हैदराबाद छात्र आत्महत्या कांड: एबीवीपी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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सिलीगुड़ी: हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक छात्र रोहित वेमुला आत्महत्या कांड पर तथाकथित सेकुलर पार्टियों द्वारा गंदी राजनीति करने का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लगाया है. यह आरोप एबीवीपी के बंगाल प्रदेश सह-सचिव गणेश कामती ने गुरूवार को प्रेस-विज्ञप्ति के माध्यम से लगाया है. विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने अपने बयान में कहा […]

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सिलीगुड़ी: हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक छात्र रोहित वेमुला आत्महत्या कांड पर तथाकथित सेकुलर पार्टियों द्वारा गंदी राजनीति करने का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लगाया है. यह आरोप एबीवीपी के बंगाल प्रदेश सह-सचिव गणेश कामती ने गुरूवार को प्रेस-विज्ञप्ति के माध्यम से लगाया है. विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने अपने बयान में कहा है कि एक छात्र आत्महत्या करता है यह एक दुःखद घटना है.

एबीवीपी छात्र के आत्मा की शांति की कामना करता है. साथ ही एबीवीपी की संवेदनाएं मृतक के परिवार के साथ है. लेकिन छात्र की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. श्री कामती का कहना है कि छात्र का कोई जाति-धर्म नहीं होता. हैदराबाद की यह दुःखद घटना दलित बनाम गैर-दलित का नहीं है. रोहित के अलावा अन्य चार छात्रों के विरूद्ध हमले करने की शिकायत जिस छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से की था वह भी पिछड़ी जाति से ही है. विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की जिस उप-समिति की टीम ने छात्रों पर कार्यवाही करने की सिफारिश की थी,उस टीम में भी एक वरिष्ठ दलित प्रोफेसर शामिल थे. होस्टल का वार्डेन भी दलित है.

यहां तक की विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद का गठन पिछली यूपीए सरकार के दौरान ही हुआ था. विश्वविद्यालय में वंचितों की आत्महत्या का मामला उठाते हुए जांच की मांग कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने स्मृति इरानी को पत्र लिखकर की थी. इन तथ्यों के बावजूद राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, मायावती, लालू प्रसाद, नीतीश कुमार जैसे नेताओं की प्रतिक्रियाएं छात्र समाज को शर्मसार कर देनेवाली है और दलित बनाम गैर-दलित करके राजनैतिक रोटियां सेंकने की साजिश है. श्री कामती का कहना है कि एबीवीपी इस विभाजन कारी नीति का कड़ा विरोध करती है.

ममता को एबीवीपी की नसीहत

छात्र की आत्महत्या के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल सांसदों के एक दल को हैदराबाद भेजने की योजना पर भी एबीवीपी ने कड़ा विरोध जताया है. एबीवीपी के सिलीगुड़ी यूनिट के जिला संगठन मंत्री अनूप कुमार भदानी ने ममता को नसीहत देते हुए कहा कि पहले अपना घर संभाले, बाद में दूसरे का घर. श्री भदानी ने ममता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मालदा जिले के कालियाचक थाने को देश विरोधी ताकतें जला रही थी और अनेकों घरों को आग के हवाले कर दिया गया, तब तणमूल के नेता-मंत्री-सांसद कहां थे. श्री भदानी ने कहा कि कालियाचक, पठानकोट में आतंकी हमले, फतेहपुर में हुए सांप्रदायिक तनाव जैसी घटनाओं पर ये सेकुलर पार्टियां मौन साध लेती है. क्या इसलिए कि इन घटनाओं में लिप्त लोग केवल एक खास समुदाय से जुड़े हैं. हैदराबाद की घटना पर एबीवीपी के विभाग सह-संयोजक चंदन राउत, विभाग छात्रा प्रमुख नंदनी ठाकुर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुनील यादव,रजनीश राय, तारकेश्वर भगत, अरिजीत दास, सुरजित सरकार, बबलू पोद्दार के अलावा अन्य कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की.

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