बंगाल : हॉकरों को ऋण देने की प्रक्रिया शुरू, 80 हजार तक ले सकेंगे ऋण

Updated at : 24 Jul 2023 12:09 PM (IST)
विज्ञापन
बंगाल : हॉकरों को ऋण देने की प्रक्रिया शुरू, 80 हजार तक ले सकेंगे ऋण

राज्य के विभिन्न बैंक अब तक 39 करोड़ 31 लाख रुपये का ऋण दे चुके हैं. 52 करोड़ 47 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत है. यह लोन मुख्य रूप से सरकारी बैंक दे रहे हैं.

विज्ञापन

कोलकाता, शिव कुमार राउत : दुर्गापूजा से पहले राज्य सरकार हॉकरों को लोन देगी. इसे ममता बनर्जी सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है. फेरीवालों के साथ खड़े होने का यह राज्य सरकार का बड़ा फैसला है. हॉकर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है. वे तीन चरणों में 80 हजार रुपये तक के लोन प्राप्त कर सकेंगे. लोन की राशि से हॉकर्स अपने व्यवसाय को बढ़ा सकेंगे.

तीन चरणों में 80 हजार तक मिलेगा ऋण

जानकारी के अनुसार, पहले चरण में ऋण के तौर पर हॉकरों को 10 हजार रुपये दिये जायेंगे. पहले चरण के ऋण को चुका देने के बाद अगले चरण में 20 हजार रुपये दिये जायेंगे. वहीं लोन चुकाने की अधिकतम समय सीमा एक वर्ष निर्धारित की गयी है. यदि इस ऋण को निर्धारित समय के भीतर चुका दिया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति 50 हजार रुपये तक का ऋण दोबारा ले सकेगा. यही नहीं, जो बैंक यह लोन देगा, उस बैंक की तय ब्याज दर पर हॉकरों को सात फीसदी की छूट भी मिलेगी.

Also Read: पंचायत चुनाव में हिंसा व लूट के लिये मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिम्मेदार, बोले शुभेंदु अधिकारी व सुकांत मजूमदार
35 हजार 338 हॉकरों को मिल चुका है ऋण

हाकर्स जिस इलाके में व्यवसाय करते हैं, उस इलाके के नगर निगम या नगर पालिका में जाकर ऋण के लिए आवेदन करना होगा. सूत्रों के अनुसार, अब तक 75 हजार 272 आवेदन अलग-अलग जगहों पर जमा हो चुके हैं. इनमें से 46 हजार 569 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं. राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ सूत्रों के अनुसार 35 हजार 338 हॉकरों को ऋण मिल चुका है.

Also Read: पंचायत चुनाव : जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव परिणामों की अंतिम सूची जारी
बैंक बांट चुके हैं 39 करोड़ रुपये के ऋण

राज्य के विभिन्न बैंक अब तक 39 करोड़ 31 लाख रुपये का ऋण दे चुके हैं. 52 करोड़ 47 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत है. यह लोन मुख्य रूप से सरकारी बैंक दे रहे हैं. प्रत्येक नगर निकाय में इस प्रोजेक्ट के लिए एक-एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत हॉकरों को ऋण मिलेगा.

Also Read: पंचायत चुनाव : मतदाताओं की संख्या से भी अधिक पड़े वोट, हाइकोर्ट ने बीडीओ से मांगा जवाब
बर्दवान में सबसे अधिक आवेदन

अब तक बर्दवान नगर निगम को सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. दूसरे स्थान पर बैरकपुर उपमंडल में कई नगर पालिकाएं हैं. इस योजना के लिए प्रत्येक नगर पालिका में एक नोडल अधिकारी नियुक्त है. सरकारी अधिकारियों को उम्मीद है कि अगर पूजा से पहले हॉकरों को ऋण की राशि दे दी जाती है तो इससे वे न केवल लाभान्वित होंगे, बल्कि पूजा के पहले काफी फायदा होगा.

Also Read: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बड़ी घोषणा, मनरेगा के तर्ज पर ‘खेला हाेबे’ योजना की होगी शुरुआत
कोलकाता में पंजीकृत 59 हजार हॉकर्स को मिलेगा ऋण

महानगर में टाउन वेंडिंट कमेटी से मान्यता प्राप्त हॉकरों को ऋण दिया जायेगा. कोलकाता नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानगर में वेंडिंग कमेटी से पंजीकृत 59 हजार हॉकर्स इस ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं. प्रधानमंत्री सम्मान योजना के तहत कोलकाता सह राज्य भर के हॉकरों को ऋण दिया जायेगा.

Also Read: बंगाल में आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर पीटने का मामला : ममता बनर्जी सरकार पर बीजेपी-कांग्रेस का हल्ला बोल
चूहों से परेशान है महानगर के हाॅकर

महानगर में चूहों का उत्पात बढ़ गया है. हाल-फिलहाल कोलकाता नगर निगम द्वारा जारी आंतरिक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है कि चूहों द्वारा मिट्टी खोदे जाने के कारण महानगर में कई इलाकों के फुटपाथ का निचला हिस्सा लगभग खोखला हो गया है. ऐसे में हाॅकरों की परेशानी बढ़ गई है. हाल ही में महानगर के लगभग सभी फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाया गया. यही वजह है कि फुटपाथों का निचला हिस्सा इतना कमजोर हो चुका है, कि कभी भी धंस सकता है. इस स्थिति से निगम के सड़क विभाग के इंजीनियर व अधिकारी परेशान हैं.

अब फुटपाथ निर्माण में नयी तकनीक का किया जायेगा इस्तेमाल

चूहों का उत्पात रोकने के लिए निगम फुटपाथ निर्माण में नयी तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है. पहले ईंट या पत्थर के टुकड़े बिछाये जाते थे और उसके ऊपर रेत डालकर पेवर ब्लॉक लगाये जाते थे. लेकिन चूहे आसानी से ईंटों को काटकर फुटपाथ के नीचे सुरंग बना बना ले रहे हैं. इंजीनियरों का कहना है कि अब फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक बिछाने के दौरान उसके नीचे बालू, सीमेंट समेत अन्य सामग्रियों के साथ ग्लास पाउडर यानी कांच का इस्तेमाल किया जायेगा. कांच पाउडर के इस्तेमाल से कंक्रीट की परत सख्त रहेगी. चूहों के लिए सीमेंट या मिट्टी को काटना आसान नहीं होगा.

Also Read: पंचायत चुनाव से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशिष्ट समय तय करने से हाइकोर्ट ने किया इंकार

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola