ज्ञापन देने आये लोगों के साथ कहासुनी, तृणमूल ने लगाया अभद्र आचरण का आरोप, जल जमाव को लेकर मेयर का चढ़ा पारा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jul 2016 1:12 AM

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सिलीगुड़ी: जल जमाव को लेकर ज्ञापन देने के क्रम में कहासुनी से मेयर अशोक भट्टाचार्य का पारा चढ़ गया. सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पर अभद्र आचरण करने का आरोप लगा है. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने सिलीगुड़ी की जल निकासी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा किया है. सिलीगुड़ी नगर निगम […]

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सिलीगुड़ी: जल जमाव को लेकर ज्ञापन देने के क्रम में कहासुनी से मेयर अशोक भट्टाचार्य का पारा चढ़ गया. सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पर अभद्र आचरण करने का आरोप लगा है. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने सिलीगुड़ी की जल निकासी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा किया है. सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 1, 3, 4, 5, 10, 24, 42, 43, 44, 45, एवं 46 की स्थिति काफी भयावह है.
जल जमाव की समस्या से चंपासारी का प्रमोद नगर, राजीव नगर, प्रकाश नगर, गांधीनगर, लिंबू बस्ती, सहनी बस्ती, आश्रम पाड़ा सहित कई अन्य इलाके प्रभावित हैं. बारिश के कई घंटो बाद भी इन इलाकों में कमर तक पानी है. लोग घरों से निकलने के लिये बैचेन तो होते हैं लेकिन कुछ कर नहीं सकते. कुछ ऐसी ही स्थिति सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 42 की है. राष्ट्रीय राजमार्ग से वार्ड का अधिकांश इलाका नीचे है. बारिश की वजह से वार्ड के लिंबू बस्ती सहित अधिकांश इलाके पिछले कई दिनों से जलमग्न हैं. वार्ड के नागरिक जल जमाव की समस्या से काफी परेशान है. सोमवार को 42 नंबर वार्ड तृणमूल कमिटी के संयोजक जीतेन पाल के नेतृत्व में परेशान लोग निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य को ज्ञापन देने पहुंचे.

निगम की जलनिकासी की व्यवस्था के फेल होने से गुस्साये लोग निगम की माकपा बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निगम कार्यालय में दाखिल हुए. मेयर कक्ष के बाहर पहुंचने पर निगम कर्मचारी ने कक्ष में प्रवेश पर रोक लगा दी. मेयर के निर्देशानुसार कर्मचारी ने ज्ञापन सौंपने आये लोगों से कहा कि उन लोगों ने मेयर से मुलाकात करने का समय नहीं लिया है. मेयर की दिनचर्या काफी व्यस्त होने की वजह से आज उनसे मिलना संभव नहीं होगा. इससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा. मेयर से मुलाकात करने के लिये प्रदर्शनकारी जिद पर अड़ गये.

इससे मेयर को झुकना पड़ा. निगम कर्मचारी से उन्होंने संदेशा भिजवाया कि केवल दो लोग उनसे मिल सकते है. फिर भी जबरदस्ती जीतेन पाल के साथ चार लोग मेयर से मिलने के लिये उनके कक्ष में प्रवेश गए. बारिश की वजह से वार्ड में जल जमाव की परिस्थिति से अवगत कराते हुए वार्ड तृणमूल संयोजक जीतेन पाल ने मेयर को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उन्होंने मेयर से सभी को समय देने की मांग की. पिछले कई दिनों से पूरा वार्ड जलमग्न हो गया है. लेकिन आप एक दिन भी वार्ड के नागरिकों का हाल-चाल पूछने नहीं पहुंचे. इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने पहुंचे नागरिक मेयर को घेरने लगे. उसके बाद मेयर ने अपना आपा खो दिया.

कड़े शब्दों में उन्होंने कहा कि माकपाई भी कई बार मंत्री से मिलने जाते हैं लेकिन बिना अग्रिम अनुमति के मंत्री नहीं मिलते. मंत्री के तरह हमारा समय भी बहुमूल्य है. उन्होंने सभी को हड़काया.इसके बाद मेयर और ज्ञापन देने पहुंचे लोगों को बीच कहा-सुनी हो गयी. मेयर कक्ष से बाहर निकलने पर तृणमूल नेता जीतेन पाल मेयर पर काफी भड़के हुए थे. पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक मेयर के नाते अशोक भट्टाचार्य सही नहीं है. चुनाव के समय जिस जनता के सामने हाथ फैलाकर वोट मांगने जाते हैं, उसी जनता से मेयर का यह आचरण काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. श्री पाल ने कहा कि मेयर ने तो पहले मिलने से मना कर दिया. बाद में मिलने पर भड़क गये. जनता की शिकायतें सुनना और समाधान करना मेयर का काम है. जीतेन पाल ने कहा कि इसकी जानकारी वे पार्टी के तक पहुंचायेंगे.


इस संबध में दार्जिलिंग जिला तृणमूल अध्यक्ष और राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा कि नागरिकों के साथ एक मेयर का ऐसा आचरण काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हम सभी जन प्रतिनिधि हैं. जनता की शिकायतें सुनना और उनकी मांगो को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है. इसी आश के साथ जनता वोट देती है. कुर्सी मिलने के बाद उसी जनता के साथ ऐसा व्यवहार मेयर के लिये शोभनीय नहीं है. श्री देव ने कहा कि राज्य में दोबारा तृणमूल की सरकार बनने से विरोधी सकते में हैं. उनकी मानसिकता में ओछापन है.
मेयर ने किया आरोपों को खारिज
इधर, सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. इस संबध में उन्होंने कहा कि बारिश की परिस्थिति को लेकर पिछले कई दिनों से वहऔर मेयर पार्षद सुबह से निगम कार्यालय में मौजूद रह रहे हैं. नागरिकों की शिकायते भी सुन रहे हैं. राहत कार्य भी जारी है. राहत सामग्री भी मुहैया करायी जा रही है. यह एक षड़यंत्र है. 42 नंबर वार्ड तृणमूल कमिटी ज्ञापन सौंपने आयी थी लेकिन पहले से समय निर्धारित नहीं था. वे लोग अचानक आ पहुंचे. फिर से उनकी समस्याओं को उन्होंने जाना. उनके साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है.
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