30 लाख को लेकर गहराया विवाद
Updated at : 06 Jul 2019 1:36 AM (IST)
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एसएमसी को राज्य सरकार से नहीं मिला कोई पैसा: डिप्टी मेयर फिलहाल 5 फॉगिंग मशीन से 47 वार्ड में चल रहा है काम डिप्टी मेयर ने फॉगिंग मशीन के लिए पैसा नहीं मिलने का किया दावा सिलीगुड़ी : डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग मशीन खरीदने को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम में माकपा तथा तृणमूल […]
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एसएमसी को राज्य सरकार से नहीं मिला कोई पैसा: डिप्टी मेयर
फिलहाल 5 फॉगिंग मशीन से 47 वार्ड में चल रहा है काम
डिप्टी मेयर ने फॉगिंग मशीन के लिए पैसा नहीं मिलने का किया दावा
सिलीगुड़ी : डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग मशीन खरीदने को लेकर सिलीगुड़ी नगर निगम में माकपा तथा तृणमूल कांग्रेस के बीच विवाद शुरू हो गया है. एक ओर तृणमूल कांग्रेस राज्य स्वास्थ विभाग द्वारा नगर निगम को फॉगिंग मशीन के लिए पैसा देने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर एसएमसी के डिप्टी मेयर ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है.
वर्ष 2016-17 में सिलीगुड़ी में डेंगू के प्रकोप से सभी लोग अवगत हैं. इस दौरान सरकारी तथा गैरसरकारी चिकित्सा परिसेवा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी. काफी संख्या में डेंगू मरीजों के कारण सरकारी अस्पतालों में पैर तक रखने की जगह नहीं थी. वर्ष 2016 में तो अनजाने बुखार से कई लोगों की मौत भी हुई थी. जिससे सबक लेकर नगर निगम तथा राज्य स्वास्थ विभाग ने कई ठोस कदम उठाये थे. एक रिपोर्ट की माने तो 2018 में सिलीगुड़ी में डेंगू काफी हद तक नियंत्रण में था.
हाल ही में नगर निगम के मासिक बोर्ड मीटिंग में डेंगू को लेकर सभी ने चिंता जाहिर की थी. जहां मेयर ने सभी वार्डों के पार्षदों को लेकर एक कमेटी का गठन करने की भी बात कही थी. जानकारी मिली है कि सिलीगुड़ी नगर निगम के पास केवल मात्र पांच फॉगिंग मशीन मौजूद है. जिससे सभी 47 वार्डों में फॉगिंग किया जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में डेंगू पर नियंत्रण के बदले एसएमसी का माकपा बोर्ड तथा विरोधी पार्टी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं.
सिलीगुड़ी नगर निगम में विरोधी दल के नेता रंजन सरकार ने माकपा बोर्ड को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि माकपा बोर्ड शहर के लोगों को नागरिक सेवा देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि तृणमूल पार्षद खुद की पहल पर अपने-अपने इलाकों में डेंगू पर नियंत्रण के लिए काम कर रहे हैं .उनका कहना है कि काम करने के बदले मेयर तथा निगम अधिकारी एसी कमरे में बैठकर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 5 लाख रुपये की लागत से एसएमसी को मैक एलाइजा मशीन दिया गया था. आरोप है कि आज तक उसे चालू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि फॉगिंग मशीन के लिए भी राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसएमसी को तीस लाख दिये गये थे. लेकिन उस पैसे को कहां खर्च किया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है.
उन्होंने कहां कि डंपिंग ग्राउंड से शहर में प्रदूषण फैल रहा है. इसे लेकर भी एसएमसी कोई पहल नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि शहर में 50 से भी अधिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं. जिसका संचालन नगर निगम द्वारा होता है. आरोप है कि अधिकतर समय इन स्वास्थ केन्द्रो में ताला लगा होता है. सरकार से जो पैसा मिलता है नगर निगम उसे कहां खर्च कर रही है, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
दूसरी ओर नगर निगम के डिप्टी मेयर राम भजन महतो ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एसएमसी को फॉगिंग मशीन के लिए कोई पैसा नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि खुद मेयर ने अपने विधायक फंड से फॉगिंग मशीन खरीदने की पहल की है. उन्होंने कहा कि डेंगू से निपटने के लिए नगर निगम दिन-रात प्रयास कर रही है. शहर के सभी वार्डों में दो वक्त नियमित तौर पर फॉगिंग तथा स्प्रे का काम हो रहा है.
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