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एशियन हाई-वे की धूल से प्रभावित हो रहे चाय के पौधे

Updated at : 11 Feb 2020 1:48 AM (IST)
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एशियन हाई-वे की धूल से प्रभावित हो रहे चाय के पौधे

डुआर्स ब्रांच ऑफ इंडियन टी एसोसिएशन के सचिव ने जिलाधिकारी से की शिकायत जलपाईगुड़ी : करीब 10 किमी लंबी बानरहाट-चामुर्ची एशियन हाई-वे की बदहाल दशा के चलते चाय के पौधे प्रभावित हो रहे हैं. सड़क से उड़ रही धूल की परत चाय की कोमल पत्तियों पर जम रही है जिससे फसल के क्षतिग्रस्त होने की […]

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डुआर्स ब्रांच ऑफ इंडियन टी एसोसिएशन के सचिव ने जिलाधिकारी से की शिकायत

जलपाईगुड़ी : करीब 10 किमी लंबी बानरहाट-चामुर्ची एशियन हाई-वे की बदहाल दशा के चलते चाय के पौधे प्रभावित हो रहे हैं. सड़क से उड़ रही धूल की परत चाय की कोमल पत्तियों पर जम रही है जिससे फसल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है. सोमवार को इंडियन टी एसोसिएशन की डुआर्स ब्रांच के सचिव सुमंत्र गुहाठाकुरता और उपसचिव राणा दे ने जिलाधिकारी अभिषेक तिवारी से भेंटकर उक्त शिकायत दर्ज करायी.
इस दौरान इन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चाय बागानों से सड़क पर पानी का छिड़काव आर्थिक समस्या के चलते संभव नहीं है. इस संबंध में मदद के लिये जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है.
उल्लेखनीय है कि धूपगुड़ी प्रखंड अंतर्गत बानरहाट के चामुर्ची मोड़ से लेकर भूटान के सीमावर्ती चामुर्ची (साम्सी भूटान जानेवाले गेट तक) 10 किमी एशियन हाई-वे पिछले साल से ही बेहाल दशा में है. सड़क की देखरेख का जिम्मा बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ)के पास है इसके बावजूद मरम्मत के अभाव में सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो गये हैं. प्रतिदिन भारत और भूटान के बीच बोल्डर, बालू और बजरी से लदे डम्पर और लॉरियां चलती हैं जिससे सड़क का खस्ताहाल है.
पिछले कई माह से धूल से आसपास के लोग प्रभावित हो रहे हैं. यहां तक कि लोगों के घरों तक में धूल जा रही है जिससे लोग सांस की तकलीफ से परेशान है. इसको लेकर कई बार शिकायत करने पर भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
सुमंत्र गुहाठाकुरता ने बताया कि सड़क के बगल में पलासबाड़ी, चूनाभट्ठी, डायना, न्यू डुआर्स, आमबाड़ी, बानरहाट, चामुर्ची, रियाबाड़ी जैसे चाय बागानों में कोमल चायपत्तियां निकल रही हैं. कुछ ही दिनों बाद इन पत्तियों को तोड़ने का काम शुरु होगा. लेकिन इस बीच धूल की परत जमने से पत्तियों को क्षति पहुंच रही है. यहां तक कि न्यू डुआर्स समेत कई चाय बागानों के अस्पताल सड़क के किनारे ही हैं. उड़ रही धूल अस्पताल के अंदर जा रही है जिससे मरीज से लेकर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक प्रभावित हो रहे हैं.
वहीं, सड़क के किनारे बसे करीब एक लाख लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि प्रशासन से चाय बागानों को सड़क पर पानी का छिड़काव करने के लिये कहा गया था. डेड़ माह से पानी दिया जा रहा था. लेकिन फिलहाल चाय के पौधों की सिंचाई के चलते यह संभव नहीं है.
इस बारे में तृणमूल के वरिष्ठ नेता और जिला परिषद के मेंटर अमरनाथ झा ने कहा कि उन्होंने सुना है. चाय बागानों के अलावा स्थानीय लोग भी धूल की समस्या से पीड़ित हैं. जिला परिषद में इसको लेकर चर्चा की जायेगी.
जिलाधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि बीआरओ के अधिकारियों के साथ प्रशासन की बात हुई है. उन्होंने बताया है कि अगले वित्तीय वर्षमें सड़क की मरम्मत शुरु करेंगे. पानी के छिड़काव के मामले में कहा कि इसके विकल्प को लेकर विचार विमर्श किया जायेगा.
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