डंकन्स के चाय बागानों में नहीं शुरू हुआ काम

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जलपाईगुड़ी. 22 जनवरी को कोलकाता में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के दौरान डंकन्स ग्रुप ने अपने तीन चाय बागानों में एक फरवरी से स्वाभाविक रूप से काम-काज शुरू करने की घोषणा की थी. सोमवार को एक फरवरी के दिन डंकन्स के तीनों चाय बागानों में किसी भी प्रकार के काम-काज की शुरूआत नहीं हुई. सिर्फ इतना […]

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जलपाईगुड़ी. 22 जनवरी को कोलकाता में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के दौरान डंकन्स ग्रुप ने अपने तीन चाय बागानों में एक फरवरी से स्वाभाविक रूप से काम-काज शुरू करने की घोषणा की थी. सोमवार को एक फरवरी के दिन डंकन्स के तीनों चाय बागानों में किसी भी प्रकार के काम-काज की शुरूआत नहीं हुई.

सिर्फ इतना ही नहीं, त्रिपक्षीय बैठक में डंकन्स के मालिकों ने एक फरवरी से ही चाय श्रमिकों के बकाये के भुगतान करने की भी घोषणा की थी. अपने कायाकल्प की उम्मीद में बागान में काम करने वाले चाय श्रमिक सोमवार को सुबह ही चाय बागान पहुंच गये थे. उन्हें उस समय भारी निराशा का सामना करना पड़ा जब डंकन्स ग्रुप ने बंद पड़े इन चाय बागानों को खोलने के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी.

यहां तक प्रबंधन का कोई व्यक्ति चाय बागान को देखने तक नहीं आया. उसके बाद श्रमिकों का गुस्सा भड़क गया और इन लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. श्रमिक नेता रामच‍ंद्र प्रजा ने कहा है कि 22 जनवरी को त्रिपक्षीय बैठक में किये गये वादे को डंकन्स ग्रुप ने पूरा नहीं किया है. 31 जनवरी तक बागान श्रमिकों के बकाये के भुगतान की बात थी और एक फरवरी से बागान को खोलने का निर्णय लिया गया था.

यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि डंकन्स ग्रुप के मालिकों ने सरकार एवं ट्रेड यूनियन नेताओं के समक्ष किये गये वादे को पूरा नहीं किया है. एक चाय बागान श्रमिक बबलू उरांव तथा अन्य श्रमिकों ने राज्य अथवा केंद्र सरकार से इन तीनों बागानों के भी अधिग्रहण करने की मांग की है. इस बीच, विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डंकन्स ग्रुप के मालिकों ने बागान खोलने को लेकर कई नयी शर्तें रखी हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 के सितंबर महीने से जो चाय श्रमिक बागान से अनुपस्थित हैं, उनको फिर से काम पर नहीं रखा जायेगा. इसके साथ ही बकाया पीएफ अगले पांच महीने में तथा बकाया ग्रेच्युटी अगले तीन सालों में देने की बात कही गयी है. इसके साथ ही डंकन्स ग्रुप ने पत्ता तोड़ने सहित अन्य परिचालन कार्यों में मशीन के उपयोग करने की भी बात कही है. सूत्रों ने आगे बताया कि डंकन्स कंपनी ने साफ-साफ तौर पर कह दिया है कि खर्च के मुकाबले मुनाफा काफी कम है. इस वजह से वह लोग श्रमिकों के सभी मांगों को नहीं मान सकते.

चाय श्रमिक फिर हुए हताश
यहां उल्लेखनीय है कि 28 तारीख को केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर टी-बोर्ड से अलीपुरद्वार जिले में स्थित डंकन्स ग्रुप के सात चाय बागानों के अधिग्रहण के लिए कहा है, जबकि जलपाईगुड़ी के तीन चाय बागानों सहित ग्रुप के अन्य सात बागानों के भविष्य को लेकर कोई बात नहीं कही गयी है. इस बीच, बागान खुलने की उम्मीद लगाये बैठे चाय श्रमिक एक बार फिर से हताश हो गये हैं. इन लोगों ने डंकन्स के मालिकों पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वादा करके भी कंपनी ने उसको पूरा नहीं किया. चाय बागान श्रमिक अपने भविष्य को लेकर भी काफी चिंतित हैं.
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