बेल पर भी सुनवाई नहीं, भर रहा जेल

Updated at : 12 May 2019 1:09 AM (IST)
विज्ञापन
बेल पर भी सुनवाई नहीं, भर रहा जेल

कोर्ट से निराश होकर लौट रहे लोग सिलीगुड़ी जेल में कैदियों को रखने तक की जगह नहीं बची है काफी संख्या में कैदियों को भेजा जा रहा जलपाईगुड़ी जेल 14 तक पूरे राज्य के साथ सिलीगुड़ी के वकील भी सीजवर्क पर सिलीगुड़ी : हावड़ा कोर्ट में वकीलों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बार […]

विज्ञापन

कोर्ट से निराश होकर लौट रहे लोग

सिलीगुड़ी जेल में कैदियों को रखने तक की जगह नहीं बची है
काफी संख्या में कैदियों को भेजा जा रहा जलपाईगुड़ी जेल
14 तक पूरे राज्य के साथ सिलीगुड़ी के वकील भी सीजवर्क पर
सिलीगुड़ी : हावड़ा कोर्ट में वकीलों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल ने राज्य के सभी जिला कोर्ट, रजिस्ट्री ऑफिस में आगामी 14 मई तक सीज वर्क का नोटिस ऐलान किया है. जिस वजह से कोर्ट के सभी काम बंद पड़े हैं. इसका सीधा असर आम लोगों पड़ रहा है. पूरे राज्य के साथ सिलीगुड़ी कोर्ट का भी यही हाल है.
पिछले 25 अप्रैल से सिलीगुड़ी कोर्ट में भी काम बंद है. कचहरी में केस मुकदमों से संबंधित काम के लिए आने वाले आम लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. आलम ये है कि बेल पर भी किसी की रिहाई नहीं हो रही. जिसके चलते सिलीगुड़ी जेल में कैदियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. जगह के अभाव में बाध्य होकर कैदियों को जलपाईगुड़ी भेजना पड़ रहा है.
गौरतलब हो कि 24 अप्रैल को गाड़ी पार्किंग लेकर हावड़ा कोर्ट के वकील तथा हावड़ा निकाय कर्मी के बीच झड़प हो गयी थी. विवाद इतनी बढ़ गयी कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इसमें घायल वकीलों को स्थानीय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. वकीलों का आरोप है कि बिना कुछ सोचे समझे पुलिस ने उन्हें लाठी से पिटना आरंभ कर दिया. महिला अधिवक्ताओं के साथ भी बुरा व्यवहार किया गया है.
जिसके बाद वकील राज्यव्यापी सीजवर्क पर हैं. आरोपियों को चिन्हित कर कार्यवाही की मांग पर बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल ने काम बंद नोटिस जारी कर दिया. इस घटना के बाद से वकील काम में शामिल नहीं हो रहे है. कोर्ट में काम बंद होने के चलते सिलीगुड़ी महकमा तथा दूर दराज से आने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. यहां तक कि सिलीगुड़ी कोर्ट परिसर भी सुनसान पड़ा है.
इस विषय पर सिलीगुड़ी महकमा के नक्लबाड़ी निवासी मुकेश महतो ने बताया कि वे पेशे से मजदूर हैं. किसी व्यक्तिगत काम के सिलसिले में वे पिछले दिन चार दिनों से रोज सिलीगुड़ी कोर्ट में आ रहे है. लेकिन यहां काम काज बंद पड़ा है. क्या कारण है उन्हें नहीं मालूम. उन्होंने बताया कि वे अकेले नहीं है जिन्हें यह समस्या हो रही है. बल्कि उनके जैसे सैकड़ों लोग है जो हर रोज यहां आकर खाली हाथ लौट रहे है. सरकार को जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है.कोर्ट परिसर में ठेला लगाने वाले एक व्यापारी परितोष सरकार ने बताया कि पिछले दस 15 दिनों से कोर्ट बंद है. जिस वजह से लोग नहीं आ रहे हैं.
उन्होंने बताया कि उनके रोजगार का एकमात्र जरिया सिलीगुड़ी कोर्ट है. उनकी बिक्री पूरी तरह से ठप हो गई है. इतनी महंगाई में परिवार चलाने में उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.वहीं सिलीगुड़ी कोर्ट के एक मोहरी मृत्यंजय सरकार ने बताया कि वे अधिवक्ता के दाहिने हाथ के रुप में काम करते है. बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल द्वारा सीजवर्क होने से वकील भी कोर्ट नहीं आ रहे. जिससे उन्हें भी काम नहीं मिल रहा. इस हड़ताल का सीधा असर उनके कारोबार पर रहा है. पहले 10 तारीख तक सीजवर्क था. जिसे बढ़ाकर 14 तारीख तक कर दिया गया. उन्होंने बताया कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिये.
दूसरी ओर इस पूरे मामले को लेकर सिलीगुड़ी बार एसेसिएशन के सचिव मोहम्मद युसूफ अली ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल ने सभी वकीलों को 14 मई तक कोर्ट के काम से दूर रहने को कहा है. 24 अप्रैल की घटना काफी निंदाजनक है. पुलिस के खिलाफ सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. जिसे लेकर हाई कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गयी है.
समस्या को स्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न कामों से आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जमानती मामलों में बेल नहीं होने के चलते सिलीगुड़ी जेल में कैदियों की संख्या बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहां कि आम लोग वकील पर आस्था रखकर उन्हें कोई केस सौंपते है.
आज काम नहीं होने के कारण वे लोगों को जवाब नहीं दे पा रहे है. उन्होंने बताया कि ये कोई बड़ी समस्या नहीं है. अगर प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करती है तो ये मामला कब का शांत हो गया होता. युसुफ अली के अनुसार कोर्ट में काम बंद होने के चलते जूनियर वकील तथा आसपास के छोटे व्यापारी को समस्या काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. वे भी इस समस्या का जल्द समाधान चाहते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola