खाद्य साथी योजना में हुई धांधली

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खाद्य सुरक्षा कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप राशन डीलरों के यहां करेंगे विरोध प्रदर्शन सिलीगुड़ी : बंगाल विधान चुनाव से पहले वामपंथी दीदी को एक के बाद एक मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं. चिटफंड, एसजेडीए, एनबीडीडी, त्रिफला लाइट व अन्य घोटालों के आरोप के बाद विरोधियों को दीदी की महत्वाकांक्षी योजनाएं […]

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खाद्य सुरक्षा कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप
राशन डीलरों के यहां करेंगे विरोध प्रदर्शन
सिलीगुड़ी : बंगाल विधान चुनाव से पहले वामपंथी दीदी को एक के बाद एक मुद्दे पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं. चिटफंड, एसजेडीए, एनबीडीडी, त्रिफला लाइट व अन्य घोटालों के आरोप के बाद विरोधियों को दीदी की महत्वाकांक्षी योजनाएं ‘सबुज साथी’ के तहत छात्र-छात्राओं में साइकिल वितरण में गड़बड़ी एवं ‘खाद्य साथी’ योजना में धांधली का ताजा मुद्दा मिल गया है.
‘खाद्य साथी’ योजना के तहत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘दीदी’ आम जनता के मुंह से निवाला छिनने की कोशिश कर रही है. ममता सरकार खाद्य सुरक्षा कानून की पूरी तरह उल्लंघन कर रही है. यह आरोप लगाया है वाम मोरचा के दार्जिलिंग जिला के संयोजक जीवेश सरकार ने. वह शनिवार को सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड स्थित जिला पार्टी मुख्यालय अनिल विश्वास भवन में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित कर रहे थे.
श्री सरकार ने कहा कि ‘खाद्य साथी’ योजना के नाम पर ममता सरकार धांधली कर रही है. दीदी ने इस योजना के तहत बंगाल के सात करोड़ गरीब व आम जनता को इसका फायदा मिलने का दावा किया था. इस योजना के लिए जारी की गयी नयी प्रणाली के तहत 60 फीसदी से अधिक लोगों को डिजिटल राशन कार्ड का फायदा नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि गलत तरीके से हुए सर्वे की वजह से 60 फीसदी से अधिक लोगों का नाम राशन की नयी प्रणाली की सूची में नहीं है. श्री सरकार ने कहा कि ऐसा तणमूल सरकार ने गंदी राजनीति के तहत किया है.
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत शहरी क्षेत्र में 50फीसदी से अधिक एवं ग्रामीण क्षेत्र में 75फीसदी से अधिक गरीब व आम जनता को इसका फायदा मिलना चाहिए. साथ ही इसके लिए सर्वे कार्य भी शहरी क्षेत्र में नगरपालिका व निगम एवं ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत स्तर पर कराये जाने का कानून है. लेकिन सिलीगुड़ी नगर निगम एवं सिलीगुड़ी महकमा परिषद के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं कराया गया.
वजह निगम एवं महकमा परिषद दोनों पर ही वाम बोर्ड का कब्जा है. श्री सरकार ने केवल उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव के विधानसभा क्षेत्र के डाबग्राम-फूलबाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि इस क्षेत्र का अधिकांश इलाका सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में पड़ता है जिसपर वामो का आधिपत्य है. इस वजह से इस क्षेत्र के मात्र 17 फीसदी लोगों का ही नाम नयी प्रणाली में दर्ज है. बाकी राशन कार्ड धारकों का नाम इसमें दर्ज ही नहीं है. श्री सरकार ने कहा कि नयी प्रणाली में जान-बूझकर की गयी बड़ी गड़बड़ी के पूरे तथ्य भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वाम मोरचा ने आंदोलन शुरू कर दिया है.
कल यानी शुक्रवार को सेवक रोड में धिक्कार रैली निकाली गयी थी. उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब-तक सबों का नाम नयी प्रणाली में शामिल नहीं किया जायेगा तब-तक वामपंथी आंदोलन करेंगे. अब बुधवार से हरेक राशन डीलरों के दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे.
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