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'लंगड़ा त्यागी' को भी मात दे देगा ये 'वन व्हील इलेक्ट्रिक स्कूटर', गजब का है बैलेंस

Updated at : 28 Dec 2023 7:01 PM (IST)
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'लंगड़ा त्यागी' को भी मात दे देगा ये 'वन व्हील इलेक्ट्रिक स्कूटर', गजब का है बैलेंस

भारत टेक्नोलॉजी और जुगाड़ से चलने वाला देश है. जो जुगाड़ लगाता है या फिर जुगाड़ से किसी नई वस्तु को ईजाद करता है, वह भी टेक्नोलॉजी और दिमाग का इस्तेमाल करता है. ऐसे ही जुगाड़ू लोगों ने देश में एक पहिए वाले लंगड़ा इलेक्ट्रिक स्कूटर को ईजाद किया है.

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One Wheel Electric Scooter: आम तौर पर आदमी हो या जानवर या फिर कोई गाड़ी, शारीरिक बनावट या बॉडी के हिसाब से बैलेंस बनाना बेहद जरूरी है, तभी वह कोई चल सकेगा. अगर एक पैर या फिर एक पहिया हो, तो न आदमी… न जानवर और न ही गाड़ी ठीक से चल पाएगी. आज से करीब 17 साल पहले बॉलीवुड में एक फिल्म आई थी ओमकारा, जिसमें क्यूट सा दिखने वाले सैफ अली खान ने ‘लंगड़ा त्यागी’ का किरदार निभाया था. उस किरदार को बैलेंस के साथ निभाना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. ठीक वैसे ही, बाजार में एक पहिए वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर आ गया है. अब जो व्यक्ति इस एक पहिए वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाएगा, उसके लिए ऐसा करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा. तो फिर आइए जानते हैं इस लंगड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में…

दूर-दूर तक हो रही लंगड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर की चर्चा
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आपको बताते चलें कि भारत टेक्नोलॉजी और जुगाड़ से चलने वाला देश है. जो जुगाड़ लगाता है या फिर जुगाड़ से किसी नई वस्तु को ईजाद करता है, वह भी टेक्नोलॉजी और दिमाग का इस्तेमाल करता है. ऐसे ही जुगाड़ू लोगों ने देश में एक पहिए वाले लंगड़ा इलेक्ट्रिक स्कूटर को ईजाद किया है. इस स्कूटर का आविष्कार अभी हाल ही में किया गया है. एक लड़के ने जुगाड़ से एक पहिए वाला स्कूटर तैयार किया है. यह स्कूटर सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में फैल चुका है. इसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है.

कैसे बनाया एक पहिए वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर
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इस इलेक्ट्रिक स्कूटर का वीडियो यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई यूट्यूबर इसे अपलोड भी कर रहे हैं. क्रिएटिव साइंस के नाम से यूट्यूबर ने भी इस एक पहिए वाले इलेट्रिक स्कूटर को अपलोड किया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिकल स्कूटर को स्क्रैच से बनाया गया है. उन्होंने इस स्कूटर की पूरी डिजाइन कार्डबोर्ड से तैयार की है, ताकि अगर कहीं कुछ बदलाव करना पड़े तो किसी प्रकार की परेशानी न हो. वीडियो में दिखाया गया है कि इस स्कूटर को बनाने वाले ने इसका फाइनल टच दिया, तो वह धातु में परिवर्तित हो गया. डिजाइनर ने धातु की एक बड़ी शीट ली और उस पर कार्डबोर्ड के डिजाइन की नकल की. इसके बाद उन्होंने एक उपकरण के इस्तेमाल से चादरों को काट दिया और पहियों के लिए मेहराब बनाने के लिए सभी टुकड़ों को एक साथ जोड़ दिया.

पहिया
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इस स्कूटर में चौड़ा पहिया दिया गया है, जिससे आमतौर पर मोटर बनाया जाता है. स्लीक वाले पहिए के मुकाबले चौड़े टायर वाले पहियों से संतुलन बनाना आसान हो जाता है. इस स्कूटर में सिर्फ एक सीट दी गई है, जिसके नीचे बैटरी पैक को इंस्टॉल और स्टोर किया गया है. स्कूटर का डिजाइन पुराने स्कूटरों जैसा ही दिखाई देता है.

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इस एक पहिए वाले हैंडलबार और हेडलैंप यूनिट को किसी स्कूटर से ही उधार लिया गया. उसके बाद पहिए को ठीक करने के लिए धातु का पाइप बनाया गया, जो हैंडल बार को अच्छे से जकड़ कर रखता है.

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इस स्कूटर को डिजाइन करने के बाद इसमें सेल्फ बैलेंसर सेंसर भी लगाया गया है, जिसे फिट करना काफी कठिन काम है. यह कंपोनेंट स्कूटर के एक पहिया होने पर भी सीट के ऊपर बैठे रहने में मदद करता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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