सुरक्षा के बीच कश्मीर से घर लौटे 118 श्रमिक
Updated at : 06 Nov 2019 1:46 AM (IST)
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घर लौटनेवालों में 112 दक्षिण दिनाजपुर जिले के, जबकि छह उत्तर दिनाजपुर के हेमताबाद और कालियागंज के रहनेवाले हैं बालुरघाट/रायगंज : जम्मू-कश्मीर में आतंक के साये में रोजी रोटी के लिये रह रहे उत्तर बंगाल के 118 श्रमिक कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच वापस लाये गये. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के कुल […]
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घर लौटनेवालों में 112 दक्षिण दिनाजपुर जिले के, जबकि छह उत्तर दिनाजपुर के हेमताबाद और कालियागंज के रहनेवाले हैं
बालुरघाट/रायगंज : जम्मू-कश्मीर में आतंक के साये में रोजी रोटी के लिये रह रहे उत्तर बंगाल के 118 श्रमिक कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच वापस लाये गये. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के कुल 133 श्रमिकों को पूरी हिफाजत के साथ घर लाया गया. इनमें से 112 श्रमिक दक्षिण दिनाजपुर जिले के निवासी हैं, जबकि उत्तर दिनाजपुर जिले के छह श्रमिक हैं.
ये छह श्रमिक हेमताबाद और कालियागंज प्रखंड क्षेत्र के निवासी हैं. कश्मीर से अपने राज्य में लौटे दक्षिण दिनाजपुर जिले के मोस्त जहांगीर आमल, महमूद होसेन, सलीम रेजा, सामिदार रहमान, रेजानूर हक ने बताया कि कश्मीर से लाये जाने के दौरान उत्तर बंगाल उन्नयन परिषद की वाइस चेयरमैन अर्पिता घोष मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगातार श्रमिकों के संपर्क में थीं.
मंगलवार को तड़के पांच बजे जिले के बुनियादपुर में श्रमिकों की टोली पहुंची तो इनकी अगवानी में वहां अर्पिता घोष के अलावा गंगारामपुर के एसडीओ देवांजन राय, एसडीपीओ दीप कुमार दास व अन्य अधिकारी मौजूद थे. प्रशासन द्वारा कपड़े, भोजन आदि देकर उन्हें अपने अपने गांव पहुंचाने की व्यवस्था की गयी. 112 में से 105 श्रमिक कुशमंडी से, पांच बंसीहारी से और दो गंगारामपुर ब्लॉक के निवासी हैं.
इनके अलावा उत्तर दिनाजपुर जिले के हेमताबाद और कालियागंज के छह श्रमिकों को भी प्रशासनिक देखरेख में घर पहुंचाया गया. ये श्रमिक कश्मीर के खान्दा इलाके के एक प्लाइवुड कारखाने में कार्यरत थे.
गंगारामपुर के एसडीओ देवांजन राय ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर 112 श्रमिकों को इस जिले में लाया गया है. फिलहाल इन श्रमिकों को मनरेगा योजना के तहत रोजगार दिलाया जायेगा. वहीं पूर्व सांसद अर्पिता घोष ने बताया कि इस तरह का अभूतपूर्व कदम उठाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है. घर लौटे श्रमिकों ने बताया कि कश्मीर वे लोग रोजगार की तलाश में गये थे. लेकिन वहां तो जान के लाले पड़े हुए थे. अगर राज्य सरकार उनकी मदद करे तो रोजगार के अवसर मिल सकते हैं.
रायगंज प्रतिनिधि के अनुसार उत्तर दिनाजपुर जिले के हेमताबाद और कालियागंज ब्लॉक के श्रमिक साबेरुल इस्लाम, सोहेल राणा, मेहफूज अली, जहांगीर आलम, रुबेल राणा और ईस्माइल हुसैन दो साल पहले कश्मीर के खान्दा इलाके में काम करने गये थे. मुर्शिदाबाद के श्रमिकों की हत्या के बाद ये श्रमिक भी दहशत में जी रहे थे. इन श्रमिकों ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट किया था. उसके बाद ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वहां से सुरक्षित वापस लाने का आदेश दिया.
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