कहा कि भारतीय टीम अगर सहज है तो उसे शहर में घूमना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर वे बाहर नहीं जा सकते हैं और शहर नहीं देख सकते हैं, तो रेस्तरां में जाएं. मैं उन्हें रात्रिभोज के लिए ले जाना चाहूंगा. उन्होंने अचूक सुरक्षा मांगी है और इसलिए ऐसी व्यवस्था की है. यह अब भारतीय खिलाड़ियों पर निर्भर है.’

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सुरक्षा से संतुष्ट है भारतीय टीम

भारतीय टीम हालांकि सुरक्षा को लेकर काफी हद तक निश्चित है, लेकिन यह स्पष्ट है कि खिलाड़ी सतर्क रहेंगे. भारत के एक खिलाड़ी ने कहा, ‘हम यहां पहली बार है. हां, कुछ चीजें हैं जो आपके दिमाग में चलती हैं. हमने पाकिस्तान के बारे में सिर्फ बातें सुनी हैं, इसलिए एक छवि बन गई है. पाकिस्तान में कैसे हालात हैं, इसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हमें दो दिन का समय दिजिए.’

अधिकतम 500 दर्शकों को प्रवेश की इजाजत

पाकिस्तान ने अपनी ताकत के अनुरूप खेलने के लिए ग्रास कोर्ट (घासियाले कोर्ट) को चुना लेकिन मेजबान टीम घरेलू परिस्थितियों का पूर्ण रूप से फायदा नहीं उठा पाएगी क्योंकि अधिकतम 500 प्रशंसकों को ही मैच देखने की अनुमति होगी. पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी ऐसाम-उल-हक कुरैशी ने कहा कि यह कठिन है. आईटीएफ ने हमें सुरक्षा कारणों से बहुत अधिक मेहमानों या दर्शकों की मेजबानी करने की अनुमति नहीं देता है. यह कुछ ऐसा है जिसे हमें मानना होगा.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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