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Champa Shashti 2022: इस दिन है चंपा षष्ठी का व्रत, जानिये व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारें में

Updated at : 22 Nov 2022 3:34 PM (IST)
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Champa Shashti 2022: इस दिन है चंपा षष्ठी का व्रत, जानिये व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारें में

Champa Shashti 2022: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी “चंपा षष्ठी” नाम से भी मनाई जाती है. मान्यता है की चंपा षष्ठी का पर्व भगवान शिव के एक अवतार खंडोवा को समर्पित है. खंडोवा या खंडोबा को अन्य कई नामों से भी पुकारा जाता है. इस साल चम्पा षष्ठी 29 नवंबर को पड़ रही है.

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Champa Shashti 2022: अगहन माह या मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को चंपा षष्ठी का व्रत रखा जाता है. चंपा षष्ठी का दिन भगवान शिव को समर्पित है. इस दिन भगवान शिव के मार्कंडेय स्वरूप की पूजा की जाती है. स्कंदपुराण के अनुसार यह पर्व भगवान कार्तिकेय को भी समर्पित है. यह वजह है कि इस पर्व को स्कंद षष्ठी भी कहा जाता है. इस साल चम्पा षष्ठी 29 नवंबर को पड़ रही है.

चंपा षष्ठी 2022 तिथि

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 28 नवंबर दिन सोमवार को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट से हो रहा है. यह तिथि अगले दिन 29 नवंबर मंगलवार को सुबह 11 बजकर 04 मिनट पर समाप्त हो रही है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, चंपा षष्ठी का व्रत 29 नवंबर मंगलवार को रखा जाएगा.

रवि और द्विपुष्कर योग में चंपा षष्ठी

इस साल चंपा षष्ठी के दिन रवि योग और द्विपुष्कर योग बना हुआ है. इस दिन ध्रुव योग सुबह से लेकर दोपहर 02 बजकर 53 मिनट तक है. रवि योग सुबह 06 बजकर 55 मिनट से सुबह 08 बजकर 38 मिनट तक है, वहीं द्विपुष्कर योग सुबह 11 बजकर 04 मिनट से अगले दिन 30 नवंबर को सुबह 06 बजकर 55 मिनट तक है.

चंपा षष्ठी 2022 पूजा मुहूर्त

शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 06:45 बजे से सुबह 08:05 बजे तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:46 बजे तक

इस दिन व्रत और पूजा करने का महत्व

इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से पाप खत्म होते हैं, ऐसी मान्यता है. इसके साथ ही परेशानियां दूर होती हैं, सुख-शांति भी मिलती है और मोक्ष प्राप्ति होती है। माना जाता है कि चंपा षष्ठी व्रत से प्रसन्नता बनी रहती है. ऐसी मान्यता है कि यह व्रत करने से पिछले जन्म के सारे पाप धुल जाते हैं और जीवन सुखमय हो जाता है. भगवान कार्तिकेय मंगल ग्रह के स्वामी हैं. मंगल को मजबूत करने के लिए इस दिन भगवान कार्तिकेय का व्रत करना चाहिए.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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