लैपटॉप की तरह मोबाइल चार्जर में क्यों नहीं होती है 3 पिन? वजह जान आप भी पड़ जाएंगे सोच में

Edited by Ankit Anand
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Mobile Chargers: मोबाइल चार्जेर में क्यों नहीं होती है 3 पिन?

Mobile Chargers: क्या आपने कभी नोटिस किया है कि आखिर मोबाइल चार्जर में सिर्फ 2 पिन ही क्यों होते हैं, लेकिन फ्रिज, गीजर या वॉशिंग मशीन में 3 पिन दिए जाते हैं? चलिए आज आपको आसान भाषा में बताते हैं इसके पीछे की वजह.

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Mobile Chargers: जब भी आप आपने मोबाइल का चार्ज करने जाते हैं तो क्या कभी आपने नोटिस किया कि उसमें सिर्फ 2 पिन ही क्यों होती हैं. जबकि लैपटॉप, कंप्यूटर या माइक्रोवेव जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान के प्लग में 3 पिन दी जाती हैं. आखिर ऐसा क्यों? असल में चार्जर और बाकी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की पिन्स का सीधा कनेक्शन बिजली की सप्लाई से होता है.

घर में इस्तेमाल होने वाले पंखे, टीवी, फ्रिज जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान और छोटे चार्जर के प्लग अलग-अलग डिजाइन किए जाते हैं. मोबाइल चार्जर (Mobile Chargers) में सिर्फ 2 पिन होना बिजली की जरूरत, सुरक्षा और आसानी से इस्तेमाल करने की वजह से होता है.

मोबाइल चार्जर चलाने के लिए बस फेज और न्यूट्रल तार की जरूरत होती है. AC सप्लाई में तीन तार होते हैं– फेज (लाइव), न्यूट्रल और अर्थ (ग्राउंड). लेकिन चार्जर को काम करने के लिए सिर्फ दो ही चाहिए, इसलिए उसमें 2 पिन दिए जाते हैं. और भी कई कारण होते हैं, आइए आपको एक-एक कर बताते हैं.

लो-पावर डिवाइस है मोबाइल चार्जर

मोबाइल चार्जर (Mobile Chargers) को बहुत कम बिजली चाहिए होती है, जैसे 5W से लेकर 65W या 120W तक. इतनी कम पावर के लिए तीसरी पिन (अर्थिंग) की जरूरत नहीं होती. अर्थिंग आमतौर पर बड़े-बड़े डिवाइस जैसे गीजर, फ्रिज या वॉशिंग मशीन में दी जाती है, क्योंकि उनमें करंट लीकेज या झटका लगने के चांस ज्यादा रहता है.

जैसे छोटा बल्ब या पंखा भी 2 पिन वाले प्लग से आसानी से चल जाता है. लेकिन लैपटॉप चार्जर ज्यादा बिजली खाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल होता है, इसलिए उसमें अर्थिंग पिन दी जाती है ताकि अगर करंट लीकेज हो तो शॉक न लगे. 

सेफ्टी डिजाइन 

मोबाइल चार्जर (Mobile Chargers) में पहले से ही ऐसा सेफ्टी सिस्टम लगा होता है जो ओवर-वोल्टेज, ज्यादा करंट या शॉर्ट सर्किट से हमें बचाता है. इसी वजह से बिना अर्थ पिन के भी मोबिए चार्जर इस्तेमाल करना सेफ रहता है.

साइज छोटा रखने के लिए 

साइज छोटा रखने के लिए 2-पिन वाला चार्जर हल्का और कॉम्पैक्ट रहता है. अगर तीसरा पिन जोड़ दिया जाए तो चार्जर बड़ा और भारी हो जाएगा, जबकि उसकी जरूरत भी नहीं है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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