चुनाव आयोग के निर्देश के बाद भी नहीं हटाये गये सरकारी विज्ञापन के बोर्ड, विपक्ष ने खोला मोरचा, करेंगे शिकायत
सिलीगुड़ी. राज्य विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान किये जाने के 22 दिन बीत जाने के बावजूद दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी जिले के सिलीगुड़ी महकमा क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में सड़क किनारे अब भी राज्य सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यों के विज्ञापन संबंधी बड़े-बड़े बैनर वे होर्डिंग्स लगे हैं. कहीं उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय (एनबीडीडी) […]
सिलीगुड़ी. राज्य विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान किये जाने के 22 दिन बीत जाने के बावजूद दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी जिले के सिलीगुड़ी महकमा क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में सड़क किनारे अब भी राज्य सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यों के विज्ञापन संबंधी बड़े-बड़े बैनर वे होर्डिंग्स लगे हैं. कहीं उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय (एनबीडीडी) तो कहीं सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) द्वारा किये गये विकास कार्यों का प्रचार हो रहा है.
इनमें राज्य सरकार ने किन परियोजनाओं पर कितना खर्च किया है, इसका विस्तृत उल्लेख किया गया है. ये बैनर-होर्डिंग्स सिलीगुड़ी शहर हों या फिर ग्रामीण इलाके, अब भी साफ देखे जा सकते हैं. इस मुद्दे पर सभी विरोधी पार्टियों ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने महकमा की चुनाव (एमसीसी) टीम के ओसी पर राज्य सरकार के इशारे पर करने का भी आरोप लगाया है.
आचार संहिता के अनुसार चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से किसी भी तरह के सरकारी विज्ञापन नहीं लगाये जा सकते हैं और जो पहले से लगे हैं उन्हें हटाना होगा, तािक उन्हें पढ़कर मतदाता प्रभावित न हों. कहीं-कहीं इस तरह के सरकारी विज्ञापनों के बैनर-होर्डिंग को ढंक दिये गये हैं. लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में अब भी सरकारी विज्ञापनों के ऐसे छोटे-बड़े बैनर व होर्डिंग लगे हैं. हालांकि सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस के नेता व चुनाव अधिकारी इन आरोपों को मानने को राजी नहीं हैं.
क्या कहना है माकपा नेता जीवेश सरकार का
माकपा नेता व वाम मोरचा के दार्जिलिंग जिला के संयोजक जीवेश सरकार का कहना है कि वह इस तरह की चार-चार लिखित शिकायत प्रत्येक दिन एसएमएस के मार्फत महकमा चुनाव अधिकारी को कर रहे हैं. बदले में उनकी ओर से जवाब आता है आपकी शिकायत मिली है. इसके कई घंटों बाद एसएमएस आता है कि शिकायत के आधार पर उचित कार्यवाही कर दी गयी है. बाद में वहां जाकर देखने पर आश्चर्य होता है कि किस तरह चुनाव अधिकारी राज्य सरकार के लिए काम कर रहे हैं. शिकायत किये गये सरकारी बैनर-होर्डिंग पर केवल विकास परियोजना से संबंधित विभाग के नाम को ढंका गया है और परियोजना की विस्तृत जानकारी को नहीं ढंका गया है. इससे चुनाव प्रभावित होगा. श्री सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा कि इसकी लिखित शिकायत राज्य चुनाव अधिकारी व केंद्रीय चुनाव आयोग से की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










