भारतीय मोबाइल नंबरों के आगे क्यों लगा होता है +91? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Published by : Ankit Anand Updated At : 16 Sep 2025 5:17 PM

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country code: भारतीय मोबाइल नंबरों के आगे क्यों लगा होता है +91?

Country Code: क्या आप जानते हैं कि भारत में हर मोबाइल नंबर के आगे +91 क्यों होता है? अगर नहीं, तो ये जानना आपके लिए काफी रोचक होगा. दरअसल, इस नंबर के आगे वाला कोड कोई रैंडम नंबर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक दिलचस्प वजह छिपी है. आइए जानते हैं.

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Country Code: अगर अपने कभी नोटिस किया होगा तो देखा होगा कि हमारे मोबाइल नंबर के आगे हमेशा +91 लिखा होता है. चाहे विदेश में कॉल करनी हो या फिर कोई ऑनलाइन फॉर्म भरना हो, नंबर डालते समय ये कोड लगाना ही पड़ता है. अब सवाल ये है कि आखिर ये +91 क्यों जरूरी है और इसका मतलब क्या होता है? आइए जानते हैं, क्यों भारत के हर मोबाइल नंबर से पहले ये कोड लगाया जाता है.

ITU की भूमिका

दरअसल, +91 कोई रैंडम नंबर नहीं है, बल्कि यह भारत का अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग कोड (International Calling Code) या कंट्री कोड (Country Code) है. इस छोटे से कोड के पीछे एक लंबा और काफी रोचक इतिहास है. +91 को तय करने का काम अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने किया था. ITU, जो कि यूनाइटेड नेशंस की एक स्पेशल एजेंसी है, पूरी दुनिया में सूचना और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज को मैनेज करती है.

आपको बता दें की ITU ने दुनिया के सारे देशों को 9 जोन में बांट रखा है और हर देश का अपना अलग-अलग फोन कोड होता है. जैसे हर घर का अपना पता होता है, वैसे ही हर देश का ये कोड अंतरराष्ट्रीय कॉल सही जगह पहुंचाने में काम आता है. भारत 9वें जोन में आता है, जहां कुल 14 देश शामिल हैं और हर देश का कोड अलग है. भारत का यह कोड ’91’ है.

भारत का कोड +91 क्यों है?

जैसा की हमने ऊपर आपको बताया कि दुनिया के सारे देशों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है और भारत 9वें जोन में आता है. इसलिए इस जाने का पहला नंबर 9 रखा गया. उसके पीछे 1 जोड़कर भारत का कोड +91 बना दिया गया. इसी तरह, इसी जोन में पाकिस्तान का कोड +92, अफगानिस्तान का +93, श्रीलंका का +94 है और बाकी देशों को भी उनके-अपने कोड दिए गए हैं.

मोबाइल नंबर का हर नंबर है खास

क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल नंबर का हर अंक किसी न किसी चीज का मतलब रखता है? जैसे मान लीजिए आपका नंबर +91 99999-88888 है तो शुरुआत का +91 तो देश का टेलीफोन कोड दर्शाता है. इसके बाद के दो नंबर एक्सेस कोड हैं. इसके बाद आने वाले तीन नंबर प्रोवाइडर का कोड बताते हैं और आखिरी के पांच नंबर आपके सब्सक्राइबर कोड को दिखाते हैं.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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