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अंधेरे में है गढ़वा जिले के करीब 1300 सरकारी स्कूल, बिजली कनेक्शन भी नसीब नहीं, कैसे होगी पढ़ाई

Updated at : 07 Jul 2021 6:59 PM (IST)
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अंधेरे में है गढ़वा जिले के करीब 1300 सरकारी स्कूल, बिजली कनेक्शन भी नसीब नहीं, कैसे होगी पढ़ाई

Jharkhand News (गढ़वा) : झारखंड के गढ़वा जिले के 1283 सरकारी विद्यालय अंधेरे में है. डिजिटलाइजेशन के इस दौर में इंटरनेट कनेक्शन की बात तो दूर इन सरकारी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन भी नहीं है, जबकि कुछ साल पहले तक बिजली कनेक्शन लेने के लिए विद्यालयों को अभियान मोड में कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन, इसका नतीजा यह निकला कि जिले के मात्र 152 विद्यालयों का ही विद्युतिकरण किया जा सका. शेष विद्यालय अभी भी बिजली विहिन है.

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Jharkhand News (पीयूष तिवारी, गढ़वा) : झारखंड के गढ़वा जिले के 1283 सरकारी विद्यालय अंधेरे में है. डिजिटलाइजेशन के इस दौर में इंटरनेट कनेक्शन की बात तो दूर इन सरकारी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन भी नहीं है, जबकि कुछ साल पहले तक बिजली कनेक्शन लेने के लिए विद्यालयों को अभियान मोड में कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन, इसका नतीजा यह निकला कि जिले के मात्र 152 विद्यालयों का ही विद्युतिकरण किया जा सका. शेष विद्यालय अभी भी बिजली विहिन है.

उल्लेखनीय है कि गढ़वा जिले में कुल 1435 सरकारी विद्यालय है. इसमें 898 प्राथमिक, 411 मध्य विद्यालय तथा 126 उच्च विद्यालय शामिल है. सबसे चिंताजनक स्थिति उच्च विद्यालयों की है क्योंकि उच्च विद्यालयों में कई विषयों के लैब के लिए बिजली की आवश्यकता होती है. लेकिन, कुल 126 उच्च विद्यालयों में से सिर्फ 81 विद्यालयों में ही बिजली कनेक्शन है, जबकि 898 प्राथमिक विद्यालयों में से मात्र 33 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन किया हुआ है. इसी तरह की स्थिति मध्य विद्यालयों में भी है. यहां 411 विद्यालयों में से 38 विद्यालयों में ही बिजली का कनेक्शन है.

क्या हो रही है परेशानी

कोरोना काल में डिजिटल क्लासेस का महत्व काफी बढ़ गया है. सभी विद्यालयों में अब इसे लागू करते हुए ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने की जरूरत महसूस की जाने लगी है और इस पर शिक्षकों के साथ अभिभावक व छात्र भी सहमत दिख रहे हैं. लेकिन, बिजली कनेक्शन के अभाव में विद्यालयों में इसे शुरू करने में बड़ा व्यवधान है. इसके अलावा मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर क्लासेस चलाने की भी सरकार की योजना है जो बिजली कनेक्शन के अभाव में शुरू नहीं किया जा सकता है. विद्यालयों में लैब संचालित करने, गरमी में पंखा आदि की व्यवस्था भी बिजली कनेक्शन के अभाव में प्रभावित है.

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विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

शिक्षा की स्थिति में सुधार के लिए सरकार बड़ी रकम खर्च कर रही है, लेकिन चिंताजनक स्थिति यह है कि जिले के कई विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. जिले के कुल 1435 विद्यालयों में से 1412 विद्यालयों में ही बेंच डेस्क की व्यवस्था है. शेष विद्यालयों में बच्चे जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करने के लिए विवश हैं. इसमें 5 उच्च विद्यालय के बच्चे भी शामिल हैं. इसी तरह 1406 विद्यालयों में ही पेयजल की सुविधा, 1434 विद्यालयों में शौचालय की सुविधा तथा 1430 विद्यालयों के पास अपना भवन मौजूद है.

Posted By : Samir Ranjan.

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